मेरा माइंड गेम कर रहा है काम... विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस के दौरे से तिलमिलाए पश्चिमी आलोचकों को धोया
S jaishankar Russia Visit: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने रूस के दौरे की आलोचना करने वाले पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों को करारा जवाब दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा, कि मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंध फायदेमंद साबित हुए हैं। उन्होंने दोहराया कि रूस के साथ देश के संबंध 'महत्वपूर्ण और स्थिर' हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में, जयशंकर ने अन्य देशों के साथ व्यवहार करते समय भारत को विचारशील दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है।

जयशंकर ने अपनी पांच दिवसीय रूस यात्रा पर पश्चिमी मीडिया की प्रतिक्रिया के जवाब में कहा, "अगर लोग मुझे नहीं पढ़ नहीं पा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि मेरा माइंड गेम काम कर रहा है।"
उन्होंने कहा, "लेकिन ईमानदारी से जवाब यह है, कि मुझे कोई कारण नहीं दिखता, कि लोगों को कुछ लेनादेना होना चाहिए, क्योंकि आप जानते हैं, कि हमने हमेशा से कहा है, कि रूस के साथ हमने हमेशा से महत्वपूर्ण रिश्ते को बनाकर रखा है और रूस के साथ हमारा रिश्ता लगाातार एक समान स्थिर रहा है।"
गौरतलब है कि भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर तटस्थ रुख अपनाया है, साथ ही मामले को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति की भी वकालत की है। संघर्ष पर भारत की राय के संबंध में पीएम मोदी ने 2021 में भी कहा था कि ''यह युद्ध का युग नहीं है।''
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, कि उन्होंने बार-बार रूस के साथ भारत के संबंधों के महत्व को दोहराया है। उन्होंने कहा, कि "मैंने इसके बारे में अपनी किताब में लिखा है, और मेरा मतलब है कि मैंने इसे मॉस्को में कहा था।" पूर्व राजनयिक ने कहा, कि "राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी मुलाकात से पहले ही मैंने मॉस्को में सार्वजनिक रूप से यह कहा था, कि हम इस रिश्ते को महत्व देते हैं। यह एक ऐसा रिश्ता है, जिसने भारत को काफी फायदा पहुंचाया है।''
इससे पहले दिसंबर में जयशंकर रूस की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे, इस दौरान उन्होंने क्रेमलिन में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। उन्होंने अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव और रूस के उप प्रधान मंत्री डेनिस मंटुरोव से भी मुलाकात की थी।
अपने दौरे के दौरान भी जयशंकर ने कहा था, कि भारत और रूस के रिश्ते कूटनीति या अर्थशास्त्र से कहीं ज्यादा गहरे हैं।
आपको बता दें, कि रूसी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले साल रूस आने का निमंत्रण भी दिया है। पुतिन ने जयशंकर से मुलाकात के दौरान कहा, ''हमें अपने दोस्त प्रधानमंत्री मोदी को रूस में देखकर खुशी होगी।'' पुतिन के हवाले से कहा गया है, कि उनकी यात्रा पर, "हम सभी प्रासंगिक, वर्तमान मुद्दों पर चर्चा करने और रूसी और भारतीय संबंधों की संभावनाओं पर बात करने में सक्षम होंगे।"
रूस-भारत संबंधों के बारे में बात करते हुए, जयशंकर ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं उस पर प्रतिक्रिया दे रहा हूं, कि मुझसे वह विशेष प्रश्न कैसे पूछा गया और मुझे पता है कि यह आपका इरादा नहीं है। हमारे लिए, रूस एक बहुत ही मूल्यवान भागीदार है।"
आपको बता दें, कि रूसी दौरे पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा था, कि "यह बहुत समय की कसौटी पर परखी गई भागीदार है। यह एक ऐसा संबंध है, जिससे भारत और रूस दोनों को बहुत लाभ हुआ है और आज यहां मेरी उपस्थिति से आप सभी जानते हैं, कि मैंने हमारे बढ़ते व्यापार, निवेश, हमारे सैन्य-तकनीकी सहयोग, हमारी कनेक्टिविटी परियोजनाओं सहित सभी विकासों पर प्रकाश डाला है। मुझे लगता है कि यह सब आपको उस महत्व और मूल्य का अच्छी तरह से एहसास दिलाएगा जो हम रिश्ते को देते हैं।"












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