इजराइली दादी ने 5 हमास आतंकियों को 20 घंटें तक उलझाए रखा, जो बाइडन भी बुद्धिमानी के हुए कायल
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन बुधवार को यहूदी राष्ट्र के प्रति अपना समर्थन जताने इजराइल पहुंचे थे। यहां पहुंचकर उन्होंने 7 अक्टूबर की हिंसा में बचे इजराइली लोगों से मुलाकात की। इन लोगों में 65 वर्षीय इजरायली बुजुर्ग महिला राचेल एड्री भी शामलि थी।
रचेल एड्री को उनके पति के साथ हमास के 5 आतंकवादियों ने बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया। इस दौरान वे उनके घर में लगभग 20 घंटे तक रहे। लेकिन इस विषम परिस्थितियों में भी बुजुर्ग दंपति ने हिम्मत दिखाते हुए आतंकियों का तब तक ध्यान भटकाया, जब तक इजरायली सुरक्षा बल वहां पहुंच नहीं गए।

चैनल 12 की एक रिपोर्ट में, रचेल और उनके पति डेविड ने बताया कि आतंकवादियों ने उनसे कहा कि उन्हें 'शहीद' होना है। रचेल ने बताया कि आतंकी काफी गुस्से में थे।
इस दौरान रचेल ने खाने और बातचीत से उनका ध्यान भटकाने की कोशिश की। उन्होंने आतंकियों के लिए कॉफी और कुकीज बनाई। रचेल ने एक आतंकी के हाथ में पट्टी बांधी बातचीत में व्यस्त रहीं।
डेविड ने मीडिया से कहा, 'रचेल ने उन्हें पागल कर दिया, वह उनसे पूछती रही कि क्या उन्हें कुछ चाहिए। वह दूसरों को व्यस्त रखने के लिए उनके साथ बातचीत में लगी रहीं।'
रचेल ने कहा कि एक आतंकवादी ने उनसे कहा, "तुम मुझे मेरी मां की याद दिलाती हो। इस पर मैंने उससे कहा, 'मैं वास्तव में तुम्हारी मां की तरह हूं। मैं तुम्हारी मदद करूंगी, मैं तुम्हारा ख्याल रखूंगी। तुम्हें क्या चाहिए?''
रचेल ने कहा, 'मैंने जिंदा रहने के लिए यह सब किया। रेस्क्यू आने तक मुझे इंतजार करने की जरूरत थी।' एड्री ने एबीसी न्यूज से कहा, "मुझे पता था कि वे भूखे हैं, और वे गुस्से में हैं।"
रचेल ने कहा कि एक आतंकी ने अपनी बंदूक के बट से उसके चेहरे पर हमला किया, लेकिन इससे बेपरवाह होकर उसने उसे शांत किया। "मैंने उनसे कहा कि मुझे इंसुलिन का इंजेक्शन लगाना होगा, मैंने उन्हें पेय की पेशकश की, मैंने उन्हें कोक और पानी भी पिलाया।"
रचेल ने बताया, "जब उन्होंने शराब पी और खाना खाया, तो वे बहुत शांत हो गए, इसके बाद मैंने बातचीत करना शुरू कर दिया और एक पल के लिए मैं यह भी भूल गई कि वे आतंकवादी थे।"
रचेल ने आगे बताया कि कैसे उसने बंधक बनाने वालों के साथ मजाक किया, उसने कहा, "मैं तुम्हें हिब्रू सिखाऊंगी और तुम मुझे अरबी सिखाओगे। मैं समझ गई कि यह जीवन और मृत्यु का मामला है।"
आखिरकार 20 घंटों के बाद, एक बचाव दल रचेल और उनके पति को बचाने के लिए पहुंचा। जब सुरक्षाकर्मी आए तो रचेल ने अपने पुलिसकर्मी बेटे को संकेत देने के लिए अपनी पांचों उंगलियां उसके चेहरे पर घुमाईं।
रचेल इशारा करना चाहती थी कि उसके घर के अंदर पांच आतंकी हैं। जब आतंकियों को लगा कि वे अब फंस गए हैं तो उन्होंने बुजुर्ग को जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया।
एक आतंकी ने रचेल के सिर पर हैंड ग्रेनेड रख दिया। इसके बाद डेविड ने अपनी पत्नी की रक्षा के लिए उसके ऊपर से कूद गए। राचेल ने कहा, 'डेविड ने हमारे 40 वर्षों के साथ को बचा लिया।'
टाइम्स ऑफ इजराइल ने कहा कि सुरक्षा बलों ने शुरू में रचेल के घर पर बमबारी करने पर विचार किया, लेकिन फिर उन्हें बताया गया कि दंपति अभी भी वहां रहते हैं और वह घर एक पुलिस अधिकारी के माता-पिता का है।
जब सेनाएं आतंकवादियों के साथ बातचीत कर रही थीं, राचेल ने उनका ध्यान भटकाया। एपी के अनुसार, घर के भारी क्षतिग्रस्त होने के कारण, एड्री को मध्य इज़राइल के एक होटल में स्थानांतरित कर दिया गया है।












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