• search

हक्‍कानी नेटवर्क के मुखिया जलालुद्दीन हक्‍कानी की मौत, तालिबान ने दी जानकारी

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    काबुल। हक्‍कानी नेटवर्क के फाउंडर जलालुद्दीन हक्‍कानी की मौत हो गई है। जलालुद्दीन की मौत का ऐलान अफगान तालिबान की ओर से मंगलवार को किया गया है। अफगान तालिबान की ओर से बताया गया है कि जलालुद्दीन की मौत लंबी बीमारी की वजह से हुई है। उसकी मौत के बाद अब उसका बेटा सिराजुद्दीन हक्‍कानी इस संगठन का मुखिया है। आपको बता दें कि हक्‍कानी नेटवर्क ने अमेरिका और इसकी सेनाओं की नाम में दम कर रखा है। इस आतंकी संगठन की वजह से पाकिस्‍तान और अमेरिका के बीच काफी दूरियां आ गई हैं। जलालुद्दीन क्‍वेटा शूरा का सदस्‍य था। इस आतंकी संगठन में अफगान तालिबान के कई नेता शामिल हैं।

    jalaluddin-haqqani

    कभी अमेरिका ने की थी तारीफ

    तालिबान के प्रवक्‍ता जबीउल्‍ला मुजाहिद की ओर से उसकी मौत का ऐलान किया गया। तालिबान की ओर से ट्विटर पर भी इंग्लिश भाषा में बयान जारी किया गया है। इस बयान में कहा गया है, 'जलालुद्दीन इस दौर में जेहाद की सबसे प्रतिष्ठित शख्सियतों में से एक था।' सन् 1980 में जब सोवियत संघ की सेनाओं ने अफगानिस्‍तान पर अपना कब्‍जा कर लिया था तो उस समय जलालुद्दीन, अफगान मुजाहिद्दीन का कमांडर था। उस समय वह अमेरिका और पाकिस्‍तान की मदद से सोवियत संघ के खिलाफ लड़ाई कर रहा था। सिर्फ इतना ही नहीं अमे‍रिकी इंटेलीजेंस एजेंसी सीआईए ने उस समय उसकी तारीफ भी की थी और अमेरिका कांग्रेस के सदस्‍य चार्ली विल्‍सन ने तो व्‍यक्तिगत तौर पर उससे मुलाकात भी की थी। जलालुद्दीन काफी अच्‍छी अरबी भाषा बोल लेता था। इसके अलावा ओसामा बिन लादेन समेत अरब के कई आतंकियों के साथ उसके अच्‍छे संबंध थे। जब अफगानिस्‍तान पर तालिबान का शासन था तब जलालुद्दीन को मंत्री भी बनाया गया था।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Jalaluddin Haqqani founder of Haqqani network is now dead and Taliban announces the death.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more