म्यांमार की नेता आंग सान सू की को पहली बार किया गया कोर्ट में पेश, गृहयुद्ध छिड़ने की है आशंका
म्यांमार में लोकतांत्रिक सरकार को एक फरवरी को सेना ने सत्ता से हटा दिया था और उसके बाद से म्यांमार में सैन्य शासन लगा हुआ है।
नाएप्यीडॉ/यंगून, मई 24: म्यांमार की 75 वर्षीय नेता आंग सान सु की को आज पहली बार कोर्ट में पेश किया गया। मिलिट्री कोर्ट में पेश होने के बाद उनकी तबीयत सही थी। इससे पहले आशंका जताई जा रही थी कि पता नहीं नजरबंद नेता आंग सान सू की तबीयत कैसी है। म्यांमार में एक फरवरी को सैन्य तख्तापलट के बाद ये पहला मौका है जब आंग सान सू की को कोर्ट में पेश किया गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान उन्हें वकील से करीब आधे घंटे तक बात करने का मौका दिया गया। उनकी वकील मुंग-मुंग के मुताबिक 'उन्होंने अपने देश के नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है और उन्हें कहा है कि म्यांमार में राजनीतिक पार्टी हमेशा रहेगी, उसका खात्मा नहीं किया जा सकता है। म्यांमार की जनता जब कर रहेगी, तब तक म्यांमार में लोकतंत्र रहेगा'

म्यांमार में गृहयुद्ध की आशंका
म्यांमार में लोकतांत्रिक सरकार को एक फरवरी को सेना ने सत्ता से हटा दिया था और उसके बाद से म्यांमार में सैन्य शासन लगा हुआ है। एक फरवरी के बाद से ही म्यांमार में जनता और सैनिकों के बीच में झड़प हो रहा है और अब तक 700 से ज्यादा लोग सैनिकों से झड़प में मारे जा चुके हैं। जिसके बाद अब विद्रोहियों ने भी सैनिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के काया राज्य में स्थानीय विद्रोहियों और सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में सेना के 40 जवानों की मौत हो गई वहीं 100 से ज्यादा जवान घायल हो गये हैं।
म्यांमार में पलायन शुरू
रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार में विद्रोही संगठन पीपुल्स डिफेंस फोर्स और सेना के बीच काफी बड़ी झड़प हुई है। जिसमें 40 सैनिकों की मौत हो गई है जबकि सौ से ज्यादा सैनिक घायल हुए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सेना ने स्थानीय लोगों पर बेवजह गोलियां बरसाई हैं, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं और कई घरों को नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि म्यांमार की एक बड़ी आबादी लगातार सेना का विरोध कर रही है जबकि कई लोग अपने अपने घरों को छोड़कर पलायन भी करना शुरू कर चुके हैं।












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