26/11 की यादें ताज़ा कर दीं नैरोबी आतंकी हमले ने
नैरोबी। कीनिया की राजधानी में स्थित शॉपिंग मॉल में शनिवार को एक दर्जन से ज्यादा बंदूकधारियों ने घुसते ही ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। भगदड़ मची, लोग भागने लगे और देखते ही देखते लाशें बिछती गईं। ऐसा ही मंजर 26 नवंबर 2008 को मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन का था। नैरोबी में यह हमला मॉल में हुआ, जिसमें अभी भी आतंकियों से मुठभेड़ जारी है। वहीं मुंबई में भी ऐसा ही मंजर था, जब 36 घंटे से ज्यादा देर तक मुठभेड़ चली और मोर्चा संभाला एनएसजी ने।
नैरोबी में अब तक 2 भारतीयों समेत 40 लोगों के मरने की खबर है और 100 से ज्यादा घायल हैं। वहीं मुंबई में 164 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 308 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। नैरोबी में आतंकी हमला आतंकी संगठन अल-शबाब ने किया और मुंबई पर लश्कर-ए-तैयबा ने किया था।

उस हमले ने भारत को तोड़ कर रख दिया था और आज नैरोबी में इस हमले ने कीनिया को। कीनिया के मॉल का नजारा बेहद दर्दनाक है। मॉल की हर मंजिल पर लाशें बिछी हुई हैं। ऐसा ही मंजर 2008 में नरिमन हाउस, होटल ओबेरॉय, होटल ताज और नरिमन प्वाइंट का था। सरकार ने अभी तक 40 की मौत की पुष्टि की है, जबकि आतंकी संगठन ने 100 से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतारने का दावा किया है।
इस समय पूरे कीनिया में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। कीनिया के राष्ट्रपति उहुरु केन्याता ने इस हमले की निंदा की है जिसकी जिम्मेदारी सोमालिया के आतंकवादी संगठन अल-शाबाब ने ली है। आतंकी संगठन का कहना है कि यह हमला सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र के अभियान में कीनिया के सैन्य सहयोग बदला लेने के लिए किया गया है। कीनिया की सेना सोमालियाई सरकार की अल-शाबाब जैसे इस्लामिक आतंकवादी संगठन के खिलाफ जारी लड़ाई में समर्थन कर रही है।
कीनिया के राष्ट्रपति ने टेलीविजन भाषण में कहा, "उन्होंने 39 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी है और 150 से अधिक घायल हो गए हैं। पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"












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