लेबनान में 1600 जगहों पर हमला, 500 मौतें, ऑपरेशन 'नॉर्दर्न ऐरो' से हिज्बुल्लाह को कैसे मिटा रहा इजराइल?
Israel vs Hezbollah: इजराइल ने बार बार चेतावनी दी थी, कि अगर हिज्बुल्लाह अपनी सीमा रेखा पार करता है, तो वो लेबनान का हाल भी गाजा जैसा कर देगा और अब इजराइल वही कर रहा है। हिज्बुल्लाह के आतंकी इजराइली धमकियों को हल्के में ले रहे थे, लेकिन अब इजराइल उनकी सफाया करने में लगा है।
इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा है, कि सोमवार को लेबनान में इजराइल के हवाई हमलों ने हिज्बुल्लाह के हजारों रॉकेटों को नष्ट कर दिया है। हिज्बुल्लाह, जो ईरानी समर्थन से उछल रहा था, उसके अभी तक 500 लड़ाके मारे जा चुके हैं और हजारों पहले ही पेजर और वॉकी टॉकी हमले में घायल हो चुके हैं।

हिज्बुल्लाह का दावा रहा है, कि उसके पास एक लाख सैनिक हैं, लेकिन ऑब्जर्वर्स का मानना है, कि समूह के पास करीब 50 हजार एक्टिव लड़ाके हैं, जिनमें से ज्यादातर के पास सीरिया में युद्ध लड़ने का अनुभव है।
इजराइली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने एक बयान में कहा, कि "आज एक महत्वपूर्ण दिन है। हमने हिज्बुल्लाह के हजारों रॉकेट और गोला-बारूद को नष्ट कर दिया है। दूसरे लेबनान युद्ध के बाद से 20 वर्षों की अवधि में हिज्बुल्लाह ने जो कुछ बनाया है, इजराइली डिफेंस फोर्स अब उसे नष्ट करने जा रही है।"
हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजराइली ऑपरेशन
इजराइली सेना सोमवार सुबह हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भीषण हवाई हमलों के साथ अपने ऑपरेशन का आगाज करती है और अब इजराइली सेना, लेबनान में अपने अभियान के अगले चरण की तैयारी कर रही है, यह जानकारी जनरल स्टाफ के सैन्य प्रमुख हर्ज़ी हलेवी ने दी है।
लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजराइली हमलों में 492 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
हर्जी हलेवी ने कहा, कि "हम उन लड़ाकू बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहे हैं, जिन्हें हिज्बुल्लाह पिछले 20 वर्षों से बना रहा है। यह काफी महत्वपूर्ण है। हम लक्ष्यों पर हमला कर रहे हैं और अगले चरणों की तैयारी कर रहे हैं।" हालांकि, उन्होंने इससे ज्यादा कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन उन्होंने कहा, कि वे "जल्द ही विस्तार से बताएंगे।"
इससे पहले, सोमवार को इजराइली हमलों में 356 से ज्यादा लेबनानी मारे गए थे, जो 2006 के इजरायल-हिज्बुल्लाह युद्ध के बाद सबसे घातक हमला था।

इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने हवाई अभियान को आगे बढ़ाने से पहले दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के निवासियों को अपने घरों को खाली करने की चेतावनी दी थी। हजारों लेबनानी दक्षिण की ओर भाग गए हैं और दक्षिणी बंदरगाह शहर सिडोन से बाहर निकलने वाला मुख्य राजमार्ग 2006 के बाद से सबसे बड़े पलायन में बेरूत की ओर जाने वाली कारों से जाम हो गया।
मरने वालों की संख्या 2020 में बेरूत के विनाशकारी बंदरगाह विस्फोट से भी ज्यादा हो गई है, जब एक गोदाम में संग्रहीत सैकड़ों टन अमोनियम नाइट्रेट में विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 218 लोग मारे गए थे और 6,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
वहीं, लेबनानी नागरिकों को एक रिकॉर्ड किए गए संदेश में, इजराइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें क्षेत्र को खाली करने के इजराइल के आह्वान पर ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, कि "इस चेतावनी को गंभीरता से लें।" नेतन्याहू ने कहा, "कृपया अब खतरे से दूर हो जाएं। एक बार हमारा ऑपरेशन खत्म हो जाने के बाद, आप सुरक्षित रूप से अपने घरों में वापस आ सकते हैं।"
इजरायली सेना ने सोमवार शाम को कहा कि उसने बेरूत में एक टारगेटेड हमला किया है, हालांकि उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।

लेबनान के अस्पतालों को निशाना बनाया गया
लेबनान की सरकारी राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया है, कि दक्षिणी बेरूत में बीर अल-अबेद इलाके पर तीन मिसाइलों से हमला किया गया। हिज्बुल्लाह के अल-मनार टीवी ने बताया है, कि छह लोग घायल हुए हैं। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और पत्रकारों को वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री फिरास अबियाद ने बेरूत में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया है, कि पहले के हमलों में अस्पताल, चिकित्सा केंद्र और एम्बुलेंस को निशाना बनाया गया था। सरकार ने देश के ज्यादातर हिस्सों में स्कूलों और विश्वविद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया और दक्षिण से विस्थापित लोगों के लिए आश्रय स्थल तैयार किया जा रहा है।
इजराइली सेना ने घोषणा की है, कि उसने लगभग 800 लक्ष्यों को निशाना बनाया है, और कहा कि वह हिज्बुल्लाह के हथियार स्थलों पर हमला कर रही है। कुछ हमलों ने दक्षिण और पूर्वी बेका घाटी के आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया है। एक हमले में मध्य लेबनान में बायब्लोस तक के जंगली इलाके को निशाना बनाया गया, जो बेरूत के उत्तर में सीमा से 130 किलोमीटर से ज्यादा दूर है।
इजराइली सेना ने कहा है, कि वह सीरिया के साथ लेबनान की पूर्वी सीमा के साथ घाटी के क्षेत्रों को शामिल करने के लिए हवाई हमलों का विस्तार कर रही है। हिज्बुल्लाह की घाटी में लंबे समय से मौजूदगी है, जहां इस समूह की स्थापना 1982 में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की मदद से की गई थी।
हिज्बुल्लाह के पलटवार में कितना दम?
वहीं, हिज्बुल्लाह ने भी कल इजराइल पर 200 से ज्यादा रॉकेट दागे, जिससे उत्तरी इजराइल, खाड़ी महानगर हाइफा के पास तथा दक्षिण में तेल अवीव के पास पश्चिमी तट की कुछ बस्तियों तक सायरन बजने लगे, हालांकि हिज्बुल्लाह के हमलों में कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
वहीं, हमास की सशस्त्र शाखा, इज़्ज़-उद-दीन अल-क़स्साम ब्रिगेड्स का कहना है, कि दक्षिणी लेबनान में उसका फील्ड कमांडर महमूद अल नादेर, सोमवार को लेबनान में एक इजरायली हमले में मारा गया है।
इजराइल ने दावा किया है, कि हिज्बुल्लाह ने पिछले अक्टूबर से इजराइल में करीब 9,000 रॉकेट और ड्रोन लॉन्च किए हैं, जिनमें अकेले सोमवार को 250 रॉकेट्स शामिल हैं। इजराइल का अनुमान है कि हिज्बुल्लाह के पास करीब 150,000 रॉकेट और मिसाइल हैं, जिनमें गाइडेड मिसाइल और लंबी दूरी की प्रोजेक्टाइल शामिल हैं, जो इजराइल में कहीं भी हमला करने में सक्षम हैं।
वहीं, इजराइल के सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगरी ने कहा है, कि इजराइली सेना हिज्बुल्लाह को इजराइल के साथ लेबनान की सीमा से बाहर निकालने के लिए "जो भी आवश्यक होगा" करेगी।
हगरी ने दावा किया कि सोमवार के व्यापक हवाई हमलों ने हिज्बुल्लाह को भारी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन उन्होंने ऑपरेशन के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई और कहा, कि अगर जरूरत पड़ी तो इजराइल लेबनान पर जमीनी हमला करने के लिए भी तैयार है।












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