G-7 शिखर सम्मेलन से रूस-यूक्रेन का दौरा: पहले 100 दिनों में मोदी 3.0 में भारतीय विदेश नीति क्या आकार ले रहा?
Modi 3.0 Foreign Policy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल विदेश नीति पर महत्वपूर्ण फैसलों के साथ शुरू हुआ, जिसमें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भागीदारी शामिल थी। इटली में जी7 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी, रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के दौरान उनकी यात्राएं और ब्रुनेई की ऐतिहासिक यात्रा मोदी 3.0 के पहले 100 दिनों के दौरान महत्वपूर्ण घटनाएं हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने 13-15 जून को इटली के अपुलिया में आयोजित 50वें जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। इस कार्यक्रम ने उनकी सक्रिय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की नई दिशा तय की।

भारत-रूस संबंध मजबूत हुए
8 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर रूस गए। इस दौरान व्यापार और रक्षा समझौतों सहित द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया गया।
अगस्त में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के निमंत्रण पर यूक्रेन का दौरा किया था। इस यात्रा ने मौजूदा संघर्षों के बीच देशों के साथ जुड़ने और कूटनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इसके अलावा, यूक्रेन ने भारत को रूस के साथ शांति समझौता करवाने के लिए मध्यस्थता करवाने की भी पेशकश की है और माना जा रहा है, कि भारत इस दिशा में काम कर रहा है।
मोदी की यूक्रेन यात्रा ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से अभी तक भारत ने रूस की आलोचना नहीं की है और ना ही रूस के खिलाफ किसी पश्चिमी प्रतिबंध में शामिल हुआ है।

दक्षिण पूर्व एशिया की ऐतिहासिक यात्राएं
सितंबर में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर सिंगापुर और ब्रुनेई की अपनी पहली यात्रा की। सिंगापुर में प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए उनकी मेजबानी की। इससे पहले वो सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया के निमंत्रण पर 3 सितंबर को ब्रुनेई के बंदर सेरी बेगवान पहुंचे। यह यात्रा भारत और ब्रुनेई के बीच राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के निमंत्रण पर 21-22 अगस्त को पोलैंड का दौरा भी किया। उन्होंने टस्क और पोलिश राष्ट्रपति दोनों से मुलाकात की और वहां भारतीय समुदाय से भी बातचीत की।
ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन और यूनेस्को कार्यक्रम
भारत ने 18 अगस्त को तीसरे 'वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ' शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसमें 120 से ज्यादा देशों ने भाग लिया। इस शिखर सम्मेलन ने विकासशील देशों के बीच एक नेता के रूप में भारत की भूमिका को सामने रखा है।
इसके अलावा, यूनेस्को विश्व धरोहर समिति की बैठक पहली बार भारत में आयोजित की गई, जो 21 जुलाई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुई। इस आयोजन ने वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को और भी अधिक प्रदर्शित किया।
राष्ट्रपति मुर्मू को पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 6 अगस्त को राष्ट्रपति रातू विलियम मैवालिली काटोनीवरे से फिजी का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ फिजी' प्रदान किया गया। इसके अलावा, उन्हें 10 अगस्त को तिमोर-लेस्ते के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते से सम्मानित किया गया। ये अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल के दौरान उनके नेतृत्व में वैश्विक मामलों में भारत के बढ़ते प्रभाव और सक्रिय भागीदारी को दर्शाते हैं।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने अमेरिका की यात्रा करने वाले हैं, जिसमें वो यूनाइटेड नेशंस के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे और उसके बाद वो क्वाड (QUAD) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, जिसमें पीएम मोदी के अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किसिदा भी शामिल होंगे।












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