UNRWA Explained: संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी क्या हमास के आतंकियों के लिए करती है काम? इजराइल ने लगाया प्रतिबंध
Israel banned UNRWA: सोमवार को इजराइल के नेसेट (संसज) ने दो कानून पारित किए, जो फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) को इजराइल की सीमाओं के भीतर कोई भी अभियान चलाने से रोकते हैं।
इजराइल का ये नया कानून, एजेंसी के साथ इजराइल के लंबे समय से चले आ रहे, लेकिन तनावपूर्ण संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय निकायों और मानवीय समूहों के बीच गाजा में पहले से ही गंभीर मानवीय संकट पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में चिंता बढ़ गई है, जहां UNRWA एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इजराइल के दो कानून क्या हैं?
पहला इजराइली कानून, जिसे 92 वोटों के मुकाबले 10 के भारी समर्थन से पारित किया गया, वो UNRWA को इजराइल के भीतर सभी गतिविधियों, बातचीत या सेवाओं को जारी रखने से रोकता है और दूसरा कानून, जिसे 87 वोटों के मुकाबले 9 के भारी बहुमत के साथ पारित किया गया, वो संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के साथ इजराइल के राजनयिक संबंधों को औपचारिक रूप से खत्म कर देता है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस कदम का बचाव करते हुए इस फैसले को उन आरोपों से जोड़ा, कि UNRWA के कई कर्मचारी हमास से जुड़े हुए हैं, जो इजराइल के साथ चल रहे संघर्ष में शामिल फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह है।
नेतन्याहू ने कहा, कि "इजराइल के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल UNRWA कार्यकर्ताओं को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। चूंकि मानवीय संकट से बचना भी आवश्यक है, इसलिए गाजा में अभी और भविष्य में निरंतर मानवीय सहायता उपलब्ध रहनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, कि इजराइल आने वाले महीनों में अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके, कि सहायता गाजा तक सुरक्षित तरीके से पहुंचे, इस तरह से, कि "इजराइल की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।"
इजराइली संसद नेसेट ने एक कानून और पारित किया है, जिसमें कहा गया कि इजराइली अधिकारी UNRWA के साथ सभी संपर्क खत्म कर देंगे, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में अपवादों को शामिल किया गया है। यह प्रतिबंध लगभग 90 दिनों में प्रभावी होगा, जो इस बात का संकेत है, कि UNRWA के ऑपरेशन, विशेष रूप से उग्रवादी समूहों से संबंधों के बारे में इजराइल के गहरे संदेह चरम पर पहुंच गए हैं।
इजराइली सांसद शैरेन हास्केल ने समर्थन जताते हुए कहा, कि "यदि संयुक्त राष्ट्र इस संगठन को आतंकवाद और हमास कार्यकर्ताओं से मुक्त करने के लिए तैयार नहीं है, तो हमें यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे, कि वे हमारे लोगों को फिर कभी नुकसान न पहुंचा सकें।"

UNRWA क्या है? गाजा में इसकी क्या भूमिका है?
UNRWA की स्थापना 1948 में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को मदद पहुंचाने के लिए जिम्मेदार, एक प्राथमिक एजेंसी के रूप में की गई थी, और इसका काम, उन लोगों की मदद करना था, जो पहले अरब-इजरायल युद्ध के दौरान गाजा से भाग गए थे या निष्कासित कर दिए गए थे। आज, यह एजेंसी गाजा, वेस्ट बैंक, जॉर्डन, लेबनान और सीरिया में लगभग 60 लाख रजिस्टर्ड फिलिस्तीनी शरणार्थियों की सेवा करती है, और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सेवाओं में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है।
अकेले सिर्फ गाजा में 19 लाख से ज्यादा फिलिस्तीनी भोजन, पानी और स्वच्छता के लिए UNRWA पर निर्भर हैं, जबकि लगभग 650,000 बच्चे इसके स्कूलों के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करते हैं।
इस एजेंसी के साथ करीब 30,000 फिलिस्तीनी काम कर रहे हैं और पेट पालते हैं और उसने बताया है, कि हमास के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजराइली हवाई हमलों और छापों के दौरान उसके 200 से ज्यादा कर्मचारी मारे गए हैं।
UNRWA के महाआयुक्त फिलिप लाजारिनी ने इजराइल के कदम को एक "खतरनाक मिसाल" करार दिया है, और चेतावनी दी है, कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत इजराइल के दायित्वों का उल्लंघन करता है और इससे "फिलिस्तीनियों की पीड़ा और बढ़ेगी, खासकर गाजा में, जहां लोग एक साल से ज्यादा समय से नरक जैसी स्थिति से गुजर रहे हैं।"
UNRWA के काम का दायरा अक्सर इजराइल के साथ विवाद का विषय रहा है, विशेष रूप से मूल फिलिस्तीनी शरणार्थियों के वंशजों की सेवा करने के एजेंसी के नियम को लेकर, जिनके बारे में इजराइल का तर्क है, कि उन्हें अब शरणार्थी नहीं माना जाना चाहिए।
UNRWA को लेकर इजराइल के आरोप क्या हैं?
इजराइल ने यह कदम कई आरोपों के बाद उठाया है, जिसमें कहा गया है, UNRWA के कुछ कर्मचारियों का संबंध हमास जैसे आतंकवादी समूहों से है। इस साल की शुरुआत में इजराइल ने आरोप लगाया था, कि लेबनान में मारे गए हमास कमांडर ने पहले UNRWA में पद संभाला था, जैसा कि गाजा में मारे गए हमास के दूसरे कमांडर ने किया था।
हाल ही में इजराइल ने अमेरिका को एक डोजियर दिया था, जिसमें UNRWA के 12 कर्मचारियों के खिलाफ अपने आरोपों का ब्यौरा दिया गया था, जिनमें से नौ कथित तौर पर एजेंसी के भीतर तो शिक्षक के रूप में काम करते थे, लेकिन वो इस्लामिक जिहाद और हमास के साथ जुड़े थे। इजराइल का दावा है, कि एजेंसी के 190 से ज्यादा कर्मचारी हमास या इस्लामिक जिहाद से जुड़े हो सकते हैं।
इजराइली सांसद बोअज़ बिस्मथ के अनुसार, "UNRWA शरणार्थियों के लिए सहायता एजेंसी नहीं है। यह हमास के लिए सहायता एजेंसी है।"
UNRWA ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए कदम उठाए हैं और जांच के बाद नौ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, लेकिन यह भी कहा है, कि यह अपने रैंकों के भीतर उग्रवाद से किसी भी तरह के संबंध को जड़ से खत्म करने के लिए तेजी से काम करता है।
एजेंसी के प्रवक्ता जूलियट तौमा के अनुसार, "यह अपमानजनक है कि संयुक्त राष्ट्र का एक सदस्य देश एक संयुक्त राष्ट्र एजेंसी को खत्म करने के लिए काम कर रहा है, जो गाजा में मानवीय अभियान में सबसे बड़ी प्रतिक्रिया देने वाली एजेंसी भी है।"
इजराइल के इस नए कानून के तहत UNRWA की शैक्षणिक सेवाएँ खतरे में आ गई हैं, जिससे संभावित रूप से सैकड़ों हजारों छात्र अपनी स्कूली शिक्षा से वंचित हो सकते हैं। एजेंसी वर्तमान में गाजा में आठ शरणार्थी शिविरों का प्रबंधन करती है और पूरे क्षेत्र में कई स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं संचालित करती है।
UNRWA के लाज़ारिनी के मुताबिक, "यह कानून वहां के 650,000 से ज्यादा लड़कियों और लड़कों को शिक्षा से वंचित कर देगा, जिससे बच्चों की एक पूरी पीढ़ी खतरे में पड़ जाएगी।"
UNRWA के भविष्य के बारे में अनिश्चितता की वजह से, अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थ गाजा को स्थिर करने और सहायता वितरण को बढ़ाने के लिए युद्ध विराम पर दबाव डाल रहे हैं। कथित तौर पर मिस्र, अमेरिका और कतर के बीच बातचीत चल रही है, जिसका उद्देश्य हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई के बदले में एक अस्थायी युद्ध विराम पर बातचीत करना है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी ने दो दिवसीय युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा है, और इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस पहल के बारे में सतर्क आशा व्यक्त की है। हालांकि, हमास की ओर से कोई निर्णायक प्रतिक्रिया नहीं आई है।












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