कोरोना काल में चमकी मजदूर की किस्मत, खुदाई करते हुए हाथ लगे 25 करोड़ के दो दुर्लभ रत्न
कोरोना काल में मजदूर खुदाई करते हुए बना 25 करोड़ का मालिक, कैसे चमकी किस्मत?
नई दिल्ली। किसी के ऊपर किस्मत कब मेहरबान हो जाए... कहा नहीं जा सकता। कोरोना वायरस की महामारी के कारण जहां इस समय पूरी दुनिया में लोग परेशान है, वहीं एक शख्स की किस्मत ऐसी चमकी कि उसके वारे-न्यारे हो गए। दरअसल इस शख्स को खदान में खुदाई करते वक्त दो बेशकीमती रत्न मिल गए। बहुमूल्य होने के साथ-साथ ये रत्न वजन में भी काफी भारी थे और इनके बदले में उसे बैंक से इतनी मोटी रकम मिली कि अब वो फूला नहीं समा रहा है। (सभी तस्वीरें सांकेतिक)

अभी तक के सबसे भारी तंजनाइट रत्न
मामला तंजानिया का है, जहां सानिनु लाएजर नामक ये शख्स खदान में काम करके अपनी गुजर-बसर करता था। बुधवार को अचानक खुदाई करते समय उसके हाथ दो ऐसे तंजनाइट रत्न लगे, जिन्होंने उसकी किस्मत की चाभी का ताला खोल दिया। इनमें से एक रत्न 9.27 किलो और दूसरा रत्न 5.103 किलो का था। इन्हें तंजानिया में अभी तक के सबसे भारी तंजनाइट रत्न बताया जा रहा है। गहरे बैंगनी-नीले रंग के ये दोनों रत्न साइज में भी काफी बड़े हैं।

बैंक ऑफ तंजानिया ने खरीदे दोनों रत्न
इन दोनों तंजनाइट रत्नों को बैंक ऑफ तंजानिया ने खरीदा है और बदले में लाएजर को 3.35 मिलियन डॉलर यानी करीब 25 करोड़ 33 लाख रुपए का चेक सौंपा है। खनन मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, लाएजर को ये दोनों तंजनाइट रत्न तंजानिया के उत्तर में स्थित एक ऐसी खदान से मिले हैं, जो चारों तरफ से एक दीवार से घिरी हुई है। ये दीवार सीमा पार से रत्नों की तस्करी रोकने के लिए बनाई गई थी।

'कभी नहीं देखे ऐसे रत्न'
आपको बता दें कि तंजनाइट एक ऐसा रत्न है, जो इस पूर्वी अफ्रीकी देश के केवल छोटे से उत्तरी क्षेत्र में पाया जाता है। इस मौके पर तंजानिया के खनन मंत्रालय के सचिव ने कहा कि आज की ये घटना ऐतिहासिक है। देश में जब से खनन की गतिविधियां शुरू हुई हैं, तब से लेकर आज तक कभी इतने बड़े तंजनाइट रत्न नहीं मिले।

हमारा देश काफी समृद्ध है- राष्ट्रपति जॉन मागुफुली
बैंक से भारी-भरकम रकम का चेक पाने के बाद सानिनु लाएजर एक स्टार की तरह टीवी पर नजर आ रहे हैं। बुधवार शाम को जब वो एक टीवी के कार्यक्रम में लाइव थे तो खुद देश के राष्ट्रपति जॉन मागुफुली ने उन्हें फोन कर बधाई दी। जॉन मागुफुली ने कहा कि अब यह कन्फर्म हो गया है कि हमारा देश काफी समृद्ध है।

रत्नों की तस्करी रोकने के लिए राष्ट्रपति ने बनाई दीवार
गौरतलब है कि तंजानिया ने पिछले साल ही देशभर में कई नए ट्रेडिंग सेंटर बनाए हैं, ताकि कारीगर खनिक अपने रत्न और सोने को सरकार को बेच सकें। तंजानिया में कारीगर खनिक किसी भी खनन कंपनी के आधिकारिक कर्मचारी नहीं है और ज्यादातर हाथों से ही खुदाई करते हैं। साल 2018 में राष्ट्रपति जॉन मागुफुली ने अवैध खनन और तस्करी को रोकने के लिए उत्तरी तंजानिया में तंजनाइट की खदानों के चारों तरफ एक दीवार बनवाई थी।












Click it and Unblock the Notifications