'भारत सरकार की ये पॉलिसी नहीं है', भारतीय विदेश मंत्री का निज्जर की हत्या पर पहला बड़ा बयान
Jaishankr on Canada's Nijjara Allegation: खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों के शामिल होने के कनाडा के आरोपों के बारे में पहली बार भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुलकर बयान दिया है और कनाडा के तमाम आरोपों को खारिज कर दिया है।
अमेरिका में सवाल पूछे जाने पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा, कि यह भारत सरकार की "नीति" नहीं है। उन्होंने दोहराया, कि नई दिल्ली इस मामले पर "विशिष्ट या प्रासंगिक जानकारी" पर गौर करने को इच्छुक है।
यानि, भारतीय विदेश मंत्री ने कहा है, कि उसके पास इस तरह की कोई जानकारी सामने आती है, तो वो उस जानकारी पर गौर करेगा।

भारतीय विदेश मंत्री ने क्या कहा?
भारत में अमेरिकी राजदूत और सीएफआर के प्रतिष्ठित फेलो केनेथ जस्टर के साथ न्यूयॉर्क में काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (सीएफआर) में बातचीत के दौरान, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बारे में पूछा गया था।
सवाल पूछे जाने पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, कि "हां, मेरे पास जवाब है। मैं आपके साथ बहुत फ्रेंकली वो चीजें शेयर करूंगा, जो हमने कनाडा के लोगों के साथ किया है, कि यह भारत सरकार की नीति नहीं है।"
उन्होंने कहा, कि "हमने कनाडाई लोगों से कहास, कि एक, यह भारत सरकार की नीति नहीं है। दो, हमने कनाडाई लोगों से कहा, कि देखिए, यदि आपके पास कुछ विशिष्ट है, यदि आपके पास कुछ प्रासंगिक है, तो हमें बताएं। हम इस पर विचार करने के लिए तैयार हैं।"
जयशंकर की यह टिप्पणी संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अन्य मित्र देशों के सार्वजनिक बयानों के बीच आई है, जिसमें जांच में कनाडा के साथ भारत के सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया है। भारत ने कहा है, कि उसे कोई विशेष सबूत नहीं मिला है, जबकि कनाडा ने निज्जर की हत्या में भारत सरकार के लिंक होने का दावा किया है।
कनाडा में संगठित अपराध और उग्रवाद का मिश्रण
कार्यक्रम में बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा, कि "आपको यह भी समझना होगा, कि पिछले कुछ वर्षों में, कनाडा ने वास्तव में अलगाववादी ताकतों, संगठित अपराध, हिंसा, उग्रवाद से संबंधित बहुत सारे संगठित अपराध देखे हैं। वे सभी बहुत, बहुत गहराई से आपस में मिक्स हो चुके हैं।"
उन्होंने कहा, "हमने उन्हें संगठित अपराध नेतृत्व के बारे में बहुत सारी जानकारी दी है, जो कनाडा से संचालित होता है। बड़ी संख्या में प्रत्यर्पण अनुरोध हैं। और ये ऐसे टेरेरिस्ट लीडर्स हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है।"
जयशंकर ने कहा, कि कनाडा की राजनीतिक स्थिति इस मामले में असर डाल सकती है।
भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा, कि "अगर आपको यह समझना है, कि वहां क्या चल रहा है, तो इसे ध्यान में रखना एक तरह से महत्वपूर्ण है। और हमारी चिंता यह है, कि राजनीतिक कारणों से इसे वास्तव में बहुत ज्यादा इजाजत दी गई है। इसलिए हमारे सामने ऐसी स्थिति है, जहां वास्तव में हमारे राजनयिकों को धमकी दी गई है, हमारे वाणिज्य दूतावासों पर हमला किया गया है और अक्सर 'हमारी राजनीति में हस्तक्षेप की गई है' उनके बारे में टिप्पणियां की जाती हैं। और, इसमें से बहुत कुछ को अक्सर यह कहकर उचित ठहराया जाता है कि, लोकतंत्र इसी तरह काम करता है।"












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