Khamenei Funeral: धर्मगुरु आगा सैयद कौन? खामेनेई के जनाजे में जाने से रोका गया, दिल्ली में पासपोर्ट जब्त
Khamenei Funeral: जम्मू-कश्मीर के प्रमुख शिया धर्मगुरु आगा सैयद हसन मुसावी को 2 जुलाई को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर ईरान जाने से रोक दिया गया। उनके बेटे और पीडीपी विधायक आगा मुंतजिर मेहदी का दावा है कि मुसावी को तेहरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें फ्लाइट में चढ़ने नहीं दिया।
इतना ही नहीं, उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया। इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आगा सैयद हसन मुसावी कौन हैं और उन्हें ईरान जाने से क्यों रोका गया।

कौन हैं आगा Aga Syed Hassan Mosavi
आगा सैयद हसन मुसावी जम्मू-कश्मीर के जाने-माने शिया धर्मगुरु हैं। घाटी में शिया समुदाय के बीच उनका बड़ा प्रभाव माना जाता है। वे धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते रहे हैं। कई बार उन्होंने कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर भी बयान दिए हैं। वहीं इनके ऊपर कश्मीर में भारत विरोधी अभियान चलाने का भी आरोप लगता रहता है। यही वजह है कि शिया समाज में उनकी अलग पहचान है। ईरान के धार्मिक नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं, जिसके चलते उन्हें खामेनेई के जनाजे में शामिल होने का न्योता मिला था।
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ईरान जाने से क्यों रोका गया?
आगा हसन के बेटे आगा मुंतजिर मेहदी का दावा है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके पिता से कहा कि वे ईरान में भारत के आधिकारिक रुख के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे और कश्मीर में हुई गिरफ्तारियों का जिक्र भी नहीं करेंगे। मुंतजिर के मुताबिक, उनके पिता ने कहा कि वे सिर्फ जनाजे में शामिल होने जा रहे हैं और कोई भाषण नहीं देंगे। इसके बावजूद उन्होंने ऐसी किसी शर्त को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें फ्लाइट में चढ़ने की अनुमति नहीं मिली।
पासपोर्ट जब्त होने का मामला क्या है?
आगा मुंतजिर मेहदी का दावा है कि फ्लाइट में चढ़ने से रोकने के बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके पिता का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया। IGI एयरपोर्ट से जारी एक सीजर मेमो में कहा गया कि उनका पासपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) भेजा जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि पासपोर्ट किस कानूनी आधार पर जब्त किया गया और आगे क्या कार्रवाई होगी।
खामेनेई के जनाजे में किन-किन लोगों को बुलाया गया था?
ईरान की ओर से जम्मू-कश्मीर के पांच नेताओं को जनाजे में शामिल होने का न्योता दिया गया था। इनमें आगा सैयद हसन मुसावी, सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी, शिया नेता इमरान अंसारी, सैयद हादी और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती शामिल थीं। महबूबा मुफ्ती इस सूची में अकेली गैर-शिया नेता थीं। ईरान ने मेहमानों को ले जाने के लिए विशेष विमान भी भेजा था। महबूबा मुफ्ती और इमरान अंसारी को यात्रा की अनुमति मिल गई, जबकि आगा हसन को रोक दिया गया।
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इस मामले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
आगा सैयद हसन मुसावी को रोके जाने और पासपोर्ट जब्त होने के दावे के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार से इस कार्रवाई का कारण बताने की मांग कर रहे हैं। वहीं अब तक केंद्र सरकार या इमिग्रेशन ब्यूरो की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।












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