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लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या, अकरम गाज़ी भी बना अज्ञात शख्स का निशाना

Lashkar-e-Taiba (LeT) commander Akram Khan Ghazi Shot: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात बाइक सवार लोगों ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के कमांडर अकरम खान गाजी की गोली मारकर हत्या कर दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी एजेंसियां गाजी की हत्या की जांच के लिए स्थानीय हमालवरों के साथ-साथ लश्कर के भीतर की लड़ाई की भी जांच कर रही हैं।

पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों में दर्जनों आतंकवादियों की हत्या की जा चुकी है और हर हत्या में करीब करीब एक ही तरह का पैटर्न और अज्ञात लोगों का हाथ है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, अभी तक हत्या में शामिल एक भी हमलावर को गिरफ्तार करने या उसकी पहचान करने में काबिल नहीं हो पाई है।

LeT terrorist Akram Khan Alias Akram Ghazi shot

एक और आतंकवादी की हत्या

अकरम गाजी कथित तौर पर लश्कर के केंद्रीय भर्ती सेल का एक प्रमुख सदस्य था और आतंकवादियों को कट्टरपंथी बनाने के लिए जिम्मेदार था, जिनका काम कश्मीर में घुसपैठ करने की होत थी। टीओआई की रिपोर्ट बताती है, कि पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आईएसआई गाजी की हत्या को कम करने की कोशिश कर रही है, जो भारत के खिलाफ नफरत भरे बयानों के लिए जाना जाता है।

गाजी की हत्या हाल के दिनों में लश्कर के किसी शीर्ष आतंकवादी की तीसरी हत्या है और इस साल सीमा पार से सक्रिय आतंकवादी संगठन के शीर्ष कमांडर की छठी हत्या है।

इससे पहले, रविवार को कश्मीर आर्मी कैंप पर साल 2018 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ख्वाजा शाहिद को पाकिस्तान में नियंत्रण रेखा के पास सिर कटा हुआ पाया गया था।

वहीं, धांगरी आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक रियाज अहमद उर्फ अबू कासिम की सितंबर में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एक मस्जिद के अंदर अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

मूल रूप से जम्मू क्षेत्र का रहने वाला अहमद 1999 में सीमा पार घुसपैठ कर गया था। उसे पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में आतंकवाद के पुनरुद्धार के पीछे का दिमाग माना जाता था। वह ज्यादातर मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा बेस कैंप से काम करता था, लेकिन हाल ही में रावलकोट चला गया था।

जबकि, इसी साल मार्च में, प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन के एक शीर्ष कमांडर की पाकिस्तान के रावलपिंडी में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रहने वाले बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम 15 साल से ज्यादा समय से पाकिस्तान में रह रहे था। उस पर कश्मीर में अल-कायदा की शाखा अंसार गजवत-उल-हिंद के मुख्य कमांडर जाकिर मूसा को मई 2019 में मारने का आरोप था।

फरवरी में, अज्ञात बंदूकधारियों ने बंदरगाह शहर कराची में अल-बद्र मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रज़ा की गोली मारकर हत्या कर दी, जिसे पुलिस ने एक लक्षित हमला बताया था।

वहीं, वैश्विक आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट के शीर्ष कमांडर के रूप में काम करने वाला एक कश्मीरी आतंकवादी, ऐजाज़ अहमद अहंगर, इस साल की शुरुआत में अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में मृत पाया गया था, जिसे कथित तौर पर तालिबान ने मारा था।

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