डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह शामिल होंगे मुकेश और नीता अंबानी, कैंडल डिनर के दौरान की मुलाकात
भारत के उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में विशेष आमंत्रित मेहमान के रूप में शामिल हुए। यह उपस्थिति न केवल अंबानी परिवार और ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों को रेखांकित करती है। बल्कि भारत के वैश्विक प्रभाव को भी उजागर करती है।
मुकेश अंबानी जो रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख हैं। इस समारोह में भारत के महत्वपूर्ण प्रतिनिधि के रूप में नजर आए। अमेरिकी अरबपतियों, राजनेताओं और मशहूर हस्तियों के साथ उनकी उपस्थिति भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके व्यक्तिगत कद को दर्शाती है।

अंबानी परिवार को निमंत्रण और कैंडललाइट डिनर में भागीदारी
डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत निमंत्रण पर अंबानी परिवार इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बना। मुकेश अंबानी कैंडललाइट डिनर में आमंत्रित किए गए एकमात्र भारतीय थे। डिनर में उन्होंने अमेरिकी नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस से बातचीत की। यह कार्यक्रम केवल एक सामाजिक सभा नहीं थी। बल्कि प्रभावशाली हस्तियों के बीच नेटवर्किंग और कूटनीतिक चर्चाओं का अवसर था।
अंबानी-ट्रंप के गहरे संबंध
अंबानी परिवार और ट्रंप परिवार के संबंध समय के साथ और गहरे होते गए हैं। 2017 में इवांका ट्रंप के ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप समिट में मुकेश अंबानी की उपस्थिति। फिर 2020 में ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान उनकी अंबानी परिवार से दोस्ताना मुलाकात। इसके बाद 2024 में अनंत अंबानी के प्री-वेडिंग समारोह में इवांका ट्रंप और उनके परिवार का पारंपरिक भारतीय परिधान में शामिल होना अंबानी परिवार और ट्रंप के संबंधों को दर्शाता है।
अंबानी परिवार की ट्रंप के साथ यह घनिष्ठता न केवल पारिवारिक संबंधों को दर्शाती है। बल्कि यह भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और कूटनीतिक साझेदारी को भी प्रतिबिंबित करती है।
शपथ ग्रहण समारोह में भारत की प्रमुखता
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मुकेश अंबानी को विशेष रूप से आमंत्रित करना भारत के बढ़ते वैश्विक कद का प्रतीक है। इस समारोह में राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, एलन मस्क, जेफ बेजोस जैसे अन्य हाई-प्रोफाइल मेहमान भी उपस्थित थे। अंबानी परिवार का इस कार्यक्रम में शामिल होना भारत के लिए वैश्विक स्तर पर एक सॉफ्ट पावर प्रदर्शन जैसा था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की चुप्पी और अटकलें
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अभी तक अंबानी परिवार की इस भागीदारी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि उनकी उपस्थिति और बातचीत की प्रकृति ने अटकलों को जन्म दिया है। इस तरह के समारोहों में उनकी भागीदारी न केवल उनके व्यापार कौशल को दर्शाती है। बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने की उनकी क्षमता को भी साबित करती है।
मुकेश और नीता अंबानी की डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थिति भारत के वैश्विक प्रभाव और अंबानी परिवार के अंतरराष्ट्रीय कद को दर्शाती है। कैंडललाइट डिनर जैसे खास आयोजनों में भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि भारत के कारोबारी नेताओं का प्रभाव सिर्फ आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। बल्कि यह वैश्विक कूटनीति और राजनीतिक मंचों तक भी फैला हुआ है। अंबानी परिवार की इस भागीदारी ने भारत और अमेरिका के संबंधों को और गहरा करने में अहम भूमिका निभाई है।












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