तालिबान को रोकने के लिए 6 देशों ने बनाया 'स्पेशल मोर्चा', क्या भारत भी ग्रुप में होगा शामिल ?
तालिबान को रोकने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में कई देशों ने मिलकर स्पेशल ग्रुप बनाने की घोषणा की है।
काबुल, जुलाई 19: अफगानिस्तान में लगातार पैर पसार रहे तालिबान को रोकने के लिए विश्व की कई शक्तियों ने मिलकर एक ग्रुप के निर्माण का ऐलान किया है, जिसका मकसद तालिबान को रोकना है। तालिबान पाकिस्तान की मदद से लगातार अफगानिस्तान में आगे बढ़ रहा है और अमेरिका का मानना है कि तालिबान को अगर नहीं रोका गया तो वो बहुत जल्द काबुल पर कब्जा कर सकता है, लिहाजा अमेरिका के नेतृत्व में एक ग्रुप का गठन किया गया है।

तालिबान के खिलाफ ग्रुप
अमेरिका भले ही अफगानिस्तान से वापस चला गया हो, लेकिन दुनिया की शक्तियां किसी भी हाल में तालिबान को काबुल पर कब्जा जमाते हुए नहीं देखना चाहती हैं। दुनिया किसी भी हाल में तालिबान की जीत को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है, जिसके लिए अमेरिका समेत कई देशों ने तालिबान को रोकने की घोषणा की है।

ग्रुप में कौन कौन ?
तालिबान के खिलाफ बनाए गये इस ग्रुप में संयुक्त राज्य अमेरिका, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं और इस ग्रुप ने तालिबान को चेतावनी दी है, कि अब छोटी से छोटी घटना का भी जवाब दिया जाएगा। सबसे खास बात ये है कि इनमें से कई देश अफगानिस्तान की सीमा से जुड़े हुए हैं, जिससे तालिबान को डर लगने लगा है। इन देशों के जरिए अमेरिका फिर से हमला करके तालिबान को पीछे धकेल सकता है, लिहाजा तालिबान में डर देखा जा रहा है। ताकत के बल पर सत्ता हथियाने की कोशिश में लगे तालिबान ने दूर-दराज के इलाकों में जरूर जीत हासिल की है, लेकिन अब अफगान सेना ने भी जोरदार पलटवार करना शुरू किया है, जिससे तालिबान के पैर उखड़ने शुरू हो गए हैं।

तालिबान को करारा जवाब
अफगानिस्तान में एक तरफ तालिबान आतंकियों पर सेना जवाबी हमले कर रही है तो दूसरी तरफ काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर लोगों ने जमकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। वहीं, दूसरी तरफ अफगान सेना ने भी तालिबान पर पलटवार करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में अफगान सेना ने 250 से ज्यादा तालिबानी आतंकियों को मार गिराया है। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के जैसे ही पैर उखड़ने शुरू हुए हैं, ठीक वैसे ही पाकिस्तान ने तालिबान की मदद करनी शुरू कर दी है और अफगानिस्तान को चेतावनी दी है कि वो तालिबान के ऊपर हवाई हमले ना करे।

पाकिस्तान के इशारे पर काम
खबरों की माने तो अफगानिस्तान में तालिबान वही कर रहा है, जो पाकिस्तानी सेना और आईएसआई उन्हें बता रही है। एक अखबार ने तो यहां तक दावा किया है कि, तालिबान जिहाद के नाम पर हत्या और लूट में शामिल है। वहीं, तालिबान की मदद के लिए पाकिस्तान में जुमे की नमाज के दौरान भी लोगों से खुलेआम पैसा वसूल किया जा रहा है, ताकि वो पैसा तालिबान के पास पहुंचाया जा सके

तालिबान के खिलाफ ऑपरेशन
अफगानिस्तान के कई जिलों में सेना और तालिबान के बीच भीषण जंग जारी है। तालिबान के हमलों से निपटने के लिए अफगान सेना एक विशेष दस्ता बना रही है, जिसमें आधुनिक हथियारों से लैस अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को स्पिन बोल्डक को तालिबान के कब्जे से मुक्त करा लिया है। स्पिन बोल्डक वही जगह है, जहां भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी को तालिबानियों ने गोली मारकर हत्या कर थी। वहीं, अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत ऐसे किसी ग्रुप का हिस्सा बनेगा, देखने वाली बात होगी।












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