तोशाखाना केस में इमरान खान को बड़ी राहत, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने दिए रिहा करने के आदेश
Imran Khan Islamabad High Court: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने मंगलवार को तोशाखाना मामले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान की सजा को सस्पेंड कर दिया है।
इ्स्लामाबाद हाईकोर्ट ने एक दिन पहले सुरक्षित रखे गए संक्षिप्त फैसले की आज घोषणा की है, जिसमें उसने अधिकारियों को पीटीआई प्रमुख को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है, कि वह बाद में जारी किए जाने वाले विस्तृत फैसले में सजा को सस्पेंड करने को लेकर बाकी आदेश जारी करेगा।

इस्लामाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला, इमरान खान के लिए एक बड़ी कानूनी जीत है, जिन्होंने तोशाखाना मामले में अपनी दोषसिद्धि और दी गई सजा को चुनौती दी थी।
इस महीने की शुरुआत में, इस्लामाबाद की एक जिला और सत्र अदालत ने इमरान खान को तोशाखाना मामले में भ्रष्ट आचरण का दोषी पाते हुए तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी और 100,000 रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसके बाद इमरान खान के पांच साल चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान, जिन्हें दोषसिद्धि के कारण किसी भी सार्वजनिक पद को संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है, उन्हें ट्रायल कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था और तब से वह अटॉक जेल में कैद हैं।
तोशाखाना मामला क्या है?
तोशाखाना का अर्थ सरकारी खजाना होता है। ये विभाग पाकिस्तान में कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आता है।
पाकिस्तान में नेताओं के अलावा सरकारी पदों पर तैनात तमाम बड़े अधिकारियों को विदेशों से मिलने वाले किसी भी उपहार को सरकारी खजाने में जमा कराना होता है। तोशेखान नियमों के मुताबिक, जिन लोगों पर ये नियम लागू होते हैं, उन्हें मिलने वाले उपहारों की जानकारी कैबिनेट डिवीजन को दिया जाना जरूरी है।
लेकिन, इमरान खान पर आरोप लगा, कि उन्होंने किसी भी नियम का पालन नहीं किया।
इमरान खान साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे और इसके बाद वे अलग-अलग देशों की यात्रा पर गए। यूरोप और अरब देशों की यात्रा करने के दौरान उन्हें कई बार कीमती उपहार मिले थे।
इन गिफ्ट्स में एक Graff घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां सहित कई अन्य उपहार भी थे।
इमरान खान ने इन उपहारों को तो तोशेखान में जमा करा दिया था, लेकिन बाद में इन्हें सस्ते दामों पर खरीद लिया और खूब मुनाफे में बेचा।
आरोप है, कि इस पूरी प्रक्रिया को उनकी सरकार ने बकायदा कानूनी अनुमति दी थी।
जब इसका खुलासा हुआ, तो इमरान खान ने कहा कि ये उनके गिफ्ट हैं, जो उन्हें निजी तौर पर दिए गए हैं, इसलिए इन पर उनका हक है, यह उनकी मर्जी है कि वह इन गिफ्ट को अपने पास रखें या नहीं। लेकिन जब इसके बाद इमरान खान पर प्रेशर बना, तो उन्होंने बहाना बनाया, कि वह इस बारे में कुछ भी नहीं बता सकते हैं, क्योंकि इससे अन्य देशों के साथ पाकिस्तान के संबंध खतरे में पड़ जाएंगे।
लेकिन, जब इमरान खान पर और ज्यादा दबाव और बढ़ा, तो उन्होंने कुबूल किया कि तोशाखाना से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था, बेचने पर उन्हें 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। बाद में खुलासा हुआ कि इमरान खान ने ये गिफ्ट्स बेचकर 20 करोड़ से भी अधिक पाकिस्तानी रुपये वसूले थे।












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