म्यांमार के मांडले को सेना ने बनाया जालियांवाला बाग, हजारों प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग, कई लोगों की मौत
म्यांमार के मांडले में हजारों प्रदर्शनकारियों पर सेना ने गोलियां चला दी हैं। जिसमें कई लोगों के हताहत और घायल होने की खबर है।
मांडले: अंग्रेजों के खिलाफ आजादी के आंदोलन में हजारों लोग जालियांवाला बाग में प्रदर्शन कर रहे थे और क्रूर अंग्रेजों ने शांतिपूर्ण सभा कर रहे भारतीय लोंगो पर गोलियां चलवा दी थीं। जिसमें सैकड़ों निहत्थे भारतीय प्रदर्शनकारी देश के लिए शहीद हो गये थे। म्यांमार के मांडले में भी म्यांमार सेना ने ऐसा ही किया है। हजारों की तादाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकर रहे लोगों पर गोलियां चलवा दी गई हैं। म्यांमार से जो तस्वीरें निकलकर सामने आ रही हैं वो विचलित करने वाली हैं।
मांडले में प्रदर्शनकारियों पर सेना ने बुरी तरह से जुल्म किया है और जुल्म की उन तस्वीरों को देखने के बाद यूनाइटेड नेशंस के रिपोर्टर ने कहा है कि म्यांमार की सेना लोगों का नरसंहार कर रही है।

बलिदानों का गवाह है मांडले
म्यांमार का मांडले शहर सेना के खिलाफ प्रदर्शनकारियों का प्रमुख स्थान बन गया है। मांडले के डीएनए में ही विद्रोह है और मांडले का सेना के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंकना कोई नया नहीं है बल्कि अंग्रेजों के जमाने से ही मांडले विद्रोहियों का प्रमुख स्थल रहा है। 1937 तक म्यांमार यानि बर्मा भी भारत का ही हिस्सा था और भारत के स्वाधीनता सेनानियों को अंग्रेजी सरकार कैद कर मांडले में ही रखती थी। बाल गंगाधर तिलक, बहादुर शाह जफर जैसे क्रांतिकारियों को मांडले जेल में ही रखा गया था तो भारत के गिरमिटिया मजदूरों को भी मांडले में रखा जाता था। मांडले की जेले हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों का गवाह है और अब वही मांडले म्यांमार के सैन्य शासकों के अत्याचार का गवाह बन रहा है।

मांडले बना जालियांवाला बाग!
म्यांमार से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक आज मांडले में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों पर सेना ने गोलियां चलवा दी हैं। जिसमें कई लोगों के मारे जाने की संभावना है। मांडले में सेना के अत्याचार के खिलाफ सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें पोस्ट की जा रही हैं, जिसमें सेना को गोलियां बरसाते देखा जा रहा है। वहीं, कई तस्वीरों में घायलों को भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक मांडले में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सेना के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और तभी सेना ने उनपर गोलियां चला दी हैं।

हजारों की भीड़ पर फायरिंग
चश्मदीदों का कहना है कि सेना द्वारा चलाई गई गोली में कई लोग घायल हुए हैं जबकि कई लोगों को मौत हो गई है। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि मांडले में कितने लोगों की मौत हुई है लेकिन मांडले ने प्रदर्शनाकारियों की क्रांति को और हवा दे दी है। म्यांमार की एक मेडिकल स्टूडेंट ने लिखा है कि म्यांमार की आतंकी सेना ने मांडले में प्रदर्शनाकारियों पर फायरिंग किया है जिसमें कई लोग मारे गये हैं। हजारों लोगों की भीड़ पर गोलियां चलाई गई है। लेकिन, इसके बाद भी लोग थमने वाले नहीं है। लोगों की लड़ाई जारी रहेगी।

म्यांमार में सेना का आतंक
ह्यूमन राइट वाच के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर केनथ रोथ ने दावा किया है कि ऐसा लगता है कि म्यांमार में सेना ने जनता के खिलाफ ही युद्ध का ऐलान कर दिया है और शांतिपूर्ण भीड़ पर भी गोलियां चलाई जा रही है। वहीं, यूएन के स्पेशल रिपोर्टर टॉम एंड्रयू ने अब वक्त आ गया है जब यूनाइटेड नेशंस को म्यांमार में सीरियस होकर दखल देना चाहिए और म्यांमार सेना के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि म्यांमार में सेना ने आतंक मचा रहा है और सेना के आतंक को सामने से देखना और उसे बर्दाश्त करना बेहद मुश्किल है। सेना लगातार लोगों का मर्डर कर रही है, प्रदर्शनकारियों को टॉर्चर कर रही है, भारी तादाद में लोगों की गिरफ्तारी की जा रही है और ऐसा लग रहा है कि सेना ने लोगों को मारने का फैसला कर लिया है। म्यांमार में सेना का कृत्य मानवता के खिलाफ हिंसा का ऐलान करना है।












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