Killfies: सेल्फी के चलते जान गंवाने वालों में भारत अव्वल, इतने लोग गंवा चुके हैं जान, चौंकाने वाले आंकड़े
Killfies: Gen-Z (जनरेशन-जी) में किल्फी (Killfies) शब्द काफी पॉपुलर हो रहा है। किल्फी यानी इतनी खतरनाक स्थिति या जगह पर सेल्फी लेना जिसका परिणाम मौत या बड़ी चोट के रूप में सामने आए। न्यूयॉर्क की एक लॉ फर्म के अध्ययन से पता चला है कि दुनिया भर में सेल्फी से संबंधित चोटों और मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस अध्ययन का उद्देश्य उन देशों की पहचान करना था जहां सेल्फी से जुड़े हादसों की दर सबसे अधिक है। सोशल मीडिया पर एक बेहतरीन सेल्फी पोस्ट करने की चाहत में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
भारत में किल्फीस (Kill+Selfies) से सबसे ज्यादा मौत
द बार्बर लॉ फर्म द्वारा किए गए इस रिसर्च में पाया गया कि भारत सेल्फी से जुड़ी घटनाओं में सबसे आगे है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका दूसरे स्थान पर है। इस अध्ययन में शीर्ष दस देशों को सूचीबद्ध किया गया है, जहां सेल्फी से संबंधित मौतें और चोटें सबसे ज्यादा दर्ज की गई हैं।

2014 से 2025 के बीच के आंकड़े
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, द बार्बर लॉ फर्म ने मार्च 2014 से मई 2025 के बीच हुई सेल्फी से संबंधित घटनाओं का विश्लेषण किया। अध्ययन के लिए, गूगल न्यूज़ पर प्रकाशित उन सभी रिपोर्टों को शामिल किया गया जिनमें सेल्फी लेते समय किसी की मौत हुई या कोई घायल हुआ।
भारत में कितने लोग मरे?
अध्ययन के मुताबिक, भारत में वैश्विक स्तर पर सेल्फी से संबंधित सभी घटनाओं का 42.1% हिस्सा दर्ज किया गया है। भारत में कुल 271 सेल्फी-प्रेरित घटनाएं हुईं, जिनमें 214 मौतें और 57 चोटें शामिल हैं। रिसर्चकर्ताओं ने इन उच्च आंकड़ों के कई कारण बताए हैं।
इन कारणों में ट्रेन पटरियों और चट्टानों जैसे जोखिम भरे स्थानों तक आसान पहुंच, एक मजबूत सोशल मीडिया संस्कृति और घनी आबादी शामिल हैं। ये सभी कारक भारत में सेल्फी से संबंधित दुर्घटनाओं में वृद्धि का कारण बनते हैं।
दूसरे नंबर पर अमेरिका
भले ही अमेरिका इस सूची में शीर्ष पर न हो, लेकिन वहां सेल्फी से संबंधित घटनाओं का पैटर्न चिंताजनक है। अध्ययन के अनुसार, अमेरिका में कुल 45 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 37 मौतें और 8 चोटें शामिल थीं।
चौथे पर पाकिस्तान
इस सूची में रूस तीसरे स्थान पर है, जहां 18 मौतें और 1 चोट दर्ज की गई। यह संख्या भारत और अमेरिका से काफी कम है, लेकिन फिर भी यह चिंता का विषय है। पाकिस्तान चौथे स्थान पर है, जहां सेल्फी से संबंधित 16 मौतें हुईं और कोई चोट नहीं लगी।
ऑस्ट्रेलिया पांचवें स्थान पर रहा, जहां 13 मौतें और 2 चोटें दर्ज की गईं, जो कुल मिलाकर 15 सेल्फी-प्रेरित घटनाएं हैं। शीर्ष 10 सबसे खतरनाक स्थानों की सूची में इंडोनेशिया, केन्या, यूनाइटेड किंगडम, स्पेन और ब्राजील भी शामिल हैं।
क्यों किया ये रिसर्च?
द बार्बर लॉ फर्म के संस्थापक और प्रमुख अटॉर्नी, क्रिस बार्बर ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया, "हमारा रिसर्च एक परेशान करने वाली प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहां सोशल मीडिया पर पहचान बनाने की चाहत लोगों की जान ले रही है। एक परफेक्ट फोटो के लिए खतरा मोल लेना बिल्कुल भी उचित नहीं है।"
लाइक, शेयर या मौत?
बार्बर ने आगे कहा, "खूबसूरत पलों को कैद करने के लिए हमेशा सुरक्षित विकल्प मौजूद होते हैं, जिनमें खुद को जोखिम में डालने की जरूरत नहीं पड़ती। कोई भी लाइक या शेयर आपकी जान को खतरे में डालने को सही नहीं ठहरा सकता।"
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