हादसा नहीं, जानबूझकर हुई पाकिस्तानी पत्रकार की हत्या, केन्याई मानवाधिकार आयोग का खुलासा
केन्या मानवाधिकार आयोग ने अरशद शरीफ की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा किया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक केन्या मानवाधिकार आयोग ने इस हत्या को ‘सुनियोजित’ बताया है।
केन्या मानवाधिकार आयोग (KHRC) ने अरशद शरीफ की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा किया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक केन्या मानवाधिकार आयोग ने इस हत्या को 'सुनियोजित' बताया है। आयोग ने कहा कि पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। शरीफ को केन्या की राजधानी नैरोबी में 23 अक्टूबर की रात नजदीक से दो गोलियां मारी गईं, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
Image: Facebook Arshad Sharif

पत्रकार पर बेहद करीब से चलाई गई थी गोली
केन्याई मानवाधिकार आयोग के वरिष्ठ प्रोग्राम एडवाइजर मार्टिन मावेनजिना ने एक पाकिस्तानी चैनल से कहा चार नवंबर को ऑटोप्सी रिपोर्ट से यह मालूम चला कि पाकिस्तानी पत्रकार पर बेहद करीब से दो गोलियां चलाई गई थीं। केन्याई अधिकारी ने कहा कि इस मामले में यह बड़ा तथ्य है, जो बहुत कुछ इशारा करता है। मार्टिन मावेनजिना ने कहा, अरशद शरीफ मामले में कई सवाल उठते हैं। सुरक्षा अधिकारियों को उस विशिष्ट स्थान पर अरशद शरीफ की मौजूदगी का पता कैसे चला? और दावा किया गया कि वह गलत पहचान के बहाने वहां छिप गए थे।

नैरोबी पुलिस हत्या में शामिलः KHRC
केन्याई अधिकारी ने कहा, नैरोबी पुलिस इस मालमे में दोषी है। इस मामले में कहा गया है कि शरीफ जिस वाहन से यात्रा कर रहे थे, वह V8 लैंड क्रूजर थी। यह गाड़ी कैबिनेट सदस्यों, सांसदों और वीआईपी द्वारा उपयोग की जाती है। केन्याई वकील और अधिकारी की ओर से दावा किया गया कि शरीफ के हमलावरों को लंबे समय से प्रशिक्षण दिया जा रहा था, क्योंकि आम तौर पर एक चलती गाड़ी में बैठे किसी व्यक्ति पर हेडशॉट लगाना मुश्किल बात है।

'जानबूझकर किया गया था रोडब्लॉक'
केन्याई अधिकारी ने कहा, "आप उन परिस्थितियों को देखते हैं जिनमें शरीफ को दो जगहों पर गोली मार दी गई थी, तो यह सुनियोजित हत्या लगती है।" मार्टिन मावेनजिना ने कहा कि वहां रोडब्लॉक एक उद्देश्य के लिए लगाए गए थे। केन्या में अगर कभी रोडब्लॉक होते हैं, तो लोगों को बताया जाता है कि उनकी आईडी की जांच की जाएगी, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। अधिकारी ने कहा कि केन्याई पुलिस भ्रष्टाचार के मामले में दुनिया भर में तीसरी सबसे भ्रष्ट पुलिस है। ऐसे कई उदाहरण हैं जिसमें केन्याई पुलिस ने निर्दोष लोगों को मार डाला है।

पत्रकार के खिलाफ देशद्रोह के मामले थे दर्ज
बतादें कि एआरवाई टीवी के पूर्व एंकर अरशद शरीफ, इमरान खान संग नजदीकियों के लिए जाने जाते थे। इस साल के शुरुआत में पाकिस्तान में उनके खिलाफ देशद्रोह के आरोप में मामले दर्ज किए थे। इसके बाद वह देश से छोड़कर दुबई, लंदन होते हुए केन्या भाग गए थे। पिछले महीने उनकी हत्या के बाद पाकिस्तान में कोहराम मच गया। केन्याई पुलिस ने बाद में कहा था कि एक बच्चे के अपहरण के मामले में वह इसी तरह की कार की तलाशी ले रही थी और गलत पहचान के कारण उनपर गोलियां चलाईं गईं।
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