अमेरिका ने भेजे 81 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन, जो बाइडेन बोले- कोविड-19 संकट में भारत की बहुत मदद की
जो बाइडेन ने कहा कि कोविड संकट के दौरान अमेरिका ने भारत की काफी मदद की है। अमेरिका ने भारत को 81 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन भेजा है। सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से भी भारत को मेडिकल मदद मिली है।
वॉशिंगटन/मुंबई, मई 05: कोरोना वायरस के दूसरे लहर ने भारत को हद से ज्यादा परेशान कर रखा है। अस्पतालों के बाहर मरीज त्राहिमाम कर रहे हैं और विश्व के अलग अलग देश भारत की मदद करने में लगे हैं। अब तक 25 से ज्यादा देश कोरोना वायरस के दूसरे लहर के दौरान उपजे हालातों से बाहर निकलने के लिए भारत की मदद कर रहे हैं। अब तक भारत को 300 टन से ज्यादा मेडिकल मदद मिल चुकी है। अमेरिका भी लगातार भारत की मदद कर रहा है। इसीबीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि कोरोना संकट से लड़ने में अमेरिका ने भारत की बहुत मदद की है।

'भारत की बहुत मदद की'
अमेरिका के राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा है कि कोरोना संकट के दूसरे लहर के दौरान अमेरिका ने भारत की बहुत मदद की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने वॉशिंगटन में कहा है कि 'हम कोरोना संकट के दौरान भारत और ब्राजील की काफी मदद कर रहे हैं और भारतीय प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान मुझे समझ में आया कि वैक्सीन बनाने के लिए भारत को कच्चे माल की काफी जरूरत है और अमेरिका ने भारत को वैक्सीन बनाने का कच्चा माल भेजना शुरू कर दिया है। इसके अलावा अमेरिका भारत को ऑक्सीजन और दूसरे जरूरी मेडिकल सामान दे रहे हैं।' अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि अमेरिका भारत के लिए काफी कुछ कर रहा है और अमेरिका आगे भी भारत की मदद करता रहेगा।
भारत को फायदा
भारत ने कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए रॉ-मैटेरियल देने की मांग पहले से शुरू कर दी थी लेकिन अमेरिका की तरफ से आनाकानी की जा रही थी। लेकिन, बाद में भारतीय एनएसए अजीत डोवाल ने अमेरिका के एनएसएस जैक सुलिवन से बात की और फिर अमेरिका वैक्सीन बनाने का कच्चा माल देने के लिए तैयार हो गया था। इसके साथ ही अमेरिका ने काफी ज्यादा तादाद में भारत को दूसरे मेडिकल सामान भी भेजना शुरू कर दिया है। भारत में इस वक्त कोरोना वायरस की वजह से हजारों लोगों की मौत हो रही है और इस वक्त भारत को काफी ज्यादा विदेशी मदद की जरूरत है। और अमेरिका ने वैक्सीन बनाने का कच्चा माल भेजना शुरू कर दिया है, जिससे भारत को काफी फायदा हो रहा है। भारत में अभी वैक्सीन की भी काफी किल्लत है, जिसकी पूर्ती के लिए रॉ मैटेरियल की काफी जरूरत है, जिसकी सप्लाई अमेरिका लगातार कर रहा है।

यूएस से आया 81 हजार रेमडेसिविर
अमेरिका ने ऑक्सीजन की खेप पहले ही भेज दी थी और अब अमेरिका ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत से जूझ रहे भारत को 81 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप भेजी है। आज सुबह सुबह अमेरिका से चला विमान रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप लेकर भारत पहुंच चुका है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा कि 'भारत और अमेरिका रणनीतिक तौर पर साझेदार हैं और अमेरिका से 81 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की मदद भारत को मिली है।'

सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से मदद
इसके साथ ही सिंगापुर में रहने वाले भारतीय भी लगातार वहां से भारत की मदद कर रहे हैं। सिंगापुर में रहने वाले भारतीयों ने 3650 ऑक्सीजन सिलेंडर, 8 आईएसओ टैंक भारत भेजा है। जिसकी जानकारी सिंगापुर स्थिति इंडियन हाई कमीशन ने दी है। वहीं सिंगापुर भी भारत की मेडिकल जरूरतों को पूरा करने के लिए 1056 वेंटिलेटर और 43 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भेज रहा है। ऑस्ट्रेलियन विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया का विमान मदद लेकर भारत के लिए रवाना हो चुका है।

भारत में कोरोना की स्थिति
बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना के 3,82,315 नए मामले सामने आए। इस दौरान 3,38,439 लोग कोरोना से ठीक भी हुए। वहीं, इस संक्रमण से बीते 24 घंटे में 3,780 लोगों की मौत हो गयी। कोरोना के नए मामलों के साथ देश में कोविड के कुल मामले बढ़कर 2,06,65,148 हो गए हैं। वहीं, इस महामारी से अब तक 1,69,51,731 ठीक भी हुए हैं। इसी के साथ देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की कुल संख्या 2,26,188 पर पहुंच गई है। अगर देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की बात करें तो देश में फिलहाल कोरोना के 34,87,229 मामले सक्रिय है। कोरोना वायरस पर जल्द से जल्द काबू पाने के लिए देश में कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। अभियान के तहत अब तक 16,04,94,188 लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। हालांकि देश की बड़ी आबादी को देखते हुए टीकाकरण की संख्या बेहद कम है।












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