प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण में आएंगे 'चायना मैन' मोहम्मद मुइज्जू, मालदीव से सुधरेंगे भारत के रिश्ते?
Mohamed Muizzu: मालदीव की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा तनाव के बावजूद, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने रविवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
मिहारू न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू शनिवार को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहां वे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे।

भारत आएंगे मालदीव के राष्ट्रपति
हालांकि, मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से मुइज्जू की पहली आधिकारिक भारत यात्रा के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मुइज्जू ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी थी और कहा था, कि वह द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय नेता के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के फिर से चुने जाने पर मुइज्जू ने एक्स पर कहा था, कि "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बीजेपी और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 2024 के भारतीय आम चुनाव में लगातार तीसरी बार सफलता मिलने पर बधाई। मैं दोनों देशों के लिए साझा समृद्धि और स्थिरता की तलाश में हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के लिए तत्पर हूं।"
जिसके जवाब में, भारतीय प्रधानमंत्री ने लिखा, कि "मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का मूल्यवान साझेदार और पड़ोसी है और मैं भी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।"
भारत-मालदीव में तनाव जैसे हालात
मुइज्जू की यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब नवंबर में उनके राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में काफी गिरावट आई है और राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने भारत सरकार ने मालदीव में तैनात भारतीय सैनिकों को वापस ले जाने का अनुरोध किया था।
जिसके बाद दोनों देशों के बीच हुई बैठक के बाद भारत ने 10 मई तक मालदीव से सभी भारतीय सैनिकों को वापस बुला लिया। भारतीय सैन्य कर्मी मालदीव में तीन विमानन प्लेटफार्मों का संचालन कर रहे थे। भारत ने दो हेलीकॉप्टर और एक डोर्नियर विमान मालदीव को दान में दिया था, जिसका उपयोग मालदीव में सैकड़ों चिकित्सा निकासी और मानवीय मिशनों के लिए किया गया है। मालदीव के साथ हुए समझौते के मुताबिक, सैन्य कर्मियों की जगह तीन विमानन प्लेटफार्मों के संचालन को जारी रखने के लिए उनकी जगह नागरिकों को रखा गया है।
मुइज्जू की विदेश नीति चीन की ओर मजबूती से झुकी हुई है और उन्होंने जनवरी में बीजिंग की यात्रा की थी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित शीर्ष चीनी नेताओं से मुलाकात की थी। उनकी सरकार ने चीनी सेना के साथ एक रक्षा समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत पीपुल्स लिबरेशन आर्मी मालदीव की सुरक्षा और रक्षा बलों की सहायता करेगी।
मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में कौन कौन आ रहे?
पीएम मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए कई दक्षिण एशियाई नेताओं को निमंत्रण भेजा है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने मामले से परिचित लोगों के हवाले से बताया है, कि जिन लोगों को आमंत्रित किया गया है, उनमें श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और मॉरीशस के नेता शामिल हैं, जिन्हें 9 जून को होने वाले भव्य समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के कार्यालय के मीडिया प्रभाग ने कहा कि मोदी ने उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है। कार्यालय ने कहा, कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और फोन कॉल पर मोदी को चुनावी जीत की बधाई दी है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और नेपाली नेता पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने भी समारोह में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
आपको बता दें, कि नरेंद्र मोदी 9 जून को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बनने की शपथ लेंगे। हालांकि बीजेपी को चुनावों में अपने दम पर बहुमत नहीं मिल सका, लेकिन पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 543 में से 293 सीटें हासिल कीं। भारत में निचले सदन में बहुमत का आंकड़ा 272 है। 2019 में मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों के नेताओं ने भाग लिया था, जब वह लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बने थे।












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