लंदन में गाजा के समर्थन में उतरे 3 लाख मुस्लिम, यहूदी समर्थकों के साथ हुई जमकर झड़प, 150 गिरफ्तार
लंदन में शनिवार को आयोजित फलस्तीन समर्थन रैली में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि लगभग 3 लाख लोग राजधानी में एकत्र हुए थे, जबकि कार्यक्रम के आयोजकों ने यह संख्या 8 लाख के करीब बताई और दावा किया कि यह ब्रिटिश इतिहास के सबसे बड़े रैलियों में से एक था।
इसके जवाब में दक्षिणपंथी समर्थकों ने भी रैली निकाली और दोनों रैलियों में टकराव के चलते हिंसा भड़की। इस दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि दक्षिणपंथी गुटों और पुलिस के बीच जमकर हाथापाई हुई। इस रैली में हिंसा भड़कने के बाद 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पीएम ऋषि सुनक ने हिंसा की इस घटना पर चिंता जताई है।

पुलिस ने कहा कि मार्च का विरोध करने वाले धुर दक्षिणपंथी समूह लंदन में भारी संख्या में मौजूद थे, जिसके कारण सेनोटाफ युद्ध स्मारक के पास, संसद भवन के पास और वेस्टमिंस्टर में अधिकारियों के साथ झड़पें हुईं।
बता दें कि प्रथम विश्व युद्ध के खत्म होने की याद में ब्रिटेन में हर साल आर्मिस्टिक डे यानी युद्धविराम दिवस मनाया जाता है। इसी दिन लंदन में फिलिस्तीन समर्थकों ने गाजा में युद्धविराम की मांग को लेकर रैली निकाली। इस रैली के दौरान यहूदी विरोधी नारेबाजी की गई और हमास के समर्थन में लोगों ने नारे लगाए और हमास के झंडे लहराए।
अधिकारियों ने दक्षिणपंथी गुट के प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिनमें से कुछ ने उन पर बोतलें फेंकीं। सड़कों पर बढ़ते तनाव को देखते हुए भारी मात्रा में पुलिसबल मौके पर भेजा गया।
इस रैली में हिंसा भड़कने की आशंका पहले से थी लेकिन लंदन मेट्रोपोलिटन पुलिस ने रैली पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अब पुलिस का कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि रैली के दौरान इतने बड़े पैमाने पर हिंसा हो सकती है।
इस हिंसा के बाद लंदन में तनाव का माहौल है। प्रधानमंत्री ने पुलिस से इस हिंसा की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया है। गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने फिलिस्तीन समर्थन में निकाली गई रैली को घृणा रैली करार दिया था। ब्रेवरमैन के बयान की लंदन के मेयर ने भी आलोचना की है।
लंदन के मेयर सादिक खान और स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री हमजा यूसुफ ने आंतरिक मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को देश में दक्षिणपंथ को प्रोत्साहित करने के लिए दोषी ठहराया है। उन्होंने सप्ताह की शुरुआत में पुलिस पर फिलिस्तीनी समर्थक भीड़ का पक्ष लेने का आरोप लगाया था।












Click it and Unblock the Notifications