'हमारे लिए गौरवशाली दिन', मोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए बांग्लादेश लौटे

युनुस ने हवाई अड्डे पर मीडिया से कहा कि आज हमारे लिए गौरवशाली दिन है। बांग्लादेश ने एक नया विजय दिवस बनाया है। बांग्लादेश को दूसरी आज़ादी मिली है। अब यूनुस के शाम 8 बजे (14:00 GMT) शपथ लेने से पहले सेना प्रमुख और राष्ट्रपति के साथ बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।
अंतरिम सरकार नेतृत्व के लिए क्यों चुना गया यूनुस को?
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने यूनुस को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना था, जिससे छात्र आंदोलन के नेताओं की एक प्रमुख मांग पूरी हो गई। क्योंकि छात्र किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते थे, जो गैर-विवादास्पद, गैर-राजनीतिक हो, जो तटस्थ हो, जिसके वैश्विक संपर्क हों और जो इस संकटग्रस्त समय में बांग्लादेश के लिए कुछ कर सके।
आपको बता दें कि कई सप्ताह तक चले छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारत छोड़ना पड़ा। पिछले महीने छात्र विवादास्पद सरकारी नौकरी कोटा प्रणाली के विरोध में सड़कों पर उतर आए थे। इसके हसीना के 15 साल के शासन के सबसे हिंसक दौर में कुछ ही हफ्तों के भीतर लगभग 300 लोग मारे गए। 76 वर्षीय हसीना को पद छोड़ने और भागने के लिए मजबूर होना पड़ा, और लाखों बांग्लादेशी उनके राजनीतिक पतन का जश्न मना रहे हैं।
कौन हैं यूनुस?
यूनुस एक अर्थशास्त्री और बैंकर हैं, जिन्हें ग्रामीण बैंक की स्थापना के लिए 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जिसने सूक्ष्म ऋणों के माध्यम से गरीबी से लड़ने में अग्रणी भूमिका निभाई थी। वरिष्ठ शिक्षाविद इस साल जमानत पर विदेश यात्रा पर गए थे, क्योंकि उन्हें राजनीति से प्रेरित होने के आरोप में छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। बुधवार को ढाका की एक अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
यूनुस पर 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए और एक सरकारी एजेंसी ने उन पर समलैंगिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ बदनामी का अभियान चलाया। अदालतों पर हसीना सरकार के निर्णयों पर अपनी मुहर लगाने का आरोप लगाया।












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