Liz Truss के इस्तीफे के बाद Rishi Sunak की दीपावली पर लगेगी बंपर लॉटरी?
ऋषि सुनक ने चुनावी कैम्पेन के दौरान टैक्स कटौती को लेकर लिज ट्रस को कई बार चेतावनी दी थी और टैक्स कटौती के वादे को 'परी कथा' बताया था।
UK PM Liz Truss Resigns: सिर्फ 45 दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के बाद यूनाइटेड किंगडम की प्रधानमंत्री लिज ट्रस को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। 45 दिनों के अपने ब्रिटिश इतिहास के सबसे संक्षिप्त कार्यकाल में बतौर प्रधानमंत्री लिज ट्रस पर बुरी तरह से नाकाम रहने के आरोप लगे और आखिरकार उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने भी यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था, कि प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने अपना भरोसा खो दिया है और वो जिस मकसद से प्रधानमंत्री बनी थीं, वो पूरा करने में विफल रही हैं। वहीं, ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय मूल के ऋषि सुनक की अब बंपर दिवाली लॉटरी लग सकती है और वो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे हैं।
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ऋषि सुनक की लगेगी दिवाली लॉटरी?
भारतीय मूल के ब्रिटिश नेता और अर्थशास्त्री ऋषि सुनक प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। पिछली बार वो करीब 22 हजार वोटों से लिज ट्रस से हार गये थे, लेकिन अब लिज ट्रस के इस्तीफा देने की खबर के साथ सट्टेबाज पहले से ही इस बात की पेशकश कर रहे हैं कि अगला कौन होगा। स्काई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, बेटफेयर ने अनुमान लगाया है कि, पूर्व चांसलर और वित्तमंत्री ऋषि सुनक 11/10 भाव के साथ सबसे पसंदीदा प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं। वहीं, उनके बाद उसके बाद पेनी मोर्डौंट का भाव 7/2 और बेन वालेस का भाव 8/1 है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, एक और कंजर्वेटिव नेता जेरेमी हंट के भाव 9/1 हैं, लेकिन उनके प्रधानमंत्री पद की रेस में आने की संभावना नहीं हैा। जबकि, पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और थेरेसा में का भाव क्रमशः 13/1 और 16/1 है। उनके बाद माइकल गोव का भाव 31/1, ग्रांट शाप्स का भाव 35/1 और सुएला ब्रेवरमैन 55/1 का भाव है।

31 अक्टूबर से पहले नया प्रधानमंत्री?
Vवहीं, कंजर्वेटिव पार्टी के सर ग्राहम ब्रैडी ने एक बयान में कहा है कि, नये प्रधानमंत्री का चुनाव 31 अक्टूबर से पहले कर लिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि, अभी इसको लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन बहुत जल्द स्पष्टता प्रदान की जाएगी। आपको बता दें कि, सर ग्राहम ब्रैडी ब्रिटेन के 1922 समिति के अध्यक्ष हैं, जो नये प्रधानमंत्री के चुनाव का कामकाज देखते हैं। वहीं, बैकबेंच कंजर्वेटिव सांसद माइकल फैब्रिकेंट ने लिज ट्रस के इस्तीफे के पीछे पूर्व वित्तमंत्री क्वासी क्वार्टेंग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि, "मुझे लिज़ ट्रस और राष्ट्र के लिए बहुत खेद है"। उन्होंने आगे कहा कि, "अगर यह क्वासी क्वार्टेंग का भव्य प्रयोग (मिनी-बजट) नहीं होता, तो ऐसा नहीं होता"। उनका निशाना पूर्व वित्तमंत्री के मिनी बजट को लेकर था, जिसमें टैक्स में भारी कटौती की गई थी, जिससे ब्रिटिश बाजार पर गंभीर असर पड़ा है।"

क्या अब जल्द होंगे लोकसभा चुनाव?
ब्रिटेन की राजनीति में इस साल की शुरुआत से ही बवंडर मचा हुआ है, जब एक नेता के सेक्स स्कैंडल में फंसने के बाद बोरिस जॉनसन को इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं, कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद एंड्रयू ब्रिजन ने कहा है कि, लिज ट्रस के लिए पद छोड़ना "सही फैसला" है। उन्होंने कहा कि, अब "कोई रास्ता नहीं है इसलिए उन्होंने सम्मानजनक फैसला किया है।" वहीं, आगे की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि, देश हित को देखते हुए पार्टी के तमाम प्रमुख नेता एक साथ आ सकते हैं और अपने 'अहंकार' को एक तरफ रख सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, "मुझे लगता है कि, आज हम जिस राजनीतिक स्थिति में हैं, और अगर सभी प्रमुख नेता एक साथ नहीं आते हैं, तो किसी भी प्रधानमंत्री के लिए सरकार चलाना असंभव होगा और फिर हम आम चुनाव में जा सकते हैं।" वहीं, इस सवाल पर, कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन हो सकता है, उन्होंने कहा कि, "मुझे लगता है कि ऋषि सुनक या फिर पेनी मोर्टौंड सबके स्वीकार्य होंगे।"

ऋषि सुनक की अब क्या है स्थिति?
यूनाइटेड किंगडम के पूर्व चांसलर, जो लिज ट्रस से आखिरी राउंड में प्रधानमंत्री पद की रेस में हार गये थे, वो सट्टेबाजों की पहली पसंद हैं और चुनावी कैम्पेन के वक्त उन्होंने बार बार लिज ट्रस को ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को देखते हुए मनमोहक वादे नहीं करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने टीवी कार्यक्रमों में लिज ट्रस के साथ आमने- सामने की बहस में कई बार चेतावनी देते हुए कहा खा, कि टैक्स कटौती की योजनाएं ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को गहरा धक्का पहुंचाएंगी और उन्होंने लिज ट्रस के टैक्स कटौती के वादे को 'परीकथा' बताया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा था, कि 'भले ही मैं चुनाव हार जाऊं, लेकिन मैं टैक्स कटौती का वादा नहीं कर सकता।' और फिर वो चुनाव हार गये थे। वहीं, टेलीग्राफ ने अपनी एक रिपोर्ट में ऋषि सुनक का समर्थन करने वाले एक सांसद के हवाले से कहा है, कि "उन्होंने जो कुछ कहा, वह सब हो गया।" आपको बता दें कि, ऋषि सुनक टोरी नेतृत्व की दौड़ में सांसदों के बीच हर वोटिंग राउंड जीता था, लेकिन इस बात पर सवालिया निशान हैं, कि क्या वह पार्टी को फिर से जोड़ सकते हैं? क्योंकि, उनके सबसे बड़े विरोधी पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ही हैं।












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