दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है लड़ाई.. इजराइल-फिलीस्तीन युद्ध के 100 दिन पूरे, नेतन्याहू का बड़ा ऐलान
Israle-Hamas War 100 days: इजराइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को एक अपमानजनक भाषण में ऐलान किया है, कि इजराइल जीत हासिल करने तक हमास के खिलाफ अपना युद्ध जारी रखेगा और इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस समेंत किसी के भी प्रेशर में आकर युद्ध को नहीं रोकेगा।
आपको बता दें, कि इजराइली प्रधानमंत्री का ऐलान उस वक्त आया है, जब इजराइल-फिलीस्तीन युद्ध के 100 दिन पूरे हुए हैं और हमास नियंत्रित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है, कि 23 हजार से ज्यादा फिलीस्तीन इस युद्ध में मारे गये हैं।

इजराइल-फिलीस्तीन युद्ध के 100 दिन
हेग में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में दक्षिण अफ्रीका के आरोपों पर दो दिनों की सुनवाई के बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिण अफ्रीका के 'गाजा पट्टी में नरसंहारों' के आरोपों को ठुकरा दिया है। दक्षिण अफ्रीका के आरोपों को इजराइली प्रधानमंत्री ने अपमानजनक और पाखंडी कहकर खारिज कर दिया है।
दक्षिण अफ़्रीका ने इंटरनेशनल कोर्ट से गाजा पट्टी में इजराइली हमलों को फौरन रोकने के लिए फैसला सुनाने की अपील की है।
नेतन्याहू ने शनिवार शाम को टेलीविजन पर ईरान और उसके सहयोगी मिलिशिया का जिक्र करते हुए कहा, कि "हमें कोई नहीं रोकेगा, न हेग, न बुराई की धुरी और न ही कोई और।"
हालांकि, इंटरनेशनल कोर्ट में इजराइल-फिलीस्तीन युद्ध को लेकर सालों तक मुकदमा चलने की उम्मीद है, लेकिन अंतरिम फैसला कुछ हफ्तों के भीतर आ सकता है। हालांकि, इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले बाध्यकारी हैं, लेकिन उन्हें लागू करना कठिन है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है, कि इज़राइल लड़ाई रोकने के आदेशों की अनदेखी करेगा, जिससे संभावित रूप से उसका इंटरनेशनल अलगाव और गहरा होने की संभावना है।
हमास के खिलाफ युद्ध को खत्म करने के लिए इजराइल पर इंटरनेशनल प्रेशर लगातार बढ़ता जा रहा है, हालांकि अभी भी इजराइल को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों का समर्थन बना हुआ है।
इज़राइल ने तर्क दिया है, कि गाजा पट्टी में युद्ध रोकने का मतलब हमास की जीत है और इस्लामिक समूह हमास, जिसने साल 2007 तक गाजा पट्टी पर शासन किया है, इजराइल ने उसका नामोनिशान मिटाने की कसम खाई है।

फैलती जा रही है इजराइल की लड़ाई
दक्षिणी इजराइल पर 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद ये लड़ाई शुरू हुई थी, जिसमें 1200 इजराइली मारे गये थे। वहीं, हमास ने 250 इजराइलियों को बंधक बना लिया था। माना जा रहा है, कि आधे से ज्यादा इजराइली अभी भी हमास के बंधक बने हुए हैं।
आज इस लड़ाई के 100 दिन पूरे हो गये हैं।
युद्ध की शुरुआत के बाद से व्यापक संघर्ष की आशंकाएं और तेज हो गई हैं। नए मोर्चे तेजी से खुल रहे हैं और ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोही, लेबनान में हिजबुल्लाह और इराक और सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया - कई तरह के हमले कर रहे हैं। शुरुआत से ही, अमेरिका ने तनाव बढ़ने से रोकने के लिए इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रखी है।
वहीं, लाल सागर में हूती विद्रोही लगातार वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं, जिसके खिलाफ अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं। शनिवार रात भी यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले किए गये हैं।
दूसरी तरफ, इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनके सेना प्रमुख हर्ज़ल हलेवी ने कहा है, कि उनके पास उत्तरी गाजा में विस्थापित फिलिस्तीनियों की वापसी की अनुमति देने की कोई तत्काल योजना नहीं है, जो कि इजरायल के आक्रमण का प्रारंभिक फोकस है।
नेतन्याहू ने कहा, कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपनी यात्रा के दौरान यह मुद्दा उठाया था। इजरायली नेता ने कहा, कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से कहा, कि "जब लड़ाई होगी तो हम निवासियों को (उनके घरों में) जाने की इजाजत नहीं देंगे।"
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा, कि पिछले 24 घंटों में 135 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिससे युद्ध में मरने वालों की कुल संख्या 23,843 हो गई है। गिनती में लड़ाकों और नागरिकों के बीच अंतर नहीं किया गया है, लेकिन मंत्रालय ने कहा है, कि मृतकों में लगभग दो-तिहाई महिलाएं और बच्चे हैं। हमास मंत्रालय ने कहा, कि युद्ध में घायलों की कुल संख्या 60,000 से ज्यादा हो गई है।












Click it and Unblock the Notifications