किम जोंग ने ‘तेज रफ्तार’ से परमाणु मिसाइलों के निर्माण की खाई कसम, न्यूक्लियर बमों को देख सहमी दुनिया
उत्तर कोरिया अपने हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल का फायदा उठा रहा है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यूक्रेन में रूस के युद्ध को लेकर बंटी हुई है।
प्योंगयोंग, अप्रैल 26: उत्तर कोरिया के तानाशाह नेता किम जोंग उन ने अपने देश के सैन्य अधिकारियों को काफी तेज गति से परमाणु हथियारों का निर्माण करने के लिए कहा है। उत्तर कोरिया के तानाशाह के इस फरमान ने पूरी दुनिया को परेशान कर दिया है, क्योंकि एक तरह पहले ही यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है, जिसके कभी भी भीषण और विध्वंसक रूप लेने का डर है, तो दूसरी तरह सनकी तानाशाह के इरादे उससे भी ज्यादा खतरनाक हैं।
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किम जोंग उन की कसम
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपने परमाणु बलों को "अधिकतम गति" से बढ़ाने की कसम खाई है और लंबी दूरी की मिसाइल और अन्य हथियारों को प्रदर्शित करने वाली एक सैन्य परेड के दौरान दुनिया के सामने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है। सैन्य परेड के दौरान किम जोंग उन ने एक भाषण दिया है, जिसमें काफी उकसाने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया गया है और परमाणु बमों का इस्तेमास करने की चेतावनी भी दी गई है। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने किम जोंग उन के भाषण और सैन्य परेड की तस्वीरों को जारी किया है, जिसमें दिख रहा है, कि परमाणु बम के साथ किम जोंग उन परेड में शामिल हुए हैं।

अमेरिका को डायरेक्ट धमकी
किम जोंग उन ने देश की सैन्य परेड के सामने जो भाषण दिया है, उसमें उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका और उत्तर कोरिया के प्रतिद्वंदियों को संबोधित किया है और साफ कहा है कि, वो परमाणु हथियारों का निर्माण तेजी से जारी रखेंगे। आपको बता दें कि, अमेरिका ने पिछले महीने उत्तर कोरिया पर कई और प्रतिबंध लगाए हैं, क्योंकि उत्तर कोरिया लगातार बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है।

उत्तर कोरिया में सैन्य परेड
सोमवार की रात परेड उत्तर कोरिया की सेना की 90 वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए निकाली गई थी, जिसमें किम जोंग उन अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए थे। किम जोंग उन ने परमाणु हथियारों के तेजी से निर्माण करने की कसम उस वक्त खाई है, जब देश लगातार भीषण आर्थिक संकट से गुजर रहा है और कोविड ने देश की स्थिति को और भी ज्यादा खराब कर दिया है। वहीं, अमेरिकी प्रतिबंध पहले से ही उत्तर कोरिया की आर्थिक स्थिति को बर्बादी के मुहाने पर ला चुका है, लेकिन इतना होने के बाद भी उत्तर कोरिया के तानाशाह की बम बनाने की विनाशक आदत कम नहीं हुई है। इस साल यूएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, उत्तर कोरिया भुखमरी से गुजर सकता है।

किम जोंग उन की प्रतिज्ञा
आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्योंगयांग प्लाजा में परेड के लिए एकत्र हुए अपने सैनिकों और भीड़ से किम जोंग उन ने कहा कि, ‘हम अपने देश के परमाणु बलों को अधिकतम गति से मजबूत करने और विकसित करने के उद्देश्य से उपायों को लागू करना जारी रखेंगे'। किम ने कहा कि, ‘हमारे परमाणु बलों का मूल मिशन युद्ध को रोकना है, लेकिन अगर हमारी जमीन पर कोई अवांछित स्थिति पैदा होती है, तो हमारे परमाणु बलों को युद्ध को रोकने के एक मिशन तक सीमित नहीं किया जा सकता है'। किम जोंग उन ने आगे कहा कि, ‘अगर कोई भी ताकतें, चाहे वे कोई भी हों, हमारे मौलिक हितों का उल्लंघन करने की कोशिश करती हैं, तो हमारे परमाणु बलों के पास अपने अप्रत्याशित दूसरे मिशन को पूरी तरह से अंजाम देने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।"

विध्वंसक मिसाइलों के साथ परेड
उत्तर कोरिया में निकाली गई सैन्य परेड में सैनिकों को खतरनाक और विध्वंसक आधुनिक हथियारों की एक श्रृंखला के साथ दिखाया गया है, जिसमें मिसाइल को साथ साथ टैंक, बख्तरबंद वाहन, तोपखाने के टुकड़े और कई रॉकेट लांचर तक दिखाया गया है। वहीं, उत्तर कोरियाई समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, हथियारों की इस प्रदर्शनी में कई ऐसे परमाणु मिसाइल और रॉकेट ऐसे हैं, जिसकी मारक क्षमता अमेरिका तक है। आपको बता दें कि, किम जोंग उन हाल के महीनों में परमाणु शक्ति को पुनर्जीवित कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य संयुक्त राज्य अमेरिका को उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति के रूप में स्वीकार करने और गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के लिए मजबूर करना है।

फायदा उठाने की कोशिश
विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया अपने हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल का फायदा उठा रहा है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यूक्रेन में रूस के युद्ध को लेकर बंटी हुई है। आपको बता दें कि, उत्तर कोरिया के निरस्त्रीकरण कदमों के बदले अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों में संभावित ढील पर असहमति के कारण वाशिंगटन और प्योंगयांग के बीच परमाणु वार्ता 2019 से रुकी हुई है। किम जोंग उन अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद परमाणु हथियार और देश की निराशाजनक अर्थव्यवस्था के बीच भी लगातार मिसाइलों और परमाणु हथियारों का निर्माण कर रहे हैं। और उन्होंने परमाणु शस्त्रागार को पूरी तरह से आत्मसमर्पण करने की कोई इच्छा नहीं दिखाई है, जिसे वे अपने अस्तित्व की सबसे बड़ी गारंटी के रूप में देखते हैं।

इस साल 13 परीक्षण
उत्तर कोरिया ने इस साल 13 बार अलग अलग मिसाइलों और विध्वंसक हथियारों के परीक्षण कए हैं, जिसमें 2017 के बाद से एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का पहला उड़ान परीक्षण भी शामिल है। ऐसे संकेत भी हैं कि, उत्तर कोरिया एक परमाणु परीक्षण करने के लिए एक मैदानी इलाके में सुरंग का पुननिर्माण कर रहा है, जो 2017 में आखिरी बार सक्रिय था। ऐसी रिपोर्ट है कि, इस साल सितंबर या अक्टूबर महीने में उत्तर कोरिया सुरंग के अंदर परमाणु बम का परीक्षण करेगा। सोमवार को, उत्तर कोरिया के आधिकारिक समाचार पत्रों ने किम के मजबूत जन समर्थन का आह्वान करते हुए संपादकीय लिखे हैं। मुख्य रोडोंग सिनमुन अखबार ने कहा कि, ‘आदरणीय कॉमरेड किम जोंग उन हमारी पार्टी, राज्य और क्रांतिकारी सशस्त्र बलों की ताकत और उनकी महान गरिमा के प्रतिनिधि हैं।"

अमेरिका और जापान निशाने पर
अखबार ने लिखा है कि, उत्तर कोरिया के हाल ही में परीक्षण किए गए हथियार संभावित रूप से अमेरिकी मातृभूमि के साथ-साथ दक्षिण कोरिया और जापान पर हमला करने में सक्षम हैं। उत्तर ने पिछले तीन वर्षों में दक्षिण कोरिया को लक्षित अपने कम दूरी के शस्त्रागार का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया है क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता रुक गई है। वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि, किम का आक्रामक सैन्य अभियान घरेलू राजनीति से भी प्रेरित हो सकता है, क्योंकि उनके पास अपने लोगों को दिखाने के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां नहीं हैं और पिछले 10 सालों से किम जोंग उन शासन में बने हुए हैं, जो उन्हें अपने पिता से विरासत में मिली थी।












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