Missing US Scientists: क्या रूस-चीन ने गायब करवाए अमेरिकी न्यूक्लियर और NASA साइंटिस्ट? क्या बोली जांच एजेंसी?
Missing US Scientists: कुछ दिन पहले Oneindia Hindi ने एक खबर आपको बताई थे। जिसमें हमने आपको बताया था कि अमेरिका में न्यूक्लियर प्रोग्राम और स्पेस प्रोग्राम से जुड़े कम से कम 10 साइंटिस्ट, रिसर्चर और कुछ अधिकारियों के लापता होने या रहस्यमयी परिस्थितियों में मारे जाने की जानकारी दी थी। अब इसी मामले में हाउस ओवरसाइट कमेटी जांच शुरू की है, जिसमें कई खुलासे सामने आए हैं।
FBI, NASA और डिफेंस सेक्रेटरी से मांगा जवाब
कमेटी के अध्यक्ष जेम्स कॉमर (आर-केंटकी) और प्रतिनिधि एरिक बर्लिसन (आर-मिसौरी) ने इस मामले पर FBI निदेशक काश पटेल, NASA प्रशासक जारेड इसाकमान, ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ को लैटर भेजे हैं। जिसमें सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा है।

मैककैसलैंड ही नहीं सब के बारे में पूछताछ
कमेटी ने अपने लैटर में किसी एक खास व्यक्ति या कारण का जिक्र नहीं किया बल्कि हर उस शख्स के बारे में पूछा है जो गायब हुआ है। जिसमें वायु सेना के रिटायर्ड मेजर जनरल विलियम नील मैककैसलैंड के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला भी शामिल है, जिसने इस पूरे मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। दरअसल जब मैककैसलैंड लापता हुए, तब वे अपने साथ बटुआ और बंदूक लेकर गए थे, लेकिन फोन, चश्मा और पहनने वाले टेक गैजेट्स घर पर ही छोड़ गए।
सभी मामले जुड़े हैं संवेदनशील क्षेत्रों से
लापता या मृत पाए गए सभी लोग अमेरिका के परमाणु और एयरोस्पेस सिस्टम या प्रयोगशालाओं से जुड़े थे। इन मामलों की लोकेशन भी ध्यान खींचती है। इसमें से चार केस कैलिफोर्निया, चार न्यू मैक्सिको और दो मैसाचुसेट्स में सामने आए हैं।
NASA JPL के वैज्ञानिक भी शामिल
कैलिफोर्निया में NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) से जुड़े वैज्ञानिक माइकल हिक्स, फ्रैंक माइवाल्ड और मोनिका रजा भी इन घटनाओं का हिस्सा हैं। हिक्स की मौत 2023 में, माइवाल्ड की 2024 में हुई, जबकि मोनिका रजा जून 2025 से लापता हैं। हालांकि इनके बीच किसी एक प्रोजेक्ट पर साथ काम करने का कोई सबूत नहीं मिला है।
पुराने कनेक्शन लेकिन कोई ठोस लिंक नहीं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोनिका रजा और मैककैसलैंड दोनों ने 2000 के दशक की शुरुआत में किर्टलैंड एयर फोर्स बेस पर काम किया था, लेकिन उनके बीच किसी साझा प्रोजेक्ट का कोई पुख्ता सबूत नहीं है। इसके अलावा कैल्टेक के खगोल भौतिक विज्ञानी कार्ल ग्रिलमायर की भी फरवरी में मौत हो गई थी। इसलिए ये जांच और लोगों के गायब होने का पैटर्न, दोनों और उलझते जा रहे हैं।
न्यू मैक्सिको में भी तीन रहस्यमयी केस
न्यू मैक्सिको में एंथोनी चावेज़, मेलिसा कैसियास और स्टीवन गार्सिया 2025 में चार महीने के भीतर लापता हो गए। चावेज़ और कैसियास लॉस अलामोस नेशनल लैब में काम करते थे, जबकि गार्सिया कंसास सिटी नेशनल सिक्योरिटी कैंपस के न्यू मैक्सिको डिवीजन में कार्यरत थे। इनमें से कोई भी सीधे वैज्ञानिक रिसर्च से जुड़ा नहीं था।
मैसाचुसेट्स में हत्या और लापता होने के मामले
मैसाचुसेट्स में MIT के प्रोफेसर नूनो लौरेरियो की दिसंबर 2025 में उनके घर के बाहर हत्या कर दी गई थी। उसी महीने फार्मास्युटिकल वैज्ञानिक जेसन थॉमस लापता हो गए थे, जिनका शव मार्च में मिला। इन घटनाओं ने स्थानीय स्तर पर डर और चिंता का माहौल बना दिया है। दूसरी तरफ गायब होने वाले सभी लोगों का शक चीन, रूस और नॉर्थ कोरिया की तरफ भी जा रहा है। हालांकि अभी तक इस दिशा में एक भी ऐसा सबूत नहीं मिला जो इस तरफ इशारा करता हो लेकिन कयास और आशंकाएं पूरी हैं। लिहाजा इन सभी मामलों पर कमेटी ने 27 अप्रैल तक सभी जिम्मेदार विभागों से जवाब देने के लिए कहा है।
अभी बाकी है रहस्य
कुल मिलाकर, अमेरिका में वैज्ञानिकों की मौत और गुमशुदगी के ये मामले अभी भी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं। कुछ मामलों में व्यक्तिगत कारण सामने आए हैं, लेकिन कई घटनाएं अब भी सवाल खड़े करती हैं। अब सभी की नजर जांच के नतीजों पर टिकी है, जो इस रहस्य से पर्दा उठा सकती है।
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