Donald Trump Ultimatum: 'हमास ने बंधकों को नहीं छोड़ा, तो सब कुछ बर्बाद', ट्रंप ने 5 दिनों का दिया अल्टीमेटम
Donald Trump Ultimatum: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने गाजा में बंधकों को शनिवार (15 फरवरी) दोपहर तक रिहा नहीं किया, तो इजराइल को संघर्ष विराम समझौता रद्द कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो "सब कुछ बर्बाद हो जाएगा।"
हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इसका अंतिम फैसला इजराइल पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि मैं अपनी राय दे रहा हूं, लेकिन इजराइल इसे रद्द कर सकता है।"

गाजा पर अमेरिका का नियंत्रण? ट्रंप के बयान से विवाद बढ़ा
ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि गाजा पर अमेरिका का स्वामित्व होना चाहिए और वहां रहने वाले फिलिस्तीनियों को वापस लौटने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। यह बयान उनके प्रशासन के अन्य अधिकारियों की राय से मेल नहीं खाता, जिन्होंने पहले कहा था कि गाजावासियों का अस्थायी पुनर्वास किया जाना चाहिए।
पिछले सप्ताह, ट्रंप ने गाजा को अमेरिकी झंडे के अधीन लाने और इसे "मध्य पूर्व का रिवेरा" बनाने की योजना का विचार भी रखा था। उन्होंने अरब देशों, विशेष रूप से जॉर्डन और मिस्र पर दबाव बढ़ाया है कि वे गाजावासियों को अपने यहां बसने की अनुमति दें।
ट्रंप की 'रियल एस्टेट' वाली सोच पर अरब देशों की नाराजगी
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वे गाजा को सुरक्षित क्षेत्र बनाएंगे, जहां कोई खतरा न हो। उन्होंने कहा, "मैं इसका मालिक बनूंगा। यह भविष्य के लिए एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की तरह होगा।"
ट्रंप की इस टिप्पणी से अरब देशों में गहरा आक्रोश है। जॉर्डन और मिस्र ने गाजा के फिलिस्तीनियों को अपने देश में शरण देने की संभावना को खारिज कर दिया है। इन देशों का कहना है कि वे पहले ही बड़ी संख्या में शरणार्थियों को समायोजित कर चुके हैं और इससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
हमास ने ट्रंप के बयान को बताया 'बेतुका'
हमास के एक वरिष्ठ नेता इज़्ज़त अल-रिश्क ने ट्रंप की गाजा पर अमेरिकी स्वामित्व की योजना को "बेतुका और अज्ञानता भरा" बताया। उन्होंने कहा कि ट्रंप फिलिस्तीन को एक व्यापारिक डील की तरह देख रहे हैं, लेकिन फिलिस्तीनी जनता उनकी किसी भी योजना को सफल नहीं होने देगी।
क्या ट्रंप की योजना इजराइल-हमास संघर्ष को और भड़का सकती है?
ट्रंप के इन बयानों ने इजराइल और हमास के बीच पहले से तनावपूर्ण युद्धविराम समझौते को खतरे में डाल दिया है। अरब देशों के विरोध के अलावा, अमेरिकी अधिकारियों ने भी ट्रंप की इस नीति पर संदेह जताया है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ट्रंप की योजना "गाजा को अस्थायी रूप से खाली कराने और पुनर्निर्माण करने" तक सीमित हो सकती है, लेकिन ट्रंप की टिप्पणियों से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या अमेरिका गाजा में सैनिक भेजेगा?
ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों को गाजा में तैनात करने की संभावना को भी खारिज नहीं किया, हालांकि उन्होंने साफ किया कि गाजा के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका कोई आर्थिक सहायता नहीं देगा। इससे साफ है कि ट्रंप का पूरा फोकस गाजा को रणनीतिक रूप से नियंत्रित करने पर है, न कि मानवीय सहायता देने पर।
डोनाल्ड ट्रंप के इन बयानों ने इजराइल-हमास संघर्ष को नए विवादों में घसीट लिया है। जहां एक ओर उन्होंने हमास को चेतावनी दी है कि अगर बंधकों को जल्द नहीं छोड़ा गया, तो संघर्ष विराम समझौता रद्द कर देना चाहिए, वहीं दूसरी ओर गाजा पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी योजना ने अरब देशों की नाराजगी को बढ़ा दिया है।
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