लंदन मेयर इलेक्शन में खड़े हुए दिल्ली के तरूण गुलाटी कौन हैं, पाकिस्तानी मूल के मेयर सादिक खान को हरा पाएंगे?

London Mayor Election 2024: लंदन में मेयर इलेक्शन 'हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान' होने की संभावना है और पाकिस्तानी मूल के लंदन मेयर सादिक खान के खिलाफ इस बार भारतीय मूल के तरूण गुलाटी रेस में शामिल हो गये हैं। तरूण गुलाटी का कहना है, कि किसी भी राजनीतिक पार्टी ने लंदन के विकास के लिए काम नहीं किया है, लिहाजा राजनीतिक दलों से लंदन के निवासी निराश हैं।

तरूण गुलाटी ने कहा है, कि वो एक CEO की तरह लंदन शहर का कामकाज संभालना चाहते हैं, ना किसी नेता की तरह, ताकि शहर में व्यवस्था कायम हो सके और सभी को लाभ मिल सके।

London Mayor election 2024

तरूण गुलाटी कौन हैं?

दिल्ली में जन्मे तरूण गुलाटी का मानना है, कि एक व्यवसायी और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट के तौर पर उनका अनुभव लंदन को आवश्यक निवेश को आकर्षित करने और 'ग्लोबल बैंक' बनने कि दिशा में ले जाएगा और लंदन की किस्मत फिर से पुनर्जीवित हो पाएगी।

63 साल के तरूण गुलाटी 2 मई को लंदन मेयर का होने वाले चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार की तरह अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। लंदन मेयर इलेक्शन में इस साल कुल 13 लोगों ने नामांकन दाखिल किया है और 2 मई को होने वाले चुनाव में लंदन के लोग मेयर चुनाव के साथ साथ लंदन विधानसभा के लिए भी वोट डालेंगे।

तरूण गुलाटी ने इस हफ्ते लोगों को संबोधित करते हुए एक भाषण में कहा, कि "मैं लंदन को एक अद्वितीय वैश्विक शहर के रूप में देखता हूं, जो 'ग्लोबल बैंक' के समान है, जहां विविध संस्कृतियां पनपती हैं।"

उन्होंने कहा, कि "मेयर के रूप में, मैं लंदन की बैलेंस शीट इस तरह बनाऊंगा, कि यह निवेश के लिए प्रमुख विकल्प बन जाए, इसके सभी निवासियों के लिए सुरक्षा और समृद्धि की रक्षा हो। मैं एक अनुभवी सीईओ की तरह लंदन को प्रभावी ढंग से और कुशलता से बदलूंगा और चलाऊंगा। लंदन एक लाभदायक निगम होगा, जहां लाभप्रदता का अर्थ सभी की भलाई है। आप सभी यात्रा का हिस्सा होंगे। आइए इसे अपने लंदन, अपने घर के लिए करें।"

तरूण गुलाटी ने लंदन की सुरक्षा को मजबूतक करने को सबसे बड़ी प्राथमिकता करार दिया है, जहां आए दिन हिंसक घटनाएं, लूटपाट और छीना झपटी होने लगी है। उन्होंने सुरक्षा के लिए पुलिसबलों की संख्या बढ़ाने की बात कही है।

आपको बता दें, कि सादिक खान के कार्यकाल में लंदन कट्टरपंथियों और चोर-डकैतों का शहर बन गया है। पिछले दिनों मशहूर क्रिकेटर केविन पीटरसन ने इसके लिए खुलेआम सादिक खान की आलोचना की थी और लंदन की सुरक्षा व्यवस्था को बर्बाद बताते हुए इसके लिए सादिक खान को जिम्मेदार ठहराया था।

सादिक खान के कार्यकाल के दौरान लंदन में जमकर फिलीस्तीन-हमास समर्थक रैलियां निकल रही हैं, जिसकी आलोचना प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी कर चुके हैं।

सादिक खान की अलोकप्रिय नीतियां

लेबर पार्टी के मौजूदा नेता सादिक खान की कुछ अलोकप्रिय नीतियों के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है और तरूण गुलाटी ने उन वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए शहर भर में अल्ट्रा लो एमिशन जोन (यूएलईजेड) शुल्क और लो ट्रैफिक नेबरहुड (एलटीएन) को खत्म करने की घोषणा की है।

सादिक खान के अलावा तरूण गुलाटी, ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी के मेयर उम्मीदवार सुसान हॉल की भी आलोचना कर रहे हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि वह कई वर्षों तक लंदन के विधानसभा सदस्य होने के बावजूद मेयर की विवादास्पद नीतियों को रोकने में नाकाम रहे।

उन्होंने कहा, कि "अगर राजनीतिक उम्मीदवार वही कर रहे हैं, जो उन्हें करना चाहिए तो मैं मेयर के लिए उम्मीदवार नहीं बनूंगा। उन्होंने हमें निराश किया है। यह सब लंदन और लंदनवासियों के बारे में है।"

आपको बता दें, कि लंदन के मेयर के पास बहुत हद तक दिल्ली के मुख्यमंत्री जितनी अधिकारें होती हैं। लेकिन, लंदन मेयर के पास पुलिस प्रशासन का अधिकार भी होता है। वहीं, परिवहन व्यवस्था, आवास जैसे मुद्दे भी लंदन मेयर इलेक्शन में काफी अहम होते हैं।

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