Kier Starmer In India: PM मोदी से मिले ब्रिटिश PM, कौन हैं नंदन नीलेकणि जिनसे कीर स्टार्मर ने की खास मुलाकात?
Kier Starmer In India: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस समय मुंबई में हैं, जहां वे भारत के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते और पिछले साल जुलाई में शुरू की गई प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल पर चर्चा कर रहे हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या डील होने वाली है?
इस मुलाकात के दौरान दोनों नेता अपने देशों के बढ़ते व्यापारिक संबंधों का जश्न मनाएंगे। इस अवसर पर भारत की ओर से ब्रिटेन में नए निवेश की घोषणा की जाएगी। दोनों देशों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक भी तय की गई है, जिसमें आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर विचार किया जाएगा।

भारत ब्रिटने में कितना करेगा इन्वेस्ट?
एक आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम के अब तक के सबसे बड़े व्यापार मिशन के दौरान यह घोषणा की गई कि 64 भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में कुल 1.3 अरब पाउंड (लगभग 1.75 अरब डॉलर) का निवेश करेंगी। इस व्यापार मिशन में 100 से अधिक कंपनियां और संगठन ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ भारत पहुंचे थे। यह निवेश दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
कौन हैं नंदन नीलेकणि जिनसे मिले स्टार्मर?
बुधवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भारत के डिजिटल आईडी प्रोग्राम के प्रमुख सूत्रधार नंदन नीलेकणि से मुलाकात की। वे ब्रिटेन में भी ऐसी ही डिजिटल पहचान प्रणाली लागू करने के लिए भारत के अनुभव से मार्गदर्शन लेना चाहते हैं।
नीलेकणि को 2009 में भारत के आधार कार्ड को लागू करने का श्रेय दिया जाता है, जिसने देश में डिजिटल पहचान की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव किया।
नंदन नीलेकणि से हुई खास बातचीत
मुंबई की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान कीर स्टार्मर ने इंफोसिस लिमिटेड के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि से गहन चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता डेव पारेस ने बताया कि स्टार्मर, नीलेकणि से डिजिटल पहचान और डेटा सुरक्षा से जुड़ी रणनीतियों पर 'सुनना और सीखना' चाहते थे, क्योंकि ब्रिटिश सरकार जल्द ही राष्ट्रीय पहचान पत्र प्रणाली शुरू करने की तैयारी कर रही है।
टेक्नोलॉजी ही नहीं दो और क्षेत्रों में निवेश
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में स्टार्मर ने कहा, "यह यूनाइटेड किंगडम द्वारा भारत भेजा गया अब तक का सबसे बड़ा व्यापार मिशन है।" उन्होंने दोनों देशों के बीच निवेश, इनोवेशन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत-ब्रिटेन साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टेक्नोलॉजी, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ रही है।
₹2.7 लाख करोड़ का टारगेट
स्टार्मर ने जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूके यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को "ऐतिहासिक" करार दिया। उन्होंने कहा, "यह यूरोपीय संघ से अलग होने के बाद ब्रिटेन का सबसे बड़ा व्यापारिक सौदा है, और मुझे लगता है कि यह भारत के लिए भी अब तक का सबसे बड़ा समझौता है।" इस समझौते का लक्ष्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को सालाना £25.5 बिलियन (लगभग ₹2.7 लाख करोड़) तक बढ़ाना है।
स्टार्टप्स के लिए शानदार मौका
भारत और ब्रिटेन के बीच यह समझौता न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि निवेश, स्टार्टअप्स, और तकनीकी सहयोग के लिए भी नए द्वार खोलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी आने वाले वर्षों में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और ब्रिटेन के नवाचार क्षेत्र दोनों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी।
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