'आतंकियों के हमदर्द पड़ोसी से बात करना...', बिलावल के दौरे से पहले जयशंकर ने दिखाए सख्त तेवर
बिलावल भुट्टो एससीओ विदेश मंत्री स्तर की बातचीत में हिस्सा लेने भारत का दौरा कर रहे हैं और करीब 10 सालों के बाद किसी पाकिस्तानी विदेश मंत्री का भारत दौरा हो रहा है।

S Jaishankar News: पाकिस्तान के विदेशम मंत्री बिलावल भुट्टो अगले महीने के पहले हफ्ते एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत का दौरा करने वाले हैं, लेकिन उससे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पनामा में पाकिस्तान को जमकर धोया है।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार (स्थानीय समय) को परोक्ष रूप से पाकिस्तान पर कटाक्ष किया और कहा, कि एक ऐसे पड़ोसी के साथ जुड़ना बहुत मुश्किल है, जो भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है।
विदेश मंत्री ने पनामा सिटी में पनामा के विदेश मंत्री जनैना तेवाने मेंकोमो के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे और इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया और पाकिस्तान को लेकर भारतीय नीति को भी जाहिर किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रेस ब्रीफिंग के बाद दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य और व्यापार से संबंधित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना
भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, कि "इस मुद्दे पर लब्बोलुआब यह है, कि हमारे लिए एक ऐसे पड़ोसी के साथ जुड़ना बहुत मुश्किल है, जो हमारे खिलाफ सीमा पार आतंकवाद का अभ्यास करता है। हमने हमेशा कहा है, कि उन्हें आतंकवाद को प्रोत्साहित करना, प्रायोजित करना और सीमा पार से आतंकियों को ना भेजने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करना है।"
भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा, कि "हमें उम्मीद है, कि एक दिन हम ऐसी स्थिति में पहुंचेंगे।"
आपको बता दें, कि भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर पनामा के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वह सोमवार को पनामा सिटी पहुंचे और पनामा के विदेश मामलों के उप मंत्री व्लादिमीर फ्रैंकोस ने उनकी अगवानी की। जयशंकर ने ट्वीट करते हुए पनामा पहुंचने की जानकारी दी और पनामा के विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभार जताया।
पनामा दौरे के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार कार्यक्रम में भी भाग लिया और दस महत्वपूर्ण कारणों पर प्रकाश डालते हुए एक मुख्य भाषण दिया, कि आखिर क्यों भारत-पनामा व्यापार सहयोग की मजबूत संभावनाएं और गुण-केंद्रित प्रयास हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पनामा की यात्रा के बाद विदेश मंत्री कोलंबियों की यात्रा कर रहे हैं, जहां वे सरकार, व्यापार और नागरिक समाज के कई शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है, कि उनकी कोलंबिया यात्रा देश की पहली विदेश मंत्री स्तर की यात्रा होगी।
जयशंकर और कोलंबिया के उनके समकक्ष अल्वारो लेवा डुरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, कोलंबिया की अपनी यात्रा के बाद, जयशंकर डोमिनिकन गणराज्य जाएंगे।
डोमिनिकन गणराज्य की यात्रा 1999 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से भारत की ओर से उच्चतम स्तर की पहली यात्रा है। जयशंकर की यात्रा 2022 में सेंटो डोमिंगो में भारत के निवासी दूतावास की स्थापना के बाद हो रही है।
बिलावल आ रहे हैं भारत
आपको बता दें, कि भारतीय विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को आतंकवाद को लेकर उस वक्त लताड़ लगाई है, जब बिलावल भुट्टो भारत की यात्रा कर रहे हैं। एससीओ सम्मेलन की मेजबानी इस साल भारत कर रहा है और गोवा में विदेश मंत्री स्तर की बातचीत होने वाली है, जिसमें चीन के विदेश मंत्री भी शामिल हो रहे हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्ते हालिया समय में काफी तनावपूर्ण रहे हैं, हालांकि 2021 में तत्कालीन सैन्य प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच सीमा पर युद्धविराम समझौता हो चुका है और उसके बाद से दोनों देशों के बीच के सरहद पर करीब करीब शांति बनी हुई है।
वहीं, बिलावल की यात्रा उस वक्त भी हो रही है, जब पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने टीवी कार्यक्रम में दावा किया, कि पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल बाजवा ने कश्मीर पर भारत के साथ 'सौदा' कर लिया और अप्रैल 2021 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पाकिस्तान की यात्रा करने के लिए तैयार हो गये थे, लेकिन तत्कालीन इमरान खान की सरकार की आपत्ति के बाद ये बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई थी। कई पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, कि भारत और पाकिस्तान के उच्च-अधिकारियों के बीच पर्दे के पीछे से कई राउंड की बातचीत हुई है, हालांकि दोनों ही देशों की तरफ से आधिकारिक तौर पर इसका खंडन किया गया है।












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