Election News: PM मोदी के मुसलमान वाले बयान पर घमासान.. जानिए विदेशी मीडिया ने क्या लिखा है?
India Election 2024: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुस्लिमों पर की गई टिप्पणी ने भारत की राजनीति को गर्म कर दिया है और देश के साथ साथ विदेशी मीडिया में प्रधानमंत्री मोदी की इस विवादित टिप्पणी की कवरेज की गई है। हम आपको बताने वाले हैं, कि आखिर CNN की रिपोर्ट में पीएम मोदी की टिप्पणी पर क्या लिखा गया है।
CNN ने अपनी हेडलाइंस में लिखा है, कि "भारत के विशाल चुनाव में विभाजन गहरा गया है और मोदी की मुस्लिम पर की गई टिप्पणी पर 'घृणास्पद भाषण' देने के आरोप लगने लगे हैं।"

CNN ने रिपोर्ट में क्या लिखा है?
अमेरिकी मीडिया ऑउटलेट ने लिखा है, कि "भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर रविवार को एक चुनावी रैली के दौरान इस्लामोफोबिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है, जिससे प्रमुख मुसलमानों और विपक्ष के सदस्यों में व्यापक गुस्सा पैदा हो गया है।"
आगे लिखा गया है, कि "दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश कई हफ्तों तक चलने वाले विशाल चुनावों के बीच में है, जिसमें मोदी की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लगातार तीसरा कार्यकाल हासिल करने की व्यापक उम्मीद है।"
CNN ने लिखा है, कि "राजस्थान में एक बड़ी भीड़ के सामने बोलते हुए, मोदी ने कहा, कि अगर सत्ता में आए, तो देश की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, देश की संपत्ति को "घुसपैठियों" और "जिनके पास ज्यादा बच्चे हैं" उन्हें बांट देगी।" पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में मुस्लिम समुदाय का नाम लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस पुराने भाषण का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था, कि "देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है।"
CNN ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को कोट करते हुए लिखा है, "पहले जब उनकी सरकार थी, तो उन्होंने कहा था, कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। इसका मतलब, ये संपत्ति इकट्ठी करके किसको बांटेंगे.. जिनके ज्यादा बच्चे हैं, उनको बांटेंगे। घुसपैठियों को बांटेंगे... क्या आपकी मेहनत की कमाई का पैसा, घुसपैठियों को दिया जाएगा? आपको मंजूर है ये? ये कांग्रेस का मैनिफेस्टो कह रहा है।"
प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी ने भारत में बवाल खड़ा कर दिया है और विपक्ष ने उनके भाषण को एक बड़ा मुद्दा बना दिया है। सीएनएन ने लिखा है, कि "विपक्ष लंबे समय से पीएम मोदी और भाजपा पर हिंदू राष्ट्रवाद के अपने तेजी से लोकप्रिय ब्रांड को बढ़ावा देने के लिए विभाजनकारी बयानबाजी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।"
विपक्षी दलों ने भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) से यह जांच करने का आह्वान किया है, कि क्या मोदी की टिप्पणियां आचार संहिता का उल्लंघन करती हैं।
CNN ने लिखा है, कि "मोदी की टिप्पणी पर ऐसे समय में बवाल शुरू हुआ है, जब कई लोगों को डर है, कि भाजपा का तीसरा कार्यकाल देश में पहले से ही चल रही सांप्रदायिक दरार को और गहरा कर देगा। इसके अलावा, CNN ने इस्लामिक पत्रकार राणा अयूब के ट्वीट को भी अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है, जिसमें अयूब ने लिखा है, कि "यह कोई बकवास नहीं है, यह एक समुदाय के खिलाफ लक्षित, प्रत्यक्ष, बेशर्म नफरत भरा भाषण है।"
CNN की रिपोर्ट में मुस्लिम सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान के हवाले से लिखा है, कि "मोदी ने आज मुसलमानों को घुसपैठिए और कई बच्चों वाले लोग कहा। 2002 से आज तक, मोदी की एकमात्र गारंटी मुसलमानों को गाली देना और वोट प्राप्त करना रही है।"
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी की टिप्पणियों को "घृणास्पद भाषण" और "ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी चाल" बताया है।
CNN ने लिखा है, कि "पिछले दशक में, मोदी और उनकी भाजपा पर अपनी हिंदू राष्ट्रवादी नीतियों के साथ धार्मिक ध्रुवीकरण करने, दुनिया के सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र में इस्लामोफोबिया की लहर और घातक सांप्रदायिक झड़पों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। भारत की अल्पसंख्यक मुस्लिम आबादी बहुत बड़ी है और भारत में करीब 23 करोड़ मुस्लिम सदियों से रह रहे हैं। लेकिन, कुछ हिंदू राष्ट्रवादियों ने मुस्लिमों पर बाहरी होने का झूठा आरोप लगाकर एक माहौल बनाने की कोशिश की है, जिसमें कहा जाता है, कि मुस्लिम अपनी आबादी को तेजी से बढ़ाकर हिंदुओं को विस्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, CNN ने ये भी लिखा है, कि "भाजपा ने बार-बार कहा है, कि वह धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती है और सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करती है। लेकिन रिसर्च रिपोर्टिंग और अधिकार समूहों का कहना है, कि 1.4 अरब लोगों के देश में विभाजन बढ़ गया है।"
वाशिंगटन स्थित अनुसंधान समूह इंडिया हेट लैब की हालिया रिपोर्ट से पता चलता है, कि मुस्लिम विरोधी भाषण में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है, जिसमें 2023 में 668 ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 75% मामले BJP शासित राज्यों में हुए।












Click it and Unblock the Notifications