जानिए लश्कर के एक और मुखौटे 'जमात-उद-दावा' के छह राज

इस्‍लामाबाद। अमेरिका ने जब लश्‍कर-ए-तैयबा के ही संगठन जमात-उद-दावा पर बैन लगाया तो लश्‍कर के चीफ हाफिज सईद का छिपा हुआ चेहरा सबके सामने आ गया।

भारत में 26/11 जैसे मुंबई हमले को अंजाम देने वाला लश्‍कर जमात-उद-दावा को एक चैरिटेबल ट्रस्‍ट के नाम पर प्रचारित करता है लेकिन इसके पीछे एक नया खेल चल रहा है।

अमेरिका ने आतंकी संगठनों के लिस्ट में जमात-उद-दावा के साथ ही लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन और गुटों को शामिल किया है।

हालांकि, जमात-उद-दावा के मुखिया हाफिज सईद का कहना है कि उनके संगठन का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। बल्कि जमात-उद-दावा एक सामाजिक संगठन है, जो सामाजिक कार्यों के साथ साथ शिक्षा का प्रचार करता है।

आगे की स्‍लाइड्स में देखिए जमात-उद-दावा से जुड़ी छह ऐसी बातें जिनसे साफ हो जाएगा कि कैसे लश्‍कर इसके जरिए भारत में अपने आतंकी मंसूबों को अंजाम देने की कोशिशों में लगा हुआ है।

एक हैं लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा

एक हैं लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा

अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद हंगामा मचा तो लश्कर-ए-तैयबा ने दुनिया को चकमा देने के लिए अपने आतंकी संगठन का नाम बदल दिया। इस संगठन का नया नाम था जमात-उद-दावा।

दुनिया का खतरनाक आतंकी सईद

दुनिया का खतरनाक आतंकी सईद

जमात-उद-दावा के मुखिया का नाम हाफिज सईद है। जिसका नाम पहले ही अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने सबसे खतरनाक आतंकवादी की श्रेणी में डाल दिया है। यहां तक की अमेरिका ने हाफिज सईद पर दस मिलियन डॉलर यानी 60 करोड़ रूपए का ईनाम भी रखा हुआ है।

26/11 मुंबई हमले के पीछे था इसका माइंड

26/11 मुंबई हमले के पीछे था इसका माइंड

मुंबई में हुए 26/11 हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा ने ही 10 आतंकियों को स्पेशल ट्रेनिंग दी थी। मुंबई हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तानी संगठन जमात-उद-दावा पर पाबंदी लगा दी थी।

धर्म प्रचारक संगठन के रूप में उभरा

धर्म प्रचारक संगठन के रूप में उभरा

वर्ष 1985 में हाफिज मोहम्मद सईद और जफ़र इकबाल ने जमात-उद-दावा का गठन किया। उन्होंने इस संगठन को धर्म प्रचारक समूह के रूप में बनाया था, जिसका उद्देश्य इस्लाम के अहल-ए-हदीस संस्करण को बढा़वा देना था। लेकिन आतंकी संगठन के रूप में यह 2001 से सक्रिय हुआ।

लश्कर के लिए फंड लाता है जमात-उद-दावा

लश्कर के लिए फंड लाता है जमात-उद-दावा

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तय्यबा पर अमेरिका ने 9/11 हमले के बाद से ही प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके बाद से इस संगठन के लिए फंड इकट्ठा करना थोड़ा मुश्किल काम हो गया। लिहाजा, जमात-उद-दावा के जरिए लश्कर अपना फंड इकट्ठा करती रही है।

भारत से रिश्ता किया - नफरत का, इंतकाम का

भारत से रिश्ता किया - नफरत का, इंतकाम का

यह वह स्लोगन है जो जमात-उद-दावा के सिद्धांत को साफ तौर पर दिखाता है। जमात-उद-दावा का यह स्लोगन भारत के खिलाफ उनकी नफरत भरी मानसिकता को उजागर करता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+