इमरान खान को साजिश के तहत फंसाया गया? जानिए ट्रायल कोर्ट की सजा को हाईकोर्ट ने क्यों कहा गलत फैसला
Imran Khan Islamabad High Court: इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को तोशाखाना मामले में रिहा करने के आदेश दिए हैं और इसके साथ ही, शहबाज शरीफ को बहुत बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान खान का राजनीतिक कैरियर खत्म कर दिया था और आराम से उन्होंने पाकिस्तान संसद को भंग कर दिया था।
लेकिन, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने माना है, इमरान खान पर लिए ट्रायल कोर्ट के फैसले में कई खामियां हैं। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक ने शुक्रवार को कहा था, कि तोशखाना मामले में पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान को दोषी ठहराकर ट्रायल कोर्ट ने "गलत किया"।

इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने क्या कहा?
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी शुक्रवार यानि 25 अगस्त को थी और फिर उन्होंने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने इमरान खान को मिली सजा को सस्पेंड कर दिया है।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी तोशाखाना के फैसले को चुनौती देने वाली पीटीआई प्रमुख की अपील की सुनवाई के दौरान की थी, जिसमें उन्हें इस महीने की शुरुआत में तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई थी और 100,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
सबसे दिलचस्प ये था, कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट में इतनी अहम सुनवाई के दौरन पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के कानूनी वकील अमजद परवेज खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पीठ के सामने पेश ही नहीं हुए, जबकि कोर्ट अपना फैसला सुनाने के करीब था।
वहीं, पाकिस्तान चुनाव आयोग की तरफ से पेश हुए सहायक वकील ने हाईकोर्ट से अगली तारीख की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
सहायक वकील ने कोर्ट को कहा था, कि डॉक्टरों ने परवेज को आराम करने की सलाह दी है।
इस पर आईएचसी के मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "सजा को निलंबित करने का अनुरोध अब महत्वपूर्ण चरण में है।" कोर्ट ने अगली तारीख देने से इनकार करते हुए कहा, कि बहस पंद्रह से बीस मिनट में पूरी हो जाएगी।
वहीं, आज चीफ जस्टिस फारूक और न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगीरी की दो सदस्यीय इस्लामाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने निचली अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीएसजे) हुमायूं दिलावर द्वारा खान की सजा को सस्पेंड कर दिया है।

25 अगस्त को चीफ जस्टिस ने कहा था, कि "हम भी वही कर सकते हैं, जो ट्रायल कोर्ट ने किया, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे।"
इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने ट्रायल कोर्ट के फैसले की आलोचना करते हुए कहा है, कि पार्टी प्रमुख इमरान खान और उनके वकील की अनुपस्थिति में, ट्रायल कोर्ट ने जल्दबाजी में फैसला सुनाया।
इमरान खान के वकीलों की इस दलील को भी इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुना गया।
वहीं, इस्लामाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति फारूक ने कहा, कि "हम मामले को सोमवार तक के लिए स्थगित करते हैं, और अगर कोई नहीं आता है, तब भी हम अपना फैसला सुनाएंगे।'' उन्होंने आगे टिप्पणी करते हुए कहा, कि निचली अदालत ने जो किया, वह गलत था।
इस पर पीटीआई के वकील लतीफ़ खोसा ने टिप्पणी की, कि "एक व्यक्ति बीस दिनों से जेल में है। क्या [आप] पीटीआई अध्यक्ष को अगले तीन दिनों के लिए जेल में रखेंगे?"
पीटीआई के वकीलों ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट से फौरन इमरान खान को रिहा करने का अनुरोध किया था, जिसे आज कोर्ट ने मान लिया है।
तोशाखाना मामले में खान को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कैद की सजा के अलावा 100,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसे इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 'गलत' करार दिया है।












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