भारत के अपमान पर अजब राजनीति: मालवीद की मुख्य विपक्षी पार्टी मोदी के साथ, कांग्रेस मुइज्जू के साथ!
India-Maldives: पिछले हफ्ते लक्षद्वीप को एक पर्यटक स्थल के रूप में प्रचारित करने वाले पीएम मोदी के पोस्ट पर मालदीव के मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों ने दोनों ही देशों में सियासत को गर्म कर दिया है। लेकिन, इस विवाद के बीच एक बेहद चौंकाने वाली बात देखने को मिल रही है।
मालदीव को लेकर हुए विवाद में देखने को मिल रहा है, कि जहां मालवीद की विपक्षी पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर भारत का साथ दिया है, वहीं भारतीय विपक्षी पार्टियों के कई नेता, मालदीव के चीन परस्त नेता के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

मालदीव के विपक्षी नेता भारत के साथ
मालदीव की मुख्य विपक्षी पार्टी मालदीव नेशनल पार्टी ने बकायदा ट्वीट करते हुए लिखा है, कि "मालदीव नेशनल पार्टी एक देश के प्रमुख के खिलाफ सरकारी अधिकारियों की नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करती है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। हम सरकार से अपील करते हैं, कि वो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।"
इसके अलावा, मालदीव की मुख्य विपक्षी पार्टी ने राष्ट्रपति मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश करने का फैसला किया है। जिसके बाद संभावना है, कि मोहम्मद मुइज्जू को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा भी देना पड़ सकता है। वहीं, जितने भी मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, उन्हें भी संसद की तरफ से समन किया जाएगा।
मालदीव के एक दो नहीं, बल्कि दो-दो पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व विदेश मंत्री, पूर्व रक्षा मंत्री भारत के साथ खड़े हैं। इन लोगों ने अपने ही देश की चीन परस्त मोहम्मद मुइज्जू की सरकार को फटकार लगाई है और मालदीव में संसदीय अल्पसंख्यक नेता अली अजीम ने तो अपने सीनियर नेताओं से अपील की है, कि राष्ट्रपति के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव तक पेश किया जाए।
लेकिन, भारत के कुछ विपक्षी नेता ऐसे हैं, जो मालदीव के एंटी-इंडिया राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भाषा बोलते नजर आ रहे हैं। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद, पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद सोलिह ने बकायदा ट्वीट करते हुए मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को फटकार लगाई है।
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने अपने ही देश के उन नेताओं को नसीहत दी जो पीएम मोदी की लक्षदीप यात्रा का मजाक उड़ा रहे थे। नशीद ने मालदीव के मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की जा रही अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा भी की। उन्होंने कहा कि मंत्री मरियम शिउना द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा "भयानक" थी। उन्होंने कहा कि भारत मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि के लिए एक "प्रमुख सहयोगी" है।
इसके अलावा, मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया दीदी, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भारत के साथ कई डिफेंस एग्रीमेंट्स किए, उन्होंने अपने ही देश की सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, कि भारत हमेशा से मालदीव के साथ हर परिस्थिति में खड़ा रहा। भारत की मदद से मालदीव ने कई अभियानों में सफलता पाई है।
मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया दीदी ने कहा कि मालदीव में कभी भी भारतीय सैनिकों नहीं रहे हैं। दीदी ने कहा कि मालदीव के साथ भारत का लंबा रिश्ता रहा है और मालदीव की ये परंपरा रही है, हम सदियों पुरानी परंपरा को कायम न रखने की कोशिश कर सकते हैं। पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री ने पीएम पर टिप्पणी को लेकर अपनी ही सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि मौजूदा मालदीव सरकार की अदूरदर्शी सोच को दर्शाती है।
वहीं, मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने एक ट्वीट करते हुए मालवीद की महिला मंत्री के प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दिए गये बयान की निंदा की है।
अब्दुल्ला शाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक टिप्पणी करते हुए लिखा है, कि "मालदीव सरकार के 2 उपमंत्रियों और सत्तारूढ़ गठबंधन में एक राजनीतिक दल के एक सदस्य द्वारा प्रधान मंत्री मोदी और भारत के लोगों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की गई, मैं सरकार से इन अधिकारियों को फटकार लगाने का आह्वान करता हूं।"
भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी किसके साथ?
भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के ट्वीटर हैंडल से प्रधानमंत्री मोदी की लक्षद्वीप की यात्रा को लेकर एक व्यंग ट्वीट में पूछा गया है, कि 'मैं जब छुट्टी मनाता हूं तो कैसा महसूस करता है', वहीं दूसरे विंडो में लिखा गया है, कि 'जब मैं मणिपुर की बात करता हूं, तो मैं कैसा महसूस करता हूं।"
वहीं, भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी के प्रमुख नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने लिखा है, कि "राष्ट्रवादी ट्रोल्स लक्षद्वीर बनाम मालदीव पर हल्ला मचा रहे हैं, जिससे एक करीबी सहयोगी दूर हो रहा है। मोदी डैमेज शुरू करते हैं और भक्त उसे आगे लेकर जाते हैं।












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