लापता मलेशिया एयरलाइंस MH370 की मिलीं पुख्ता तस्वीरें

मंत्री के हवाले से समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने कहा है कि मलेशिया की सुदूरवर्ती संवेदी एजेंसी (एमआरएसए) के विश्लेषण के अधार पर 400 वर्ग किलोमीटर में 122 संभावित वस्तुओं की पहचान की गई है। मंत्री ने कहा कि कुछ वस्तुओं की लंबाई एक मीटर है जबकि कुछ की लंबाई 23 मीटर तक है। उन्होंने कहा कि कुछ चीजों चमकीली हैं जिससे उनके ठोस सामग्री होने का अनुमान लगता है। उन्होंने कहा कि जहां इन वस्तुओं को चिन्हित किया गया है वह जगह पर्थ से करीब 2557 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में है।
इस बीच आस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को भी दक्षिणी हिंद महासागर में विमान की तलाश जारी रही। छह देश आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया तलाशी में हिस्सा ले रहे हैं। जहां तलाशी ली जा रही है वह जगह पश्चिमी आस्ट्रेलिया की राजधानी पर्थ से 2500 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में है। आस्ट्रेलियाई समुद्री सुरक्षा प्राधिकरण (एएमएसए) ने एक बयान में कहा है, "कुल सात सैन्य और पांच असैनिक विमान आज की तलाशी में हिस्सा लेंगे।" खराब मौसम के कारण मंगलवार को तलाशी रोक दी गई थी।
सुबह 8 बजे पर्थ से चीन का एक विमान तलाशी क्षेत्र में भेजा गया और 9:10 बजे सुबह में रॉयल न्यूजीलैंड वायुसेना का विमान रवाना किया गया। रॉयल आस्ट्रेलिया वायुसेना के विमान को 11 बजे सुबह और अमेरिकी नौसेना के विमान को 2 बजे दिन में और जापान के विमान को 3 बजे दिन में रवाना किया गया। इसके बाद 4 बजे और शाम 5 बजे एक-एक विमान रवाना किया गया। एएमएसए ने बयान में कहा, "दो असैनिक विमान पथ से तलाशी वाले इलाके में भेजा गया है। तीन अन्य असैनिक विमानों को सुबह 10 बजे से दोपहर के बीच रवाना किया जाना था।"
पांच असैनिक विमान में पश्चिम आस्ट्रेलिया के कुल 34 स्टेट इमर्जेसी सर्विस के स्वयंसेवी हवाई पर्यवेक्षक के रूप में सवार होंगे। मलेशिया एअरलाइन्स का विमान एमएच 370 उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद लापता हो गया। विमान को उसी दिन सुबह में बीजिंग में उतरना था लेकिन जिस समय वह वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर के वायु यातायात नियंत्रण की सीमा से गुजर रहा था उसी समय उसका रडार से संपर्क भंग हो गया। इसके बाद से विमान का कहीं कोई पता नहीं चल पाया है। विमान में 226 यात्री सवार थे जिसमें पांच भारतीय, 154 चीनी, 38 मलेशियाई और अन्य देशों के नागरिक थे।
सोमवार को कुआलालंपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने कहा कि हवाई दुर्घटनाओं की जांच करने वाले ब्रिटिश जांचकर्ताओं ने पुष्टि की कि एमएच 370 दक्षिण हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। उन्होंने कहा, "नए विश्लेषण आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि एमएच 370 दक्षिणी कॉरिडोर में उड़ान भरा और इसकी अंतिम स्थिति पर्थ के पश्चिम हिंद महासागर में थी।" (आईएएनएस)












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