400 साल से भी ज्यादा पुराना कोरल वैज्ञानिकों ने खोजा, 80 चक्रवातों को झेलने के बाद भी जिंदा
कैनबरा, 24 अगस्त: आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में ग्रेट बैरियर रीफ में 400 साल से ज्यादा पुराना और असाधारण रूप से बड़े कोरल की खोज हुई है। ऑस्ट्रेलिया की जेम्स कुक यूनिवर्सिटी के मुताबिक रीफ पर मापे गए अब तक के किसी भी अन्य कोरल की तुलना में यह लगभग ढाई मीटर चौड़ा है। एक विशेषज्ञ के अनुसार यह 421 से 438 साल पुराना हो सकता है। इस कोरल की खोज के बाद वैज्ञानिक भी बहुत खुश नजर आ रहे हैं।

5.3 मीटर लंबा और 10.4 मीटर चौड़ा कोरल
आस्ट्रेलिया की जेम्स कुक यूनिवर्सिटी के एडजंक्ट एसोसिएट प्रोफेसर और रीफ इकोलॉजिक के प्रबंध निदेशक डॉ. एडम स्मिथ ने कहा कि कोरल, जिसे इसके वैज्ञानिक नाम पोराइट्स एसपी के नाम से जाना जाता है। उसकी खोज वैज्ञानिकों ने रीफ इकोलॉजिक के साथ एक समुद्री नागरिक विज्ञान पाठ्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों द्वारा की। उन्होंने बताया कि यह अर्धगोल है और 5.3 मीटर लंबा और 10.4 मीटर चौड़ा है। यह अभी तक के ग्रेट बैरियर रीफ के सबसे बड़े कोरल से 2.4 मीटर चौड़ा है।

80 चक्रवातों का किया कोरल ने सामना
इस कोरल की खोज गुलबूडी (ऑर्फियस द्वीप) के तट पर की गई थी। जो क्वींसलैंड में पाम आईलैंड ग्रुप का हिस्सा है। पाम आईलैंड ग्रुप का पारंपरिक संरक्षक मनबरा लोगों द्वारा इसे मुगा ढांबी नाम दिया गया है। डॉ. स्मिथ ने बताया कि मुगा धांबी 80 प्रमुख चक्रवातों का सामना कर चुका है। वहीं यहां कई कोरल ब्लीचिंग जैसी घटनाएं के संपर्क में आने के बावजूद यह बहुत अच्छे हालात में है, जिसमें 70 फीसदी जिंदा कोरल शामिल हैं।

जलवायु परिवर्तन से सबसे बड़ा खतरा
इस हफ्ते जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में कोरल का वर्णन किया गया है। डॉ. स्मिथ ने कहा कि रीफ इकोलॉजिक टीम के साथ गुलबूडी द्वीप की चट्टानों के बारे में समय की निगरानी, खोज और ज्ञान साझा करना एक अमूल्य अनुभव था, जो मुझे समुद्री विज्ञान की दुनिया में भविष्य के लिए उत्साहित करता है। मैं मानता हूं कि ग्रेट बैरियर रीफ के लिए सबसे बड़ा खतरा जलवायु परिवर्तन है।

मूंगा धांबी जैसे कोरल की सुरक्षा करना जरूरी
वहीं दुर्लभ और असामान्य रूप से लचीले बड़े कोरल की निगरानी करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों से बढ़ते खतरों के साथ, पानी की गुणवत्ता में गिरावट, अत्यधिक मछली पकड़ने और तटीय विकास के कारण मूंगा धांबी जैसे कोरल की सुरक्षा करना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस रिसर्च के दौरान हमने ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को भी मापा है, जो कार्बन पॉजिटिव पॉलिसी का हिस्सा थी।
An exceptionally large coral has been discovered on the Great Barrier Reef – it’s more than 400 years old and nearly two and a half metres wider than any other coral measured on the Reef.https://t.co/ZsMHyCZOOh pic.twitter.com/sEBSuZxsEm
— James Cook Uni (@jcu) August 20, 2021












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