जाको राखे साइयां: अंतरिक्ष से उल्कापिंड घर में सो रही महिला के तकिए के पास गिरा, फिर भी बच गई जान
ब्रिटिश कोलिबंया में एक आश्चर्यजनक घटना घटी है, जब घर में सो रही महिला के तकिए के पास अंतरिक्ष से उल्कापिंड गिर गया।
ब्रिटिश कोलंबिया, अक्टूबर 11: कनाडा के ब्रिटिश कोलंबियों में एक आश्चर्यजनक घटना हुई है, जब रात में घर में सो रही महिला के बिस्तर पर उसके बगल में जा गिरा और इसी के साथा जाको राखे साइयां मार सके न कोय वाली कहावत चरितार्थ हो गई है। क्या आप यकीन कर सकते हैं कि अंतरिक्ष से एक महिला के बिस्तर पर उल्कापिंड गिर जाए और उसका बाल भी बांका ना हो। कनाडा की महिला के साथ ऐसा ही हुआ है।

बिस्तर पर गिरा उल्कापिंड
ये घटना कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया की है, जहां रूथ हैमिल्टन नाम की महिला के साथ 4 अक्टूबर की देर रा हादसा हुआ है, लेकिन कनाडाई महिला इस प्राकृतिक आपदा से बच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, जब महिला घर में सो रही थी, उस वक्त घर की छत में छेद करते हुए उल्कापिंड महिला के बिस्तर पर उसके तकिए के पास जा गिरा, लेकिन महिला को कुछ नहीं हुआ। महिला हैमिल्टन ने विक्टोरिया न्यूज को बताया कि, ' तेज आवाज सुनकर मैं अचानक जाग गई और बिस्तर से मैंने छलांग लग दिया। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है।''

बुरी तरह से डर गई महिला
रिपोर्ट के मुताबिक, उस रात 52 मील पूर्व में लेक लुईस के ऊपर उल्कापिंड को गिरते हुए देखा गया। महिला ने कहा कि, उल्कापिंड ठीक उसके बगल में तकिए के पास गिरा, लेकिन उसे कोई नुकसान नहीं हुआ। उसने कहा कि, उसके सिर के ठीक बगल में एक पत्थर का बड़ा टुकड़ा गिरा था और छत में बड़ा छेद हो गया था। महिला ने विक्टोरिया न्यूज को बताया कि, घर में उल्कापिंड गिरने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों को घटना की खबर दी, क्योंकि उसे लग रहा था कि, शायद उसके ऊपर किसी ने हमला किया है।

उल्कापिंड गिरने की पुष्टि
महिला ने कहा कि, पुलिस अधिकारियों ने घर के आस पास तलाशी ली और जांच की। घर के पास पास कोई निर्माण भी नहीं चल रहा था, लिहाजा इस बात की पुष्टि हो गई की अंतरिक्ष से मलवा ही गिरा है। महिला हैमिल्टन ने कहा कि आसपास कहीं कोई विस्फोट भी नहीं किया जा रहा था। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि, आकाश से उन्होंने तेज रोशनी को गिरते हुए देखा है, जो किसी विस्फोटक की ही तरह था। आखिरकार इस बात की पुष्टि हो गई कि महिला के घर में गिरने वाला पत्थर असल में एक उल्कापिंड ही था।

कांप रही थी महिला
महिला ने कहा कि, जब उसके बिस्तर पर उल्कापिंड गिरा तो वो बुरी तरह से डर गई थी और वो डर के मारे कांप रही थी। महिला ने कहा कि, उसे लग रहा था मानो कोई उसके बिस्तर पर तेजी के साथ कूद गया हो और फिर किसी ने उसके कमरे में फायरिंग की हो। महिला ने कहा कि, उसे खरोंच तक नहीं आई है और अब वो सोच रही है कि वो आसमान से गिरे इस पत्थर के टुकड़े को अपने पोते-पोतियों को गिफ्ट कर दे।

क्या होते हैं उल्कापिंड?
एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर मेटियोराइट स्टडीज के अनुसार, उल्कापिंड, क्षुद्रग्रहों (ऐस्टरॉयड) से उत्पन्न होते हैं और जो चट्टानें सूर्य की परिक्रमा करती हैं, वो लगभग 4.5 अरब साल पुराने हैं। वहीं महिली हैमिल्टन ने कहा कि, ''ये कितनी आश्चर्य की बात है कि सूर्य का चक्कर काटने वाले एक एक बड़े पत्थर के टुकड़ा अंतरिक्ष से पृथ्वी पर गिरता है, वो भी मेरे घर में और मेरे बिस्तर पर''। महिला ने कहा कि, ''ये बात आध्यात्मिक है कि जीवन और मृत्यु अपने हाथ में नहीं है और कभी भी किसी भी तरह से किसी की मौत हो सकती है।'' महिला ने कहा कि, उसे अब जीवन जीने का नया दृष्टिकोण मिला है।












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