दाऊद इब्राहिम को जहर दिए जाने की खबर के बीच लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी की हत्या, अज्ञात शख्स ने मारी गोली
Habibullah Killed: दाऊद इब्राहिम को जहर दिए जाने की खबर के बीच पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के एक और आतंकवादी को मौत के घाट उतार दिया गया है, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के लिए बहुत बड़ा झटका है। ऐसी रिपोर्ट है, कि दाऊद इब्राहिम को जहर दिया गया है और वो कड़ी सुरक्षा के बीच कराची के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने कराची अस्पताल को किले में तब्दील कर दिया है।
लेकिन, एक और कुख्यात आतंकवादी हबीबुल्ला खान उर्फ भोला खान, जो लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़ा हुआ था और आतंकी संगठन में भर्ती का काम देखता था, रविवार शाम खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

हबीबुल्ला खान की हत्या टारगेटेड किलिंग की पिछली घटनाओं की सीरिज की अगली कड़ी है, जिसमें पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में 20 से ज्यादा हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया है। पाकिस्तान की पुलिस ने हर एक हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर में आरोपी का नाम 'अज्ञात हमलावर' लिखा है।
हबीबुल्लाह खान की गोली मारकर हत्या
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हबीबुल्लाह खान नेशनल असेंबली (एमएनए) के सदस्य दावर खान कुंडी का चचेरे भाई था। जिसे अज्ञात बंदूकधारी ने टैंक के एक गांव रुनवाल में गोलियों से छलनी कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। स्थानीय पुलिस तुरंत गांव पहुंची और शव को सिविल अस्पताल टैंक में रखवाया गया। पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में हबीबुल्लाह खान की मौत की पुष्टि की गई है।
यह घटना उसी दिन हुई जब भारत के मोस्ट वांटेड भगोड़े दाऊद इब्राहिम के कथित तौर पर अज्ञात हमलावरों द्वारा जहर देने के कारण अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आईं।
हालिया हत्या लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद के करीबी सहयोगी अदनान अहमद की हत्या के बाद हुई है, जिसे कुछ हफ़्ते पहले कराची शहर में मार गिराया गया था।
पाकिस्तान में लक्षित हत्याओं की बाढ़ के जवाब में, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस बात पर जोर दिया, कि भारतीय अधिकारियों द्वारा वांछित व्यक्तियों को भारत में कानूनी व्यवस्था का सामना करने के लिए प्रत्यर्पित किया जाना चाहिए।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, कि "जो लोग भारत में आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के लिए न्याय का सामना करना चाहते हैं, हम चाहेंगे कि वे भारत आएं और हमारी कानूनी प्रणाली का सामना करें, लेकिन मैं पाकिस्तान में हो रहे इन डेवलमेंट्स पर टिप्पणी नहीं कर सकता।"












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