इजरायली रक्षा मंत्री के बेडरूम में था ईरानी जासूस, मोसाद की नाक के नीचे कर रहा था जासूसी, जानिए कैसे
इजरायल में सवाल पूछे जा रहे हैं, कि देश की सुरक्षा पर करोड़ों खर्च होने बाद भी सुरक्षा एजेसियां नाकाम क्यों रही हैं।
तेल अवीव, नवंबर 19: इजरायल अपनी जासूसी एजेंसी मोसाद पर बहुत इतराता है और मोसाद की कामयाबियों पर काफी फक्र करता है, लेकिन इस बार ईरानी जासूस ने इजरायल के घर में घुसकर जो कारनामा किया है, उसने इजरायल की नाक में दम कर दिया है। ईरान अपने जासूस को इजरायल के रक्षा मंत्री के बेड रूम तक पहुंचा देगा, इसकी कल्पना भी इजरायल ने नहीं की होगी। आईये जानते हैं, कैसे ईरानी जासूस ने इजरायल पर पलटवार किया है।

क्लीनर को किया गया गिरफ्तार
इजरायल ने देश के रक्षा मंत्री के हाउसकीपर पर कथित तौर पर ईरान से जुड़े हैकर्स के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इजरायल के अधिकारियों ने दावा किया है कि, इजरायली रक्षा मंत्री के घर में काम करने वाला क्लीनर ईरान के लिए जासूसी कर रहा था, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के लिए जासूसी करने वाले क्लीनर का नाम 'ओमरी गोरेन' है और ऐसा दावा किया गया है कि, ओमरी गोरेन का रिकॉर्ड भी आपराधिकर रहा है। लेकिन, वो एक क्लीनर बनकर इजरायल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज के घर पर काम करता था। वहीं, क्लीनर की गिरफ्तारी के बाद इजरायल में खलबली मच गई है और इजरायली नेताओं तक पहुंच रखने वाले तमाम लोगों के बैकग्राउंड की काफी सख्ती से जांच की जा रही है।

'ब्लैक शैडो' हैकर के लिए काम
रिपोर्ट के मुताबिक, क्लीनर की गिरफ्तारी के बाद इजरायल की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से एक्टिव हो गई हैं और तमाम जांच प्रक्रियाओं की काफी गहराई से जांच कर रही हैं। इजरायल की सुरक्षा सेवा और अभियोग के अनुसार, गोरेन ने इजराइली मीडिया में "ब्लैक शैडो" नामक एक हैकर समूह का जिक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी जासूस ने इजरायल के रक्षा मंत्री के घर से कई चीजों को ईरान के पास भेजने का काम किया है। इजरायली रक्षा मंत्री के घर के कम्प्यूटर समेत घर में रखी गई तमाम चीजों की तस्वीरों को भी ईरान तक भेजा है। हालांकि, इजरायल ने अभी दावा किया है कि, ईरानी जासूस अभी तक 'गोपनीय' जानकारियों तक पहुंच नहीं पाया था।

कैसे जासूसी करता था क्लीनर?
इजरायली मीडिया के मुताबिक, इजरायली जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि, क्लीनर ने रक्षा मंत्री के कम्प्यूटर में एक तरह का जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर दिया था, जिसके जरिए ईरान में बैठा हैकर्स ग्रुप रक्षा मंत्री की हर गतिविधियों पर नजर रख सकता था। अपने कम्प्यूटर के जरिए इजरायली रक्षा मंत्री जो भी काम करते, उसकी जानकारी ईरान के हैकर्स ग्रुप तक पहुंच रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस क्लीनर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, उसे चार अलग अलग मामलों में जेल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें डकैती और घरों में चोरी करना भी शामिल है। इजरायली मीडिया के मुताबिक, रक्षा मंत्री गैंट्ज ने उसे घर में काम पर रखने से पहले उसकी तफ्तीश नहीं करवाई थी।

कई तस्वीरें भेजा ईरान
क्लीनर ने अपनी सार्थकता साबित करने के लिए इजरायली रक्षा मंत्री के घर की कई तस्वीरों को ईरानी हैकर्स ग्रुप 'ब्लैक सैडो' तक भेज दिया था। जिसमें एक डेस्क कंप्यूटर, एक फोन, एक टैबलेट, एक पैकेज जिसमें एक आईपी पते के साथ एक स्टिकर लगा होता है, वो सब शामिल है। आरोपों के मुताबिक, आरोपी ने तमाम तस्वीरों के अलावा भी कई और जानकारियों को मैसेजिंग एप्लिकेशन टेलीग्राम के जरिए ईरानी हैकर्स ग्रुप तक पहुंचा दिया था और फिर उसने अपने टेलीग्राम ऐप से सभी इंटरैक्शन को मिटा दिया था।

पैसों के लिए पागल था 'जासूस'
वहीं, गिरफ्तार किए गये जासूस गोरेन के वकील ने कोर्ट में उसकी पेशी के समय कहा है कि, गोरेन पैसों के लिए पागल जरूर था, लेकिन उसका इरादा इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने का नहीं था। इजराइली मीडिया के अनुसार, "ब्लैक शैडो" को ईरान से जोड़ा गया है और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली वेबसाइटों पर हैकिंग हमलों की एक श्रृंखला के लिए जिम्मेदार है। वाल्ला न्यूज के राजनयिक संवाददाता बराक रविद ने ट्वीट किया है कि, "इजरायल राज्य में पूरी सुरक्षा जांच प्रणाली पर चिंता भरे सवाल उठ गये हैं, जिसे हर साल टैक्सपेयर्स से लाखों शेकेल लेकर उसका खर्च चलाया जाता है और उसमें सेंधमारी कर देने के लिए ईरान को खुश होना चाहिए''












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