ईरान में फिर से हिजाब जरूरी, 10 महीने बाद सड़कों पर लौटी मोरैलिटी पुलिस, खुले बाल वाली महिलाओं पर एक्शन
ईरान में 10 महीने पहले महसा अमीनी की हत्या के बाद लोगों के अभूतपूर्व प्रदशनों के बाद ऐसा लग रहा था कि महिलाओं के लिए देश में हालात बदलेंगे। लेकिन अब ईरान में एक बार फिर से सड़कों पर मोरैलिटी पुलिस नजर आने लगे हैं।
इसके साथ ही महिलाओं के हिजाब पहनने पर सख्ती शुरू हो गई है। महिलाओं को हिजाब पहनने पर मजबूर किया जा रहा है। माोरैलिटी पुलिस बिना हिजाब वाली महिलाओं को फिर से पकड़ने लगी है।

बीते साल सितंबर में महिसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पश्चिमी देशों का समर्थन मिलने के बाद ये लगातार तेज होता गया जिसके बाद मोरल पुलिसिंग बंद कर दी गई थी।
हालांकि ईरान सरकार ने बेरहमी से इन प्रदर्शनों को कुचल डाला। इस दौरान 500 प्रदर्शनकारी मारे गए। ईरानी कानून के तहत, महिलाओं को अपने बालों को हिजाब (हेडस्कार्फ़) से ढंकना अनिवार्य है। इस दौरान उन्हें अपने देह को छिपाने के लिए लंबे, ढीले-ढाले कपड़े पहनने जरूरी हैं।
ईरान में इस नियम को लागू कराने कराने की जिम्मेदारी मोरैलिटी पुलिस को दी गई है। यह मोरल पुलिसिंग साल 2006 से ईरान में जारी है। महिसा अमीनी की हिरासत में हुई मौत के 10 महीने बाद एक बार फिर से रविवार से इसकी शुरुआत कर दी गई है।
ईरान की वुमेन एक्टिविस्ट मासिह अलिनेजद ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें एक मोरैलिटी पुलिस की एक महिला एक लड़की को पकड़ती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि वीडियो को ब्लर कर दिया गया है मगर इसमें साफ दिख रहा है कि लड़की ने हिजाब नहीं पहना है।
साराह रावियानी नाम की एक और यूजर ने भी मोरैलिटी पुलिस की वापसी से जुड़ा वीडियो शेयर किया है। इसमें कुछ लोग एक महिला को जबरन गाड़ी में बैठा रहे हैं। महिला के विरोध करने पर उसे लात मारी जा रही हैं।












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