Kargil Vijay Diwas: फ्रांस ने दी इंडियन आर्मी को श्रद्धांजलि, बोला- भारत के साथ हमेशा खड़े
नई दिल्ली। कारगिल की जंग को 21 साल बीत चुके हैं। पाकिस्तान के ऊपर जीत की याद में भारत हर साल कारगिल विजय दिवस मनाता है। ये एक एतिहासिक विजय थी जिसमें भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान द्वारा कब्जा कर लिये गये अपनी एक-एक इंच जमीन को आजाद करवाया था। इस समय भारत की मुख्य चुनौती ये थी कि, सैन्य आधुनिकीकरण आरंभिक चरण में था। आनन-फानन में बोफोर्स तोप खरीदी गयी थी। इस तोप ने कारगिल की जंग में निर्णायक भूमिका निभाई।

कारगिल दिवस के इस मौके पर भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन ने कहा 'फ्रांस भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि देता है। फ्रांस हमेशा भारत के साथ खड़ा है। 1999 में मिराज 2000 में रैफेल को 2020 में। हमारी साझेदारी ऊंचाइयों को छूती है।'
वायुसेना के इन विमानों ने मचाई थी खलबली
भारतीय वायु सेना के मिग-27 और मिग-29 विमानों ने अहम भूमिका निभाई। मिग-27 विमानों ने उन इलाकों पर बममारी की जहां पाकिस्तानी सैनिक बंकरों में छिपे थे। मिग-29 विमानों ने आर-77 मिसाइलें दागीं जिससे पाकिस्तानी सेना की लाइफ लाइन कट गयी। हालांकि, इन विमानों को 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कारगिल की जंग के समय संसाधन कम थे। लेकिन सैनिकों का हौसला बुलंद था. जूनून था मातृभूमि की रक्षा का।












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