ट्रंप के नए कार्यकाल में भी भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती: माइक हैंकी
डोनाल्ड ट्रंप की नई सरकार के कार्यकाल में भी भारत और अमेरिका के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों की प्रवृत्ति जारी रहेगी। संयुक्त राज्य अमेरिका के महावाणिज्य दूत माइक हैंकी ने शुक्रवार (22 नवंबर)को यह टिप्पणी गोवा में एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में, जॉर्ज बुश, बराक ओबामा, ट्रंप (अपने पहले कार्यकाल में) या जो बाइडेन - सभी प्रशासनों में संबंधों को बढ़ाने की प्रवृत्ति रही है।
ट्रंप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम 20 जनवरी (2025) को प्रशासन में बदलाव करने जा रहे हैं। नई सरकार आ रही है और मैं उस समय नए प्रशासन को अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में बात करने दूंगा।

भारत-अमेरिका संबंध: निरंतर प्रगति
सभी प्रशासनों में संबंधों में वृद्धि
- माइक हैंकी ने कहा कि जॉर्ज बुश, बराक ओबामा, डोनाल्ड ट्रंप (पहले कार्यकाल) और जो बाइडेन के शासनकाल में भारत-अमेरिका संबंधों में लगातार सुधार हुआ है।
- यह प्रवृत्ति नई सरकार के दौरान भी जारी रहने की उम्मीद है।
शिक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग
- अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- 2008 से अब तक अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- पिछले साल 3.3 लाख भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ने गए, जो अन्य देशों के मुकाबले सबसे अधिक है।
- दोनों देशों के बीच तकनीकी और शैक्षिक साझेदारी भी बढ़ रही है।
वीजा प्रक्रिया में सुधार
- भारतीय वीजा आवेदनों का प्रबंधन
- अमेरिका में भारतीय वीजा के लिए आवेदनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
- पिछले साल 10 लाख से अधिक वीजा आवेदन संसाधित किए गए।
नए तरीके और सुधार
- वीजा प्रसंस्करण को तेज और कुशल बनाने के लिए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।
- दूरस्थ प्रसंस्करण (Remote Processing) जैसे उपायों पर काम हो रहा है।
- वीजा नवीनीकरण के लिए कुछ आवेदकों को साक्षात्कार से छूट दी जा रही है।
- ट्रंप प्रशासन और भविष्य की संभावनाएं
नई नीतियों की प्रतीक्षा
- माइक हैंकी ने कहा कि 20 जनवरी 2025 को ट्रंप प्रशासन पदभार संभालेगा।
- उन्होंने उम्मीद जताई कि नए प्रशासन के तहत भी भारत-अमेरिका संबंधों में निरंतरता बनी रहेगी।
जो बाइडेन प्रशासन की सक्रियता
- वर्तमान प्रशासन की सराहना करते हुए, माइक हैंकी ने कहा कि बाइडेन और उनका मंत्रिमंडल "बहुत सक्रिय और सशक्त" हैं।
भारत-अमेरिका के शैक्षिक संबंध
- भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका में उच्च शिक्षा के दरवाजे खुलते जा रहे हैं।
- अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या के मामले में भारत पहला स्थान रखता है।
प्रोफेशनल्स के लिए बेहतर वीजा प्रक्रिया
- वीजा प्रक्रियाओं को तेज और सरल बनाने के लिए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास नई रणनीतियां अपना रहे हैं।
- यह भारतीय पेशेवरों और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत है।
माइक हैंकी की टिप्पणियां इस बात पर जोर देती हैं कि भारत और अमेरिका के संबंध किसी एक सरकार पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों की साझा रुचियों और आवश्यकताओं पर आधारित हैं। चाहे शिक्षा हो, प्रौद्योगिकी, या वीजा प्रणाली में सुधार, दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ता रहेगा। ट्रंप प्रशासन के आने के बाद भी यह प्रगति जारी रहने की उम्मीद है।












Click it and Unblock the Notifications