Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

दवाई बिना दर्द से कराहते पाकिस्तानी, पूरे मुल्क में मचा कोहराम, जानें क्यों मौत से तुलना कर रहे लोग?

एक तरफ पाकिस्तान महंगाई से बेहाल है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक अस्थिरता भी नहीं है। बिलावल भुट्टो ने संकेत दे दिए हैं, कि वो शहबाज सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं।

Pakistan Economic Crisis

Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान में बीमार पड़ना अब गरीबों के लिए करीब करीब मौत की सजा हो गई है। पाकिस्तान की सरकार एक तरफ अभी भी अय्याशी पर पैसे उड़ा रही है, जबकि आम नागरिकों की पहुंच से दवाई, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं बाहर हो गई हैं। दक्षिण एशियाई राष्ट्र पाकिस्तान को अब इतिहास में किए गये पापों की सजा मिलने लगी है, लेकिन दिक्कत ये है, कि अभी भी ये देश सुधरा नहीं है, जबकि बेतहाशा बढ़ती महंगाई ने पाकिस्तान के अस्तित्व के सामने संकट पैदा कर दिया है।

पाकिस्तान में बेतहाशा बढ़ी महंगाई

पाकिस्तान में बेतहाशा बढ़ी महंगाई

सेंसेटिव प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में अल्पकालिक मुद्रास्फीति पिछले सप्ताह 41.07 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसके अलावा, फरवरी महीने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जून 1975 के मुकाबले 31.50 प्रतिशत तक बढ़ गया है। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बेलआउट पैकेज की शर्तों को पूरा करने के लिए पाकिस्तान की सरकार लगातार बिजली की कीमतों में इजाफा कर रही है, वहीं सरकार ने टैक्स भी बढ़ाए हैं, जिसकी वजह से पाकिस्तानी रुपये में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है, जिसने आम लोगों के जीवन को दयनीय बना दिया है। वहीं, ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के टेक्सटाइल इंडस्ट्री के एक्सपोर्ट में 28 प्रतिशत की विशालकाय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे हजारों लोगों के रोजगार पर संकट पैदा हो गया है।

आसमान में दवाओं के दाम

आसमान में दवाओं के दाम

फैसलाबाद के एक करघा मजदूर नियाज अहमद के हवाले से डॉन की एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि पाकिस्तान में "बीमार पड़ना, विशेष रूप से किसी भी जानलेवा बीमारी की चपेट में आना, अब एक गरीब के लिए लगभग मौत की सजा है।" मुद्रास्फीति में मौजूदा वृद्धि शुरू होने से बहुत पहले ही दवा की कीमतें आसमान छू चुकी हैं, जिसकी वजह से पाकिस्तान के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए दवा खरीदना औकात से बाहर का मामला बन गया है। डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया काफी गिर चुका है, लिहाजा रिकॉर्ड मुद्रास्फीति की वजह से सरकार के लिए कीमतों पर नियंत्रण रखना नामुमकिन हो गया है और सामान्य दवाएं भी लोगों की पहुंच से बाहर हो गई है। पाकिस्तान में गरीबों का कहना है, कि उनके लिए विशेष और जीवन रक्षक दवाएं खरीदना "असंभव" हो गया है। अहमद ने कहा, कि "अगर हममें से कोई बीमार पड़ता है, तो केवल अल्लाह ही हमें बचा सकता है।"

पाकिस्तानी परिवारों में किचन खाली

पाकिस्तानी परिवारों में किचन खाली

पाकिस्तान में गरीबों की आबादी में तेजी से इजाफा हुआ है और गरीब ही अब पाकिस्तान के असली बहुसंख्यक हैं, जो अब रातों को खाली पेट सोने के लिए मजबूर हैं। अहमद ने चेतावनी दी, कि पाकिस्तान में लोग पहले से ही अमानवीय स्तर पर आ चुके हैं, और आने वाले दिन पाकिस्तानी अवाम के लिए काफी मुश्किल होने वाले हैं। डॉन की रिपोर्ट में लाहौर के ब्रैंडरेथ रोड पर ठेले चलाने वाले मोहम्मद खान के हवाले से कहा गया है, कि "अगर किसी की आमदनी का 50 फीसदी खाने पर खर्च हो जाता है, तो कोई भी कल्पना कर सकता है, कि पाकिस्तान में जीवित रहना कितना मुश्किल हो गया है।" अपने अनुभव को साझा करते हुए मोहम्मद खान, जिनके परिवार में पांच अन्य सदस्य हैं, उन्होंने कहा, कि उन्हें दिन में दो बार कम से कम 20 ब्रेड (चपाती) की आवश्यकता होती है, जिसकी कीमत वर्तमान में 600 रुपये है।

घरेलू सामानों के दाम भी बेतहाशा बढ़े

घरेलू सामानों के दाम भी बेतहाशा बढ़े

पूरे पाकिस्तान में दालों की कीमतें 300 रुपये से 450 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच हैं। रूआंसा होते हुए मोहम्मद खान ने कहा, कि "अन्य आवश्यक चीजें (घी, नमक, मिर्च, धनिया) को भी जोड़ लें, तो एक दिन में परिवार के भोजन पर उन्हें कम से कम एक हजार रुपये खर्च करना ही पड़ता है। मोहम्मद खान ने कहा, कि अब उनकी वो उम्र नहीं है, कि वो हर दिन इतने पैसे कमा सकें। मोहम्मद खान से सवाल पूछते कहा, कि क्या वो अपने खर्च में किसी तरह का कटौती कर सकते हैं? उन्होंने कहा, कि "मैं एक दिन में दो वक्त के भोजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए हमेशा कर्जदार हूं, और बाकी के सभी सामान अब हमारे लिए एक लग्जरी है।" वहीं, क्वेटा के एक मजदूर जमील अहमद ने कहा, कि महंगाई का असर सभी लोगों पर अलग अलग पड़ता है और इसका असर गंभीर होता है। जमील अहमद ने कहा, कि "लाहौर में, एक रोटी की कीमत 15 रुपये है। मेरे पैतृक शहर में इसकी कीमत 30 रुपये है। मेरा परिवार इसे रोजाना उसी कीमत पर खरीदता है। और मुझे वो खर्च वहन करना होता है, जिसके लिए मुझे कर्ज लेना पड़ता है।"

खाने-पीने के सभी सामान महंगे

खाने-पीने के सभी सामान महंगे

जमील खान बताते हैं, कि लाहौर में 20 किलोग्राम आटे की थैली की कीमत लगभग 1750 रुपये है, जबकि लगभग पूरे बलूचिस्तान में इसकी कीमत दोगुनी है। उन्होंने कहा, कि "एक पखवाड़े पहले तक मुझे अपने गृह नगर जाने के लिए 3,500 खर्च करना पड़ता था, अब यह खर्च 4 हजार है। मुझे क्वेटा जाने और वापस आने के लिए 8,000 रुपये की आवश्यकता होती है। यह अब अलग-अलग खर्चों के बीच संतुलन बनाने का मामला नहीं है, बल्कि बुनियादी अस्तित्व और संघर्ष की बात बन गई है। हमारी जिंदगी दो वक्त की रोटी तक सिमट कर रह गई है।"

Recommended Video

    Pakistan ने फिर की घटिया हरकत, PSL में बनाया Wing Commander Abhinandan का मजाक | वनइंडिया हिंदी
    कर्ज चुकाने के लिए चीन ने दिया नया कर्ज

    कर्ज चुकाने के लिए चीन ने दिया नया कर्ज

    पिछले हफ्ते पाकिस्तान के 'सदाबहार दोस्त' चीन ने फिर से अपने दिवालिया पड़ोसी को उसके गहरे आर्थिक संकट से उबारने के लिए सहायता प्रदान की है। इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC) ने कैश-स्ट्रैप्ड देश को 1.3 अरब डॉलर की सुविधाओं के रोलओवर को मंजूरी दे दी है। राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और वित्तीय प्रणाली के बेहद खराब प्रबंधन के कारण पाकिस्तान लंबे समय से गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पाकिस्तान का बाहरी कर्ज और देनदारियां 130 अरब डॉलर के बराबर हैं, जो उसके सकल घरेलू उत्पाद का 95 प्रतिशत है। आईएमएफ ने पाकिस्तान के सामने कर्ज देने के लिए ना सिर्फ सख्त शर्तें रखी हैं, बल्कि पाकिस्तान से कर्ज चुकाने को लेकर गंभीर भी होने के लिए कहा है। लिहाजा, पाकिस्तान के लिए आने वाले दिन और भी ज्यादा मुश्किल होने वाले हैं।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+