साउथ कोरियन कंपनी ने मैनकाइंड फार्मा के साथ मिलकर तैयार की कोरोना की दवा, भारत में ट्रायल को मंजूरी
नई दिल्ली: चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल चुका है। जिस वजह से इसके अब तक 2 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं। कई देश कोरोना की वैक्सीन बनाने में लगे हैं। इस बीच मैनकाइंड फार्मा ने भी दक्षिण कोरियन कंपनी के साथ मिलकर कोरोना की दवा बनाई है। भारत में इसके ट्रायल की भी अनुमति मिल गई है। अगर ये ट्रायल सफल रहा तो कोरोना से होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

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दक्षिण कोरिया की दवा कंपनी देवूंग फार्मा के मुताबिक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने उन्हें कोविड-19 के इलाज के लिए एंटी-पैरासाइटिक दवा निक्लोसमाइड के परीक्षण की अनुमति दे दी है। जिसके ट्रायल का पहला चरण इसी महीने शुरू हो जाएगा। जिसमें 30 स्वस्थ लोग हिस्सा लेंगे। इस प्रोजेक्ट में मैनकाइंड फार्मा की साझेदारी है, जो दूसरे और तीसरे ट्रायल में मध्यम और गंभीर संक्रमण वाले मरीजों की जांच करेगी।
देवूंग के वाइस प्रेसिडेंट नेथन किम के मुताबिक वो इस ट्रायल से मिले नतीजे का इस्तेमाल यूरोप और अमेरिका में निर्यात परमिट लेने के लिए करेंगे। इसके अलावा कंपनी दक्षिण कोरिया में एक और ट्रायल की अनुमति का इंतजार कर रही है। कंपनी जानवरों पर पहले ही इस दवा का सफल परीक्षण कर चुकी है। जिसमें पता चला कि ये दवा उनके फेफड़े के संक्रमण को पूरी तरह से खत्म कर रही है। मैनकाइंड फार्मा के मुताबिक वो इस ट्रायल को लेकर काफी उत्साहित हैं। ये दवा कोरोना के मरीजों को बेहतरीन विकल्प प्रदान करेगी।












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