Mojtaba Khamenei Update: कटा पैर-बिगड़ा चेहरा, नाजुक हालात में मोजतबा खामेनेई, रॉयटर्स का दावा
Mojtaba Khamenei Health Update: ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की वर्तमान स्थिति को लेकर वैश्विक स्तर पर भारी सस्पेंस बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे 28 फरवरी को हुए उस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी।
मोजतबा का चेहरा गंभीर रूप से बिगड़ चुका है और उनके पैरों में भी गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, सरकारी सूत्रों का दावा है कि वे कोमा में नहीं हैं, बल्कि ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश की कमान संभाल रहे हैं।

Khamenei Injury Report: चोट की वजह से चेहरे पहचान में नहीं आ रहे
रॉयटर्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी के हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई के चेहरे पर ऐसी चोटें आईं जिससे उनका चेहरा काफी हद तक विद्रूप (disfigured) हो गया है। इसके अलावा, हमले में उनके एक या दोनों पैरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उनके चलने-फिरने की क्षमता सीमित हो गई है। यही कारण है कि 8 मार्च को सर्वोच्च नेता नियुक्त होने के बाद भी उनकी कोई तस्वीर या वीडियो जारी नहीं किया गया है।
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'परदे के पीछे' से चल रहा शासन?
भले ही मोजतबा का शरीर गंभीर रूप से जख्मी है, लेकिन खुफिया सूत्रों का दावा है कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं। वे "ऑडियो कॉन्फ्रेंस" के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठकों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे विशेष रूप से अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता और सैन्य रणनीतियों पर सीधे नजर रख रहे हैं। ईरान की सरकारी मीडिया ने उन्हें 'जांबाज' (युद्ध में घायल योद्धा) कहकर संबोधित किया है, जो उनकी शारीरिक अक्षमता की पुष्टि करता है।
द टाइम्स ने दावा किया था कि वे कोमा में हैं
मोजतबा की स्थिति को लेकर विरोधाभासी रिपोर्ट्स सामने आई हैं। जहां द टाइम्स ने दावा किया था कि वे कोमा में हैं और निर्णय लेने में असमर्थ हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके जीवित होने पर ही संदेह जताया है। हालांकि, मौजूदा इंटेलिजेंस असेसमेंट इस ओर इशारा करते हैं कि वे जीवित हैं लेकिन उनकी हालत इतनी नाजुक है कि वे जनता के सामने आने की स्थिति में नहीं हैं, जिससे शासन की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
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Reuters Mojtaba Khamenei Report: IRGC का बढ़ता वर्चस्व और सत्ता का संकट
सर्वोच्च नेता की सार्वजनिक अनुपस्थिति ने ईरान के भीतर सत्ता के संतुलन को हिला दिया है। मोजतबा की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने देश के महत्वपूर्ण फैसलों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मोजतबा लंबे समय तक शारीरिक रूप से अक्षम रहते हैं, तो वे अपने पिता जैसा प्रभाव कभी कायम नहीं कर पाएंगे और ईरान में एक 'सैन्य जुंटा' (Military rule) जैसी स्थिति बन सकती है।












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