पाकिस्तान में सामने आया आतंक का सबसे खौफनाक चेहरा, 100 से अधिक बच्चों का कत्लेआम

पेशावर। आतंकवाद का सबसे घिनौना और घृणित चेहरा आज पाकिस्तान के पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में सामने आया है। पाकिस्तान में आतंक के इस दुर्दांत चेहरे से पूरी दुनिया दहल गयी है। स्कूल के भीतर तकरीबन 125 मासूम बच्चों को आतंकियों ने मौत के घाट सुला दिया। इस दुर्दांत घटना के बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।

pak attack

दिनभर का घटनाक्रम, 123 की मौत सैकड़ों घायल
पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में सुबह तकरीबन 10 बजे उस समय हड़कंप मच गया जब तकरीबन छह हथियारबंद आतंकी एकदम से घुसे। तालिबानी आतंकियों ने सेना की वर्दी पहन रखी थी। हालांकि स्कूल के भीतर शिक्षकों ने बच्चों को यह कहकर शांत करने की कोशिश की कि यह सेना की मॉक ड्रिल है लेकिन कुछ ही देर में आतंकियों ने पूरे स्कूल को बंधक बना लिया।

देखते ही देखते आतंकियों ने पूरे स्कूल को बंदूक की नोक अपने कब्जे में कर लिया उसके बाद आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरु कर दी। मौके पर तुरंत पाकिस्तानी सेना और पुलिस के जवान पहुंचे। जहां उन्होंने बच्चों को बचाने के लिए आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरु किया।

इस अभियान में के दौरान तकरीबन 100 बच्चों समेत 126 लोगों को आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया। वहीं इस अभियान में स्कूल के शिक्षकों सहित कई सेना के जवानों की जान चली गयी। आतंकियों ने स्कूल के भीतर तकरीबन 500 बच्चों को बंधक बना लिया था। वहीं इस आतंकी हमले में कई सैकड़ों लोग गंभीर रुप से घायल हुए सभी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तहरीक-ए-तालिबान ने ली जिम्मेदारी
पाकिस्तान के इस स्कूल में हुए इस आतंकी हमले के कुछ देर बाद आतंकी संगठन तरीक-ए-तालिबान ने जिम्मेदारी ली। आतंकियों ने एक बयान जारी करके कहा कि उन्होंने ऐसा सेना से बदला लेने के लिए यह हमला किया है। संगठन का कहना है कि हम उन्हे यह एहसास दिलाना चाहते थे कि बच्चों के खोने का दर्द क्या होता है। वहीं पाकिस्तानी मीडिया की मानें तो तालिबानी आतंकी मलाला युसुफजई को नोबेल पुरस्कार दिए जाने से खफा थे जिसके चलते उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है।

बच्चों के जश्न को खून की होली में बदला
जिस वक्त आर्मी पब्लिक स्कूल में यह आतंकी हमला हुआ उस वक्त स्कूल में 10-12वीं बच्चों की फेरवल पार्टी चल रही थी। हमले के समय 14-15 साल के स्कूली बच्चे अपने स्कूल के दिनों का आनंद उठा रहे थे ठीक उसी वक्त खुंखार आतंकियों ने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। लेकिन देखते ही देखते जश्न का यह माहौल खून की होली में तब्दील हो गया।

सभी आतंकी 17-18 साल के
गौर करने वाली बात यह है कि पेशावर के ऑर्मी पब्लिक स्कूल में जिन छह तालीबानी आतंकियों ने हमला किया उनकी उम्र महज 17 से 18 वर्ष के बीच थी। तकरीबन आठ घंटे चले इस अभियान में सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराया है। हालांकि उनमें से एक आतंकी ने खुद को आत्मघाती बम से अपने आप को मौत के घाट उतार दिया। ऐसे में यह सोचने वाली बात यह है कि खुंखार आंतकी नौजवान युवाओं का अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने में इस्तेमाल कर रहे है।

पाकिस्तान में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने ऑर्मी स्कूल में हुए खुंखार आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस हमले के दहशदगर्दों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने इस घटना के बाद पाकिस्तान में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+