यहां बाथटब और टॉयलेट में सोते हैं लोग
नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी की दुनिया में महारत रखने वाले चाइना जैसे अग्रण्ाी देश्ा में कई ऐसी स्थितियां हैं जिससे हम नजरअंदाज हैं। चाइना के हॉन्ग कॉन्ग में ऐसा ही वाक्या सामने आया है जिसे देखकर आप हैरान हो जाएंगे। दरअसल यहां पर डोमेस्िटक वर्कर्स को ऐसी स्िथतियों में सोने और रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हैं। यहांं पर घरेलू नौकरोंं की कंडीश्ान बेहद खराब है। उन्हेंं इस कदर टॉर्चर किया जाता है कि आराम से चैन की नींद भी नहीं सोने को मिलती है।

डोमेस्िटक वर्कर इरिवियाना से सामने आया यह अजीबो-गरीब वाक्या
दरअसल हाल ही में एक रिसर्च हुई है जिसमें इस बात का पता चला है कि वहां पर डोमेस्िटक वर्कर्स यानि सरवेंटस की स्थिति इतनी खराब है कि उन्हें सोने के लिए कहीं भी मजबूर होना पड़ता है। हाल ही में 2014 में एक डोमेस्टिक वर्कर इरवियाना इतनी परेशान हो गई थीं कि उन्हें बेहद क्रिटिकल कंडीशन में रहना पड़ता था। वहां की सरकार को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने इनके लिए किसी भी तरह न ही कोई स्टेप उठाया न ही कोई अहम निर्णय लिया।

मिशन के तौर पर चला काम
2014 से अबतक तीन साल हो गए हैं और तब से लेकर अभी तक माइग्रेंट वर्कर्स के लिए एक ग्रुप ने एक मिशन के तौर पर काम किया। तब जाकर पता चला कि दस में से तीन वर्कर्स ऐसे हैं जिन्हें इस सिचुएशन से गुजरना पड़ता है। दिन भर कड़ी मेहनत के बाद उन्हें तंग से तंग जगह पर सोना पड़ता था। इसके लिए किचन हो या स्टोर रूम यहां तक कि बालकनी की दो फिट की जगह पर भी अपना गुजारा करना पड़ता है। यह तो कुछ भी नहीं है वर्कर्स की ऐसी हालत है कि यहां पर उन्हें बाथटब्स और टॉयलेट तक में सोना पड़ जाता है।

स्मॉल Flats के चलते बेचारे वर्कर्स हुए परेशान
हाल ही में डोमेस्टिक वर्कर्स के लिए चलाई गई HELP कैंपेन ग्रुप ने हॉन्गकान्गर्स की हेल्प से इन वर्कर्स को समझने की कोशिश की। एलेन ने आगे डोमेस्टिक वर्कर्स के लिव इन रूल के बारे में बताया कि ज्यादातर कंडीशन में यह देखने को मिला है कि डोमेस्टिक वर्कर्स को फोर्सफुली कंडीशन और टॉर्चर के बाद ऐसी कंडीशन में रहना पड़ता है। उन्हें वहां रहने के लिए कई अपशब्द और गालियां तक सुननी पड़ती हैं। स्मॉल flats के ट्रेंड के चलते ज्यादा फैमिली को बहुत ही चेलेंजिंग कंडीशन में रहना पड़ता है।

न सोना पड़े ऐसे इसके लिए मांग रहे हैं न्याय
अब तक इसको लेकर कई तरह की शिकायत भी एलेन के पास आ चुकी हैं इस प्रॉब्लम को लेकर। इसके लिए डोमेस्टिक वर्कर्स न्याय की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि दिनभर की भागदौड़ के बाद जब वह ठीक से सो नहीं पाते हैं तो वह काफी थक चुके होते हैं। हमें अपने डोमेस्टिक वर्कर्स का थोड़ा ख्याल रखना चाहिए क्योंकि उनका कहना है कि सेहत के लिहाज से भी यह समस्या उनके लिए काफी निराशाजनक है।












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