जो बाइडेन ने वैश्विक जलवायु चर्चा के लिए 40 देश के नेताओं को किया आमंत्रित, पीएम मोदी और शी जिनपिंग भी शामिल
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने क्लाइमेट चेंज पर मीटिंग के लिए विश्व के 40 लीडर्स को आमंत्रित किया है, जिसमें पीएम मोदी और शी जिनपिंग भी शामिल हैं।
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने विश्व के चालीस देशों के राष्ट्राध्यक्षों को अगले महीने बेहद महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इस समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी आमंत्रित किया गया है। ये वर्चुअल मीटिंग क्लाइमेंट चेंज पर होगी, जिसमें विश्व के तमाम बड़े लीडर्स को आमंत्रित किया गया है।

क्लाइमेट चेंज पर मीटिंग
व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक इस समारोह का मकसद ग्लोबल वार्मिंग को लेकर सख्त कदम उठाया जाना है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति विश्व के तमाम देशों से मदद मांगेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक जीवाश्म ईंधन से जलवायु प्रदूषण के रोकने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम बनाने की कोशिश होगी। व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक 22 और 23 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम के लिए विश्व के 40 देशों के नेताओं को आमंत्रण भेजा गया है। माना जा रहा है कि ये मीटिंग इसी साल ग्लासको में नवंबर में होने वाली जलवायु परिवर्तन सम्मेलन यानि सीओपी-26 के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाली है। इस मीटिंग के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्लांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भूटान के प्रधानमंत्री लोटे तशेरिंग को भी आमंत्रित किया गया है।
ट्रंप प्रशासन था उदासीन
राष्ट्रपति जो बाइडेन क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर काफी सीरियस हैं, जबकि उनके ऊपट अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्लोबल वार्मिंग को सिरे से खारिज कर दिया था। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने तो एक कार्यक्रम के दौरान यहां तक कह दिया था कि ग्लोबल वार्मिंग कुछ होता ही नहीं है और ये वैज्ञानिकों के द्वारा बनाया गया एक ढोंग हैं। हालांकि, जो बाइडेन प्रशासन के आने के साथ ही उम्मीद की जा रही थी कि अमेरिका फिर से ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेंट चेंज को लेकर सख्त होगा। खासकर भारत और चीन को कार्यक्रम में बुलाने का मकसद ही यही है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन इन दोनों देशों से क्लाइमेंट चेंज रोकने के लिए प्रदूषण घटाने का दबाव बनाएंगे क्योंकि भारत और चीन में काफी तेजी से विकास कार्य जारी हैं जिससे प्रदूषण काफी ज्यादा फैलता है।












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