Myanmar earthquake: म्यांमार में भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 1000 के पार, भारत समेत इन देशों ने भेजी मदद
Myanmar earthquake: म्यांमार और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में शुक्रवार (28 मार्च) को आए भूकंप ने पूरी दुनिया के लोगों का दिल दहला दिया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस भूकंप में लगभग 1,000 लोगों की मौत हो गई और 2,000 से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक अभी बचाव अभियान जारी है इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। शहर के पूरे अस्पताल भरे हुए हैं और भारी मात्रा में रक्त की डिमांड है। वहीं बैंकॉक में निर्माणाधीन एक ऊंची इमारत ढह गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है।
म्यांमार के सैन्य जुंटा नेता जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने और अधिक मौतों और हताहतों की चेतावनी दी है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समर्थन का अनुरोध किया है। उन्होंने सरकारी प्रसारक एमआरटीवी पर एक वीडियो भाषण में कहा, "मैंने राहत प्रयासों के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन का अनुरोध किया है, और एएचए सेंटर और भारत से समर्थन के कुछ प्रस्तावों को भी स्वीकार किया है। वहीं थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने कहा कि उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने और उसका समाधान करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही संभावित झटकों की चेतावनी भी दी है। उन्होंने किसी हताहत का ज़िक्र नहीं किया।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी एमआरटीवी ने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर बताया कि शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में म्यांमार में कम से कम 694 लोग मारे गए और 1,670 लोग घायल हो गए। बैंकॉक समेत पूरे क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जहां निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई, जिसमे कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 117 से ज़्यादा लोग लापता हो गए।
थाई राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है
थाई राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। म्यांमार की सत्तारूढ़ सेना ने भी कई क्षेत्रों में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है। म्यांमार के सत्तारूढ़ सैन्य जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने सरकारी टेलीविज़न पर कहा कि उन्होंने "किसी भी देश" को मदद और दान देने के लिए आमंत्रित किया है, उन्होंने चेतावनी दी कि इससे और भी मौतें और हताहत होंगे।
USGS ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी, जिसका केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले से लगभग 17.2 किलोमीटर दूर था, जिसकी आबादी लगभग 1.2 मिलियन है। इसके तुरंत बाद 6.4 तीव्रता का एक और झटका आया।
The US Geological Service's automated system, पेजर के अनुमान के अनुसार
The US Geological Service's automated system, पेजर का अनुमान है कि म्यांमार में कल आए भूकंप के कारण 10,000 से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। हालांकि, यह केवल एक प्रारंभिक अनुमान है और इसमें भूस्खलन, द्रवीकरण और सुनामी जैसी माध्यमिक आपदाओं को शामिल नहीं किया गया है, जिसमें वर्तमान में मरने वालों की संख्या 144 है। थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने कहा कि उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने और उसका समाधान करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही संभावित झटकों की चेतावनी भी दी है। उन्होंने किसी हताहत का ज़िक्र नहीं किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने X पर किया पोस्ट
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर चिंता जताते हुए शुक्रवार को X पर पोस्ट करते हुए लिखा- म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है।
म्यांमार के लिए करीब 15 टन राहत सामग्री भेजी गई
म्यांमार में आए भीषण भूकंप को लेकर विश्व के अन्य देशों ने मदद की घोषणा की है। भारतीय वायुसेना के हिंडन स्टेशन से शुक्रवार(28 मार्च) देर रात भारतीय वायुसेना के सी 130-जे विमान में भूकंप प्रभावित म्यांमार के लिए करीब 15 टन राहत सामग्री भेजी गई। इस बात की पुष्टि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने की। भेजी गई राहत सामग्री में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, भोजन, वाटर प्यूरीफायर, स्वच्छता किट, टीवी, सौर लैंप, जनरेटर सेट, तथा आवश्यक दवाइयां जैसे पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, कैनुला, सीरिंज, दस्ताने, सूती पट्टियां, मूत्र बैग आदि शामिल हैं।
रणधीर जायसवाल ने X पर किया पोस्ट
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट करते हुए लिखा- ऑपरेशन ब्रह्मा - भारत कल के भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में कार्य कर रहा है। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री की हमारी पहली खेप यांगून पहुंच गई है।
संयुक्त राष्ट्र म्यांमार के लिए समर्थन जुटा रहा है: एंटोनियो गुटेरेस
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र म्यांमार के लिए समर्थन जुटा रहा है, जहाँ विनाशकारी भूकंप ने लगभग 150 लोगों की जान ले ली है। गुटेरेस ने कहा कि म्यांमार सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय सहायता का अनुरोध किया है। म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र की टीम ने पहले से ही संसाधन जुटाने और प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रही है, क्योंकि यह देश इस आपदा का सामना करने में क्षेत्र का सबसे कमज़ोर देश है। राहत कार्य शुरू करने के लिए 5 मिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा "हम मदद करेंगे"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने म्यांमार के अधिकारियों से बात की है और पुष्टि की है कि उनका प्रशासन सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, "हम मदद करेंगे
37 सदस्यीय चीनी आपदा प्रतिक्रिया दल म्यांमार पहुंची
स्टेट Broadcaster सीसीटीवी के अनुसार, 37 सदस्यीय चीनी आपदा प्रतिक्रिया दल म्यांमार में चल रहे राहत कार्यों में सहयोग करने के लिए पहुंच गया है। युन्नान से भेजी गई यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल उपग्रहों सहित आपातकालीन बचाव उपकरणों के 112 सेट लेकर आई है।












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