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#FacebookDataScandal: मार्क जकरबर्ग ने डेटा चोरी के मामले में मानी गलती, बोले हमें काम करने का हक नहीं

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    Facebook data leak मामले में Mark Zuckerberg ने मानी गलती । वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। फेसबुक यूजर्स के डेटा लीक मामले में आखिरकार मार्क जकरबर्ग ने अपनी गलती मान ली है। अपनी चुप्पी को तोड़ते हुए जुकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक यूजर्स के डेटा की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी थी, लेकिन हमारा डेटा लीक हुआ है। यह एक तरह से विश्वास में सेंध लगने जैसा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी जानकारी साझा करने वाले हमपर यकीन करते हैं कि उनकी जानकारी को हम सुरक्षित रखेंगे।

    हमे काम करने का हक नहीं

    हमे काम करने का हक नहीं

    जकरबर्ग ने कहा कि डेटा की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है, ऐसे में अगर यह नहीं कर सकते हैं तो हमे आपके लिए काम करने का हक नहीं। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि उनका डेटा लीक हुआ है। साथ ही वह यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह आखिर कैसे हुआ। जकरबर्ग ने कहा कि वह कोशिश करेंगे कि दोबारा ऐसा नहीं हो, हम इसके लिए जरूरी कदम उठाएंगे। जकरबर्ग ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए यह तमाम बाते की है। आपको बता दें कि इस विवाद के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साफ किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह जकरबर्ग को समन करेंगे।

    5 करोड़ लोगों का डेटा लीक

    5 करोड़ लोगों का डेटा लीक

    गौरतलब है कि शुक्रवार को कैम्ब्रिज एनालिटिक की ओर से फेसबुक से गलत तरीके से 5 करोड़ लोगों का डेटा हासिल करने का मामला सामने आया था। इसके बाद फेसबुक विवादों में आ गया था। जिसके बाद फेसबुक ने ने मंगलवार को एलेक्‍जेंडर निक्‍स, अपने सीईओ को निकाल दिया है। इस फर्म पर आरोप है कि इसने फेसबुक के 50 मिलियन यूजर्स की निजी जानकारी चोरी की थी। कंपनी ने अपने सीईओ को निकालने का फैसला उस समय लिया जब ब्रिटिश न्‍यूज चैनल, चैनल 4 पर निक्‍स ने इशारा किया था कि विदेशों में होने वाले चुनावों को कैसे प्रभावित किया जा सकता है।

    2016 में आया मामला सामने

    2016 में आया मामला सामने

    कैंब्रिज एनालिटिका को स्‍टीफन के बैनन और रॉबर्ट मर्सर ने शुरू किया था और यह एक लंदन बेस्‍ड कंपनी है। रॉबर्ट, रिपब्लिकन पार्टी के डोनर हैं और उन्‍होंने कम से 15 मिलियन डॉलर की रकम इसमें निवेश की है। कंपनी इस तरह के तरीकों को पेश करती है जिससे अमेरिकी वोटर्स का पता लग सके और फिर उनके व्‍यवहार को प्रभावित किया जा सके। फेसबुक से डाटा चोरी करके इसकी मदद से एक साइकोग्राफिक मॉ‍डलिंग टेक्निक को तैयार किया गया। इसके बाद कंपनी ने साल 2016 में ट्रंप के लिए कैंपेनिंग की। निक्‍स ने इस टेक्निक को चैनल 4 के साथ बातचीत में 'कंपनी का सीक्रेट सॉस' करार दिया।

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    English summary
    Mark Zuckerberg accepts his mistake in Cambridge Analytica report of Facebook data leak. He says we will take needed step.
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